विशेषण (Adjective) की सरल परिभाषा, उदाहरण और उपयोग को समझाने वाला हिंदी व्याकरण इन्फोग्राफिक। छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं और स्कूल की पढ़ाई के लिए उपयोगी।
विशेषण (Visheshan) – परिभाषा, 5 भेद, उदाहरण और पहचान हिंदी में
पाठकों के लिए: यह लेख कक्षा 6–12 के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं (TET, CTET, UPSC, SSC, रेलवे) की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों और हिंदी व्याकरण सीखने वाले सभी पाठकों के लिए है। इस लेख की समीक्षा एक हिंदी विषय विशेषज्ञ द्वारा की गई है और इसे NCERT की हिंदी व्याकरण पाठ्यक्रम रूपरेखा तथा डॉ. वासुदेवनंदन प्रभृति विद्वानों के व्याकरण ग्रंथों के आधार पर तैयार किया गया है।
संक्षेप में (Quick Answer)
विशेषण (Adjective) वह शब्द है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता — यानी उसके गुण, दोष, संख्या, परिमाण, रंग, आकार या पहचान — को बताता है। उदाहरण: “लाल फूल” में ‘लाल’ विशेषण है और ‘फूल’ संज्ञा (विशेष्य) है।
हिंदी व्याकरण में विशेषण के मुख्य 5 प्रकार माने जाते हैं:
| क्र. | विशेषण का प्रकार | क्या बताता है | पहचान का प्रश्न |
|---|---|---|---|
| 1 | गुणवाचक विशेषण | गुण, रंग, आकार, स्वभाव | कैसा? |
| 2 | संख्यावाचक विशेषण | संख्या, क्रम, गणना | कितने? |
| 3 | परिमाणवाचक विशेषण | मात्रा, नाप-तौल | कितना? |
| 4 | सार्वनामिक विशेषण | संबंध/पहचान (सर्वनाम रूप में) | किसका? |
| 5 | निपातवाचक विशेषण | प्रत्येक व्यक्ति/वस्तु अलग-अलग | हर कोई? |
यह तालिका आपको पूरे लेख का सार देती है। नीचे हम प्रत्येक प्रकार को उदाहरणों के साथ विस्तार से समझेंगे।
विशेषण क्या है? (विशेषण की परिभाषा)
विशेषण की परिभाषा: “जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण, रंग, आकार, पहचान आदि) बताता है, उसे विशेषण कहते हैं।”
शब्द की व्युत्पत्ति (शब्द मूल): संस्कृत में ‘विशेषण’ शब्द ‘वि’ (विशेष) + ‘शेषण’ (बताना) से बना है, जिसका अर्थ है — “विशेष रूप से बताने वाला”। अर्थात् वह शब्द जो किसी व्यक्ति या वस्तु की विशेषता को विशेष रूप से प्रकट करता है। अंग्रेज़ी में इसे Adjective कहते हैं।
आसान शब्दों में — जब हम किसी व्यक्ति, जानवर, वस्तु या स्थान के बारे में बताते हैं कि वह कैसा है, कितना है, कितने हैं, कैसे रंग का है या किसका है, तो इन सवालों का जवाब देने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं।
उदाहरण से समझें:
- “यह आम मीठा है।” → यहाँ ‘मीठा’ शब्द आम (संज्ञा) के गुण को बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।
- “तीन लड़के खेल रहे हैं।” → ‘तीन’ लड़कों की संख्या बताता है, इसलिए विशेषण है।
- “उसकी किताब यहाँ है।” → ‘उसकी’ सर्वनाम के रूप में किताब (संज्ञा) की पहचान बताता है, इसलिए सार्वनामिक विशेषण है।
विशेष्य किसे कहते हैं?
विशेषण को पूरी तरह समझने के लिए ‘विशेष्य’ को जानना ज़रूरी है, क्योंकि विशेषण हमेशा किसी विशेष्य की ही विशेषता बताता है।
विशेष्य की परिभाषा: “वाक्य में जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताई जाती है, उसे विशेष्य कहते हैं।”
आसान भाषा में — विशेष्य वह शब्द है जिसके बारे में कुछ बताया जाता है, और विशेषण वह शब्द है जो उसके बारे में कुछ बताता है।
उदाहरण:
- “लाल फूल” → यहाँ ‘लाल’ विशेषण है और ‘फूल’ विशेष्य है।
- “सुंदर लड़की” → यहाँ ‘सुंदर’ विशेषण है और ‘लड़की’ विशेष्य है।
- “पाँच आम” → यहाँ ‘पाँच’ विशेषण है और ‘आम’ विशेष्य है।
विशेषण और विशेष्य में अंतर (तुलना तालिका)
| बिंदु | विशेषण (Adjective) | विशेष्य (Modified Noun/Pronoun) |
|---|---|---|
| परिभाषा | जो विशेषता बताता है | जिसकी विशेषता बताई जाती है |
| भूमिका | विशेष्य का गुण/संख्या/पहचान प्रकट करता है | विशेषण द्वारा वर्णित होता है |
| शब्द-श्रेणी | विशेषण | संज्ञा या सर्वनाम |
| उदाहरण शब्द | मीठा, सुंदर, लंबा, तीन | आम, फूल, लड़का, किताब |
| वाक्य में | “मीठा आम” में ‘मीठा’ | “मीठा आम” में ‘आम’ |
| पूरा वाक्य | “यह मीठा आम है।” — यहाँ ‘मीठा’ विशेषण है। | इसी वाक्य में ‘आम’ विशेष्य है। |
निष्कर्ष: विशेषण और विशेष्य दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं — विशेषण हमेशा किसी विशेष्य के साथ आकर उसकी जानकारी को पूर्ण बनाता है।
विशेषण के उदाहरण (5 उदाहरण)
नीचे दिए गए उदाहरणों में हमने विशेष्य और उसके विशेषण दोनों को अलग-अलग दिखाया है, ताकि आप स्पष्ट रूप से समझ सकें:
| क्र. | वाक्य | विशेष्य (संज्ञा/सर्वनाम) | विशेषण | विशेषण का प्रकार |
|---|---|---|---|---|
| 1 | यह आम मीठा है। | आम (संज्ञा) | मीठा | गुणवाचक |
| 2 | यह कार काली है। | कार (संज्ञा) | काली | गुणवाचक |
| 3 | गुलाब का फूल सुंदर होता है। | फूल (संज्ञा) | सुंदर | गुणवाचक |
| 4 | जो छात्र सबसे तेज़ है, वही इनाम पाएगा। | जो/वही (सर्वनाम) | तेज़ | गुणवाचक |
| 5 | उसकी आवाज़ मधुर है। | आवाज़ (संज्ञा) | मधुर | गुणवाचक |
विशेषण के 5 प्रकार (Visheshan ke Bhed)
हिंदी व्याकरण में विशेषण के मुख्य 5 प्रकार माने जाते हैं। कई पुस्तकों में केवल चार प्रकार (गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक) बताए जाते हैं, लेकिन व्याकरणिक दृष्टि से निपातवाचक विशेषण को पाँचवाँ प्रकार माना जाता है। इस लेख में हम सभी पाँचों प्रकारों को उदाहरणों सहित विस्तार से समझेंगे:
- गुणवाचक विशेषण
- संख्यावाचक विशेषण
- परिमाणवाचक विशेषण
- सार्वनामिक विशेषण
- निपातवाचक विशेषण
1. गुणवाचक विशेषण (Gunvachak Visheshan)
गुणवाचक विशेषण की परिभाषा: “वह विशेषण जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के स्वभाव, रंग, रूप, आकार, अवस्था या अन्य गुणों-दोषों को दर्शाए, उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं।”
पहचान का प्रश्न: गुणवाचक विशेषण की पहचान इस प्रश्न से होती है — “कैसा? कैसी? कैसे?“
गुणवाचक विशेषण को बताए गए गुण के आधार पर चार उप-भेदों में देखा जा सकता है:
| उप-प्रकार | क्या बताता है | उदाहरण शब्द |
|---|---|---|
| रंग बोधक | वस्तु का रंग | लाल, हरा, काला, नीला, पीला |
| आकार बोधक | वस्तु का रूप/आकार | गोल, लंबा, छोटा, चौड़ा, पतला |
| स्वभाव बोधक | व्यक्ति का स्वभाव/गुण | ईमानदार, चतुर, शांत, तेज़, सच्चा |
| अवस्था बोधक | व्यक्ति/वस्तु की स्थिति | बीमार, थका हुआ, गर्म, ठंडा, नया |
गुणवाचक विशेषण के उदाहरण
- उसकी मखमली आवाज़ सबको भाती है। (रूप/गुण)
- इस गाँव का वातावरण शांत है। (स्वभाव/अवस्था)
- वह बालक तेजस्वी है। (स्वभाव)
- माँ ने आज लजीज भोजन बनाया। (गुण)
- पहाड़ों की हवा शीतल होती है। (अवस्था/स्पर्श)
- उसके पास एक चमकीली घड़ी है। (रूप)
- बगीचे में सुगंधित फूल खिले हैं। (गुण)
- बच्चे को नीली शर्ट बहुत पसंद आई। (रंग)
शिक्षक की टिप: वाक्य में जिस शब्द से यह पता चले कि कोई वस्तु या व्यक्ति “कैसा” है, वह लगभग हमेशा गुणवाचक विशेषण होता है। यह विशेषण का सबसे आम प्रकार है।
2. संख्यावाचक विशेषण (Sankhyavachak Visheshan)
संख्यावाचक विशेषण की परिभाषा: “जो विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम की संख्या, क्रम या गणना का बोध कराता है, उसे संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।”
शब्द मूल: ‘संख्यावाचक’ = ‘संख्या’ (गिनती) + ‘वाचक’ (बताने वाला) = “संख्या बताने वाला”।
पहचान का प्रश्न: संख्यावाचक विशेषण की पहचान इस प्रश्न से होती है — “कितने?” या “किस क्रम में?“
संख्यावाचक विशेषण के उदाहरण
- पच्चीस छात्र परीक्षा में बैठे।
- उसने ढाई किलो आम खरीदे।
- तीसरे स्थान पर मेरी टीम थी।
- दोनों मित्र साथ में आए।
- हर पाँच मिनट पर घड़ी बजती है।
संख्यावाचक विशेषण के दो मुख्य भेद
संख्यावाचक विशेषण को गणना की निश्चितता के आधार पर दो भागों में बाँटा जाता है:
(क) निश्चित संख्यावाचक विशेषण
जिन विशेषणों में संख्या या क्रम स्पष्ट और निश्चित होता है। जैसे — एक, दस, तीन, आठ, तीसरा, चौथा आदि।
निश्चित संख्यावाचक विशेषण के निम्नलिखित 6 भेद होते हैं:
I) पूर्णांक बोधक विशेषण (Cardinal Adjective) — जो शब्द पूरी (पूर्ण) संख्या बताते हैं।
- उदाहरण: एक, तीन, सात, सौ आदि।
- वाक्य: पाँच खिलाड़ी मैदान में अभ्यास कर रहे थे। उसने तीन किताबें पढ़ डालीं।
II) अपूर्णांक बोधक विशेषण (Fractional Adjective) — जो शब्द अधूरी या भिन्न (अपूर्ण) संख्या बताते हैं।
- उदाहरण: सवा, डेढ़, ढाई, पौना आदि।
- वाक्य: सवा चार बजे से बिजली नहीं आई। ढाई किलो आम लेते आना। पौना घंटा प्रतीक्षा करनी पड़ी।
III) क्रमवाचक विशेषण (Ordinal Adjective) — जो शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति का क्रम (Order) बताते हैं।
- उदाहरण: पहला, तीसरा, छठा, नौवाँ आदि।
- वाक्य: वह तीसरी कतार में बैठा है। मेरी बहन ने छठी कक्षा में टॉप किया। यह उसका पहला विदेश दौरा है।
IV) आवृत्तिवाचक विशेषण (Multiplicative Adjective) — जो शब्द संख्या की पुनरावृत्ति या गुणा (गुणन) को दर्शाते हैं।
- उदाहरण: दोगुना, तिगुना, चार गुना, बीस गुना आदि।
- वाक्य: उसने दवा की खुराक दोगुनी कर दी। आज का ट्रैफिक कल से दोगुना ज़्यादा था।
V) समूहवाचक विशेषण (Collective Numeral Adjective) — जो शब्द संख्या के समूह को दर्शाते हैं।
- उदाहरण: दोनों, तीनों, चारों, पाँचों आदि।
- वाक्य: दोनों मित्र साथ में सैर पर निकले। चारों दिशाओं में धुंध छाई थी।
VI) प्रत्येक बोधक विशेषण (Distributive Adjective) — जो शब्द हर एक व्यक्ति या वस्तु को अलग-अलग रूप में दर्शाते हैं।
- उदाहरण: हरेक, प्रति, प्रत्येक, एक-एक आदि।
- वाक्य: प्रत्येक छात्र को एक प्रश्न हल करना था। हरेक मकान का रंग अलग था।
ध्यान दें: प्रत्येक बोधक विशेषण (हरेक, प्रत्येक) को कुछ विद्वान निपातवाचक विशेषण के अंतर्गत भी रखते हैं। दोनों व्याख्याएँ मान्य हैं।
(ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
जिन विशेषणों में संख्या अनिश्चित (अस्पष्ट) होती है — यानी सटीक गिनती पता नहीं होती।
- उदाहरण शब्द: अनेक, कई, सब, बहुत सारे, अनगिनत, हज़ारों, सैकड़ों आदि।
- वाक्य: कई बार मैंने तुम्हें फोन किया। हज़ारों लोग मेले में पहुँचे। अनेक सपने अब भी अधूरे हैं।
पहचान की ट्रिक: जब निश्चित संख्यावाचक विशेषण (एक, दो, सौ, हज़ार आदि) के पहले ‘लगभग’, ‘करीब’, ‘कोई’ जैसे शब्द जुड़ जाएँ या बाद में ‘-ओं’ प्रत्यय लग जाए, तो वे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण बन जाते हैं। जैसे — “लगभग सौ” (अनिश्चित), “सैकड़ों” (अनिश्चित), “दो-एक” (अनिश्चित)।
3. परिमाणवाचक विशेषण (Parimanvachak Visheshan)
परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा: “जो विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा, नाप-तौल या परिमाण का बोध कराता है — परंतु सटीक संख्या नहीं बताता — उसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।”
संख्यावाचक और परिमाणवाचक में अंतर (महत्वपूर्ण): संख्यावाचक विशेषण गिनती बताता है (तीन किताबें), जबकि परिमाणवाचक विशेषण मात्रा/नाप बताता है (थोड़ा पानी, एक किलो आम)।
पहचान का प्रश्न: परिमाणवाचक विशेषण की पहचान इस प्रश्न से होती है — “कितना?“
परिमाणवाचक विशेषण के दो भेद
(क) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण
जो विशेषण किसी वस्तु की ठीक-ठीक (निश्चित) मात्रा बताते हैं।
- उदाहरण शब्द: एक लीटर, दो किलो, आधा, पूरा, चौथाई आदि।
- वाक्य:
- मैंने आधा सेब खाया।
- उसने पूरा दूध पी लिया।
- दूधवाले ने दो किलो दही दिया।
- खाने में एक चम्मच चीनी डालो।
(ख) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
जो विशेषण किसी वस्तु की अनिश्चित (अस्पष्ट) मात्रा बताते हैं।
- उदाहरण शब्द: थोड़ा, बहुत, कुछ, काफी, पर्याप्त, ज़्यादा आदि।
- वाक्य:
- मुझे थोड़ा पानी चाहिए।
- उसने बहुत सा काम किया।
- हमारे पास कुछ समय है।
- उसमें अधिक धैर्य है।
4. सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan)
सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा: “जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा से पहले आकर उसकी पहचान या संबंध बताता है, तो वह सार्वनामिक विशेषण कहलाता है।”
पहचान का प्रश्न: सार्वनामिक विशेषण की पहचान इस प्रश्न से होती है — “किसका?” या “कौन-सा?“
आसान शब्दों में — सर्वनाम शब्द (मेरा, तुम्हारा, उसका, इनका आदि) जब संज्ञा के साथ मिलकर विशेषण का कार्य करते हैं, तब वे सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Possessive/Demonstrative Adjective कहते हैं।
सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण
| क्र. | वाक्य | सार्वनामिक विशेषण | विशेष्य (संज्ञा) | क्या बताता है |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मेरे पिता ने जो सलाह दी, वह अमूल्य थी। | मेरे | पिता | किसके पिता |
| 2 | तुम्हारी पुस्तक मेज़ पर रखी है। | तुम्हारी | पुस्तक | किसकी पुस्तक |
| 3 | उसकी कहानी सबको पसंद आई। | उसकी | कहानी | किसकी कहानी |
| 4 | उनके विचार प्रेरणादायक हैं। | उनके | विचार | किसके विचार |
| 5 | इन किताबों में विज्ञान की जानकारी है। | इन | किताबें | कौन-सी किताबें |
सर्वनाम बनाम सार्वनामिक विशेषण (महत्वपूर्ण अंतर): यदि सर्वनाम शब्द संज्ञा के साथ आकर उसकी विशेषता बताए, तो वह सार्वनामिक विशेषण है (जैसे — “मेरी किताब”)। परंतु यदि वही शब्द संज्ञा के स्थान पर अकेले आ जाए, तो वह केवल सर्वनाम है (जैसे — “यह मेरी है”)।
5. निपातवाचक विशेषण (Nipatvachak Visheshan)
निपातवाचक विशेषण की परिभाषा: “जो विशेषण किसी समूह के प्रत्येक व्यक्ति या वस्तु की ओर अलग-अलग (एक-एक करके) इशारा करते हैं, उन्हें निपातवाचक विशेषण कहते हैं।”
पहचान का प्रश्न: निपातवाचक विशेषण की पहचान इस प्रश्न से होती है — “हर कोई?” या “कौन-कौन?“
- उदाहरण शब्द: प्रत्येक, हर एक, कोई भी, सब कोई, जिस-जिस, जो-जो आदि।
- वाक्य:
- प्रत्येक छात्र को ईमानदारी से काम करना चाहिए।
- हर एक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
- जो-जो लोग मेहनत करते हैं, वे सफल होते हैं।
निपातवाचक विशेषण और निपातवाचक सर्वनाम में अंतर (परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है):
- यदि ये शब्द किसी संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताएँ, तो निपातवाचक विशेषण हैं। (जैसे — “प्रत्येक छात्र“)
- यदि ये शब्द संज्ञा का स्थान ले लें (संज्ञा का प्रयोग न हो), तो निपातवाचक सर्वनाम हैं। (जैसे — “प्रत्येक को कर्तव्य निभाना चाहिए।”)
क्या “क्रियाविशेषण” विशेषण का प्रकार है? (एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण)
कई विद्यार्थी “क्रियाविशेषण” (अंग्रेज़ी में Adverb) को नाम की समानता के कारण विशेषण का ही प्रकार मान लेते हैं, क्योंकि इसमें “विशेषण” शब्द आता है। यह एक भ्रांति है।
स्पष्ट तथ्य: क्रियाविशेषण (Adverb) विशेषण का प्रकार नहीं है। यह हिंदी व्याकरण का एक अलग शब्द-भेद है।
विशेषण और क्रियाविशेषण में अंतर (तुलना तालिका)
| बिंदु | विशेषण (Adjective) | क्रियाविशेषण (Adverb) |
|---|---|---|
| किसकी विशेषता बताता है | संज्ञा या सर्वनाम की | क्रिया, विशेषण या क्रियाविशेषण की |
| उदाहरण | वह तेज़ लड़का है। (लड़के का गुण) | वह तेज़ दौड़ता है। (दौड़ने की क्रिया का तरीका) |
| पहचान का प्रश्न | कैसा? कितने? किसका? | कैसे? कब? कहाँ? कितनी मात्रा में? |
| व्याकरण श्रेणी | शब्द-भेद (विशेषण) | अलग शब्द-भेद (क्रियाविशेषण) |
स्मरणीय: “तेज़” शब्द वाक्य के प्रयोग के अनुसार कभी विशेषण है (“तेज़ लड़का”) और कभी क्रियाविशेषण है (“तेज़ दौड़ता है”)। अतः शब्द की पहचान वाक्य में उसके कार्य से होती है, न कि अकेले शब्द से।
विशेषण और संज्ञा में अंतर (Visheshan vs Sangya)
परीक्षाओं में अक्सर “विशेषण और संज्ञा में अंतर स्पष्ट कीजिए” पूछा जाता है। नीचे दी गई तुलना तालिका से यह अंतर आसानी से समझा जा सकता है:
| बिंदु | विशेषण (Adjective) | संज्ञा (Noun) |
|---|---|---|
| परिभाषा | जो शब्द संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताता है | जो शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम बताता है |
| मुख्य कार्य | संज्ञा का गुण, संख्या, परिमाण या पहचान प्रकट करना | किसी व्यक्ति/वस्तु/स्थान को नाम देना |
| पहचान | कैसा? कितने? किसका? कितना? — इनका उत्तर | कौन? क्या? — इनका उत्तर |
| उदाहरण शब्द | मीठा, सुंदर, तीन, लाल, मेरा | आम, फूल, राम, दिल्ली, पुस्तक |
| वाक्य में प्रयोग | “यह मीठा आम है।” — ‘मीठा’ विशेषण | “यह मीठा आम है।” — ‘आम’ संज्ञा (विशेष्य) |
| विशेषता | विशेषण अकेले प्रयोग होकर सार्थक नहीं होता, विशेष्य के सहारे आता है | संज्ञा स्वतंत्र रूप से सार्थक होती है |
वाक्य में विशेषण की पहचान कैसे करें? (5 आसान तरीके)
विशेषण की पहचान वाक्य में पूछे जाने वाले प्रश्नों से बहुत आसानी से की जा सकती है। नीचे दिए गए 5 तरीकों को अपनाकर आप किसी भी वाक्य में विशेषण को पहचान सकते हैं:
तरीका 1 — गुण पूछकर पहचानें (“कैसा?”)
वाक्य में जिस शब्द से पता चले कि कोई वस्तु या व्यक्ति “कैसा” है, वह गुणवाचक विशेषण है।
- उदाहरण: मिट्टी का घर ठंडा होता है।
- प्रश्न: घर कैसा है? — उत्तर: ठंडा → यह विशेषण है।
तरीका 2 — मात्रा पूछकर पहचानें (“कितना?”)
वाक्य में जो शब्द किसी वस्तु की मात्रा या नाप बताए, वह परिमाणवाचक विशेषण है।
- उदाहरण: बच्चे ने आधा आम खा लिया।
- प्रश्न: आम कितना? — उत्तर: आधा → यह विशेषण है।
तरीका 3 — संख्या पूछकर पहचानें (“कितने?”)
वाक्य में जो शब्द गिनती या क्रम बताए, वह संख्यावाचक विशेषण है।
- उदाहरण: तीन पक्षी पेड़ पर बैठे हैं।
- प्रश्न: पक्षी कितने? — उत्तर: तीन → यह विशेषण है।
तरीका 4 — पहचान/संबंध पूछकर पहचानें (“कौन-सा? किसका?”)
वाक्य में जो सर्वनाम रूपी शब्द संज्ञा की पहचान या संबंध बताए, वह सार्वनामिक विशेषण है।
- उदाहरण: यह किताब मेरी पसंदीदा है।
- प्रश्न: किताब कौन-सी? — उत्तर: यह → यह विशेषण है।
तरीका 5 — रूप, रंग या आकार पूछकर पहचानें (“किस प्रकार का?”)
वाक्य में जो शब्द वस्तु के रंग, रूप या आकार को दर्शाए, वह गुणवाचक विशेषण है।
- उदाहरण: गोल रोटी गर्मागरम थी।
- प्रश्न: रोटी किस प्रकार की? — उत्तर: गोल, गर्मागरम → ये विशेषण हैं।
एक सरल टिप (स्मरणीय): विशेषण हमेशा किसी संज्ञा या सर्वनाम की जानकारी बढ़ाता है। यदि कोई शब्द “कैसा, कितना, कितने, कौन-सा, किसका” जैसे सवालों का उत्तर देकर किसी नाम के बारे में जानकारी देता है, तो वह विशेषण है।
सभी प्रकारों की एक नज़र में पहचान (संदर्भ तालिका)
| विशेषण का प्रकार | प्रमुख शब्द (उदाहरण) | पहचान का प्रश्न |
|---|---|---|
| 1. गुणवाचक विशेषण | सुंदर, अच्छा, मीठा, तेज़, लाल, गोल | कैसा? |
| 2. परिमाणवाचक विशेषण | थोड़ा, बहुत, आधा, पूरा, एक किलो | कितना? |
| 3. संख्यावाचक विशेषण | एक, दो, तीन, पहला, दूसरा, तीसरा | कितने? |
| 4. निपातवाचक विशेषण | प्रत्येक, हर, कोई भी, जो-जो | हर कोई? |
| 5. सार्वनामिक विशेषण | मेरा, तुम्हारा, उसका, यह, वह | किसका? |
विद्यार्थियों की सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
विशेषण सीखते समय विद्यार्थी अक्सर कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। इन्हें जानने से परीक्षा में अंक कटने से बचते हैं:
- विशेषण और क्रियाविशेषण को एक मानना: “तेज़” शब्द “तेज़ लड़का” में विशेषण है, पर “तेज़ दौड़ता है” में क्रियाविशेषण है। कार्य के आधार पर पहचान करें।
- संख्यावाचक और परिमाणवाचक में अंतर न करना: “तीन किताबें” में ‘तीन’ संख्यावाचक है (गिनती), जबकि “थोड़ा पानी” में ‘थोड़ा’ परिमाणवाचक है (मात्रा)। पानी जैसी अगण्य वस्तुओं के लिए परिमाणवाचक प्रयोग होता है।
- सर्वनाम को सदैव सर्वनाम ही मानना: “मेरी किताब” में ‘मेरी’ सार्वनामिक विशेषण है, क्योंकि यह किताब (संज्ञा) की पहचान बता रहा है।
- विशेषण की लिंग-वचन की अशुद्धि: विशेषण अपने विशेष्य के अनुसार लिंग और वचन बदलता है। जैसे — “अच्छा लड़का” (पुंलिंग, एकवचन) बनेगा “अच्छी लड़कियाँ” (स्त्रीलिंग, बहुवचन)।
- विशेष्य को विशेषण समझ लेना: “लाल फूल” में कुछ विद्यार्थी ‘फूल’ को विशेषण मान लेते हैं, जबकि ‘फूल’ विशेष्य (संज्ञा) है और ‘लाल’ विशेषण है।
अभ्यास प्रश्न (विशेषण पर आधारित)
भाग A — रिक्त स्थान भरिए (उत्तर सहित)
- सूरज बहुत _______ चमक रहा है।
- उत्तर: तेज़
- मेरे पास _______ किताबें हैं।
- उत्तर: तीन
- यह _______ फूल बहुत सुंदर है।
- उत्तर: लाल
- राम एक _______ लड़का है।
- उत्तर: ईमानदार
- दीया ने _______ पानी पिया।
- उत्तर: थोड़ा
- बगीचे में _______ पेड़ लगे हैं।
- उत्तर: कई
- एक _______ बच्चा दरवाज़े पर खड़ा है।
- उत्तर: छोटा
- हमें हमेशा _______ भाषा बोलनी चाहिए।
- उत्तर: मधुर
भाग B — बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
9. “सुंदर” किस प्रकार का विशेषण है?
- (A) संख्यावाचक (B) परिमाणवाचक (C) गुणवाचक
- उत्तर: (C) गुणवाचक — ‘सुंदर’ गुण बताता है।
10. “तीन” किस प्रकार का विशेषण है?
- (A) निपातवाचक (B) संख्यावाचक (C) सार्वनामिक
- उत्तर: (B) संख्यावाचक — ‘तीन’ संख्या बताता है।
11. “मेरा” किस प्रकार का विशेषण है?
- (A) गुणवाचक (B) सार्वनामिक (C) परिमाणवाचक
- उत्तर: (B) सार्वनामिक — ‘मेरा’ सर्वनाम रूप में पहचान बताता है।
12. “थोड़ा” किस प्रकार का विशेषण है?
- (A) परिमाणवाचक (B) संख्यावाचक (C) गुणवाचक
- उत्तर: (A) परिमाणवाचक — ‘थोड़ा’ मात्रा बताता है।
13. “प्रत्येक छात्र को समय का पालन करना चाहिए।” — यहाँ कौन-सा विशेषण है?
- (A) निपातवाचक (B) संख्यावाचक (C) परिमाणवाचक
- उत्तर: (A) निपातवाचक — ‘प्रत्येक’ हर एक की ओर इशारा करता है।
भाग C — सही विशेषण चुनिए
- वह एक _______ बालक है। (ईमानदार / जल्दी)
- उत्तर: ईमानदार
- बच्चों को _______ भोजन पसंद होता है। (स्वादिष्ट / ऊँचा)
- उत्तर: स्वादिष्ट
- एक _______ पक्षी उड़ता हुआ आया। (सुंदर / पढ़ता)
- उत्तर: सुंदर
भाग D — सही या गलत बताइए
- “लाल” एक विशेषण है। —
उत्तर: सही (यह गुणवाचक/रंग बोधक विशेषण है।) - “तुम्हारा” एक संज्ञा है। —
उत्तर: गलत (यह सार्वनामिक विशेषण है।) - “हर छात्र को नियम मानना चाहिए।”
— यह वाक्य निपातवाचक विशेषण दर्शाता है। — उत्तर: सही - “तेज़” शब्प सदैव क्रिया होता है।
— उत्तर: गलत (“तेज़ लड़का” में यह विशेषण है; “तेज़ दौड़ता है” में क्रियाविशेषण है।)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs – विशेषण)
1. विशेषण किसे कहते हैं?
विशेषण वह शब्द है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, संख्या, परिमाण, रंग, आकार या पहचान) बताता है। जैसे — “सुंदर”, “बड़ा”, “तीन”, “मेरा” आदि।
2. विशेषण के कितने प्रकार होते हैं?
हिंदी व्याकरण में विशेषण के मुख्य 5 प्रकार माने जाते हैं: (1) गुणवाचक, (2) संख्यावाचक, (3) परिमाणवाचक, (4) सार्वनामिक और (5) निपातवाचक विशेषण। कुछ पुस्तकों में केवल चार प्रकार भी दिए जाते हैं।
विशेषण की पहचान कैसे करें?
विशेषण की पहचान इन प्रश्नों से होती है — “कैसा? कितना? कितने? कौन-सा? किसका?” वाक्य में जो शब्द इन सवालों का उत्तर देकर संज्ञा/सर्वनाम की जानकारी बढ़ाता है, वह विशेषण है।
गुणवाचक विशेषण के उदाहरण क्या हैं?
गुणवाचक विशेषण वे शब्द हैं जो किसी संज्ञा का गुण, रंग, रूप या स्वभाव बताते हैं। जैसे — सुंदर, तेज़, मीठा, अच्छा, लाल, मुलायम।
संख्यावाचक विशेषण क्या है?
संख्यावाचक विशेषण वे शब्द हैं जो किसी संज्ञा की संख्या या क्रम बताते हैं। जैसे — तीन, दस, पहला, तीसरा, सौ।
विशेषण और क्रियाविशेषण में क्या अंतर है?
परिमाणवाचक विशेषण वे शब्द हैं जो किसी संज्ञा की मात्रा या नाप बताते हैं। जैसे — थोड़ा, बहुत, आधा, पूरा, काफ़ी, एक किलो।
सार्वनामिक विशेषण किसे कहते हैं?
सार्वनामिक विशेषण वे सर्वनाम शब्द हैं जो किसी संज्ञा से पहले आकर उसकी पहचान या संबंध बताते हैं। जैसे — मेरा, तुम्हारा, उसका, हमारा, इनका।
निपातवाचक विशेषण क्या होता है?
निपातवाचक विशेषण वे शब्द हैं जो किसी समूह के प्रत्येक व्यक्ति या वस्तु की ओर अलग-अलग इशारा करते हैं। जैसे — प्रत्येक, हर एक, कोई भी, जो-जो।
विशेष्य किसे कहते हैं?
विशेष्य वह संज्ञा या सर्वनाम है जिसकी विशेषता विशेषण द्वारा बताई जाती है। जैसे — “लाल फूल” में ‘फूल’ विशेष्य है।
निष्कर्ष
विशेषण हिंदी व्याकरण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण शब्द-भेद है, जो वाक्य को सार्थक और विस्तृत बनाता है। संक्षेप में याद रखें:
- विशेषण संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताता है।
- इसके 5 मुख्य प्रकार हैं — गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक और निपातवाचक।
- विशेषण की पहचान “कैसा? कितना? कितने? कौन-सा? किसका?” प्रश्नों से होती है।
- विशेषण और क्रियाविशेषण अलग हैं — इन्हें न मिलाएँ।
इन बातों का ध्यान रखकर आप किसी भी वाक्य में विशेषण को सरलता से पहचान सकते हैं और परीक्षाओं में पूरे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
संदर्भ और आगे पढ़ने के लिए (References)
- NCERT हिंदी व्याकरण पाठ्यक्रम — कक्षा 6–8 व्याकरण इकाइयाँ।
- डॉ. वासुदेवनंदन, “हिंदी व्याकरण” — विशेषण अध्याय।
- कामता प्रसाद गुरु, “हिंदी व्याकरण की परिप्रेक्ष्य” (मानक संदर्भ)।
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