Kriya Visheshan aur Kriya Visheshan ke example
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क्रिया विशेषण: परिभाषा, प्रकार, उदाहरण और पहचान
क्रिया विशेषण की परिभाषा :’यदि हम इसके नाम को देखें तो ‘क्रिया विशेषण‘ दो शब्दों से मिलकर बना है-‘क्रिया’ और ‘विशेषण’। इसका सीधा अर्थ है: ऐसा शब्द जो वाक्य में क्रिया की विशेषता या गुण को दर्शाता है, उसे क्रिया विशेषण कहते हैं।
जैसे: वह खुशी से गाता है ,बच्चे आँगन में खेलते हैं।
(यहाँ “खुशी से” क्रिया विशेषण है, जो बताता है कि वह कैसे गाता है)
(यहाँ “आँगन में” क्रिया विशेषण है, जो बताता है कि बच्चे कहाँ खेलते हैं)
क्रिया विशेषण के 10 उदाहरण
- वह चुपचाप कमरे से बाहर चला गया।
- बच्चे खुशी-खुशी नाच रहे थे।
- मैं अभी-अभी घर पहुँचा हूँ।
- फूल चारों ओर खिले हैं।
- वह एकटक तारों को देखता रहा।
- दूध में थोड़ा चीनी मिलाओ।
- बिल्ली इधर-उधर भाग रही है।
- सहसा बिजली चमक उठी।
- उसने धड़ल्ले से सच बोल दिया।
- बच्चा फुर्ती से सीढ़ियाँ चढ़ गया।
🟨 क्रिया विशेषण क्या होता है? (What is Kriya Visheshan?)

Kriya Visheshan , किसी भी वाक्य में हो रही क्रिया की विशेषता को बताता है |
क्रिया विशेषण को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं? (Adverb in English)
क्रिया विशेषण को अंग्रेज़ी में “Adverb“ कहते हैं। यह शब्द क्रिया (verb), विशेषण (adjective), या अन्य क्रिया विशेषण (adverb) की विशेषता बताता है, जैसे: कैसे? (How?), कब? (When?), कहाँ? (Where?), कितना? (To what extent?)।
क्रिया विशेषण की भूमिका (Why it is important in Hindi Grammar)
हिंदी व्याकरण में क्रियाविशेषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके प्रयोग से
- वाक्य में स्पष्टता आती है|
- वाक्य और भी प्रभावशाली बनता है |
- वाक्य में सटीकता बनी रहती है |
- इसके कारण पाठक या श्रोता को क्रिया के बारे में अधिक जानकारी मिलती है।
- इससे वाक्य की अभिव्यक्ति और अर्थ दोनों ही बेहतर ढंग से प्रस्तुत होते हैं।
क्रिया विशेषण के भाग
क्रिया विशेषण को मुख्यतया तीन भागो में विभाजित किया गया है जो कि इस प्रकार है :
- अर्थ के आधार पर क्रिया-विशेषण
- प्रयोग के आधार पर क्रिया-विशेषण
- रूप के आधार पर क्रिया-विशेषण
क्रिया विशेषण के भेद
अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण के मुख्य रूप से चार भेद होते है :
- स्थानवाचक क्रिया-विशेषण
- कालवाचक क्रिया-विशेषण
- परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण
- रीतिवाचक क्रिया-विशेषण
अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण के भाग
1. स्थानवाचक क्रिया-विशेषण:
वह शब्द जो किसी क्रिया के होने में जगह /स्थान का बोध कराते है उन सभी शब्दों को स्थान वाचक क्रिया विशेषण कहते है | इन शब्दों से हमे यह ज्ञात होता है की क्रिया किस स्थान पर हो रही है | जैसे बाहर, अंदर, पेड़ पर , छत पर, , दूर, मैदान में, दाहिने, यहाँ, वहाँ, नीचे, ऊपर, पास, भीतर, आगे, बाएँ आदि |
- राम बाहर खेल रहा है।
- सीमा ऊपर जा रही है।
- बिल्ली मेज के नीचे सो रही है।
- मैं यहीं बैठा हूँ।
- तुम किधर जा रहे हो?
उपयुक्त वाक्यों में प्रयोग किये गए शब्द जैसे “किधर,यहीं,नीचे, ऊपर ” से हमे क्रिया के स्थान की जानकारी का पता चल रहा है | इसलिए यह शब्द स्थानवाचक क्रियाविशेषण कहलाते है |
2. परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण:
ऐसे शब्द जिनसे हमे क्रिया के संख्या , मात्रा और परिमाण का आभास हो या इसका पता चले तो उन शब्दों को परिणाम वाचक क्रिया विशेषण कहते है | जैसे “बहुत”, “अधिक”, “थोड़ा” आदि|
- उसने न्यूनतम प्रयास में परीक्षा पास कर ली।
- बारिश भरपूर हुई, खेत लहलहा उठे।
- वह लगभग दो घंटे तक इंतजार करता रहा।
- उन्होंने अधिकतम लाभ कमाया।
- वह थोड़ी-बहुत हिंदी समझता है।
उपयुक्त वाक्यों में प्रयोग किये गए शब्द जैसे “न्यूनतम ,भरपूर , लगभग , अधिकतम , थोड़ी-बहुत” से हमे क्रिया के संख्या , मात्रा और परिमाण की जानकारी मिल रही है इसलिए यह शब्द परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण कहलाते है|
3. कालवाचक क्रिया-विशेषण:
जिन शब्दों से हमे क्रिया के होने का समय का आभास हो उन शब्दों को कलवाचक क्रिया विशेषण कहते है | कल, आज, शाम, परसों, सुबह, दोपहर, पहले, बाद में, अभी, हमेशा, कभी, तुरंत, बार-बार आदि.
- वह अकस्मात ही सामने आ गया।
- मैं वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रहा था।
- सूरज अस्त होते-होते वह लौट आया।
- वह तुरंत निर्णय नहीं लेता।
- वे प्राचीन काल में भी यह परंपरा निभाते थे।
उपयुक्त वाक्यों में प्रयोग किये गए शब्द जैसे “अकस्मात ,वर्षों , अस्त होते-होते, तुरंत , प्राचीन काल” से हमे क्रिया के होने का समय का पता चल रहा है इसलिए यह शब्द कालवाचक क्रिया-विशेषण कहलाते है
4. रीतिवाचक क्रिया-विशेषण:
जिन भी शब्दों से हमे क्रिया के होने के बारे में ,या क्रिया के होने की विधि का पता चले उन शब्दों को रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहते है |
- उसने संकोचपूर्वक अपना मत रखा।
- बच्चा अटपटी भाषा में बात कर रहा था।
- उन्होंने चालाकी से जाल बिछाया।
- वह निर्भीकता से सच बोल गया।
- उसने समस्या को तार्किक रूप से सुलझाया।
उपयुक्त वाक्यों में प्रयोग किए गए शब्द जैसे “संकोचपूर्वक ,अटपटी भाषा, चालाकी से, निर्भीकता से , तार्किक रूप से” से हमे यह पता चल रहा है क्रिया किस प्रकार से हो रही है और ऐसे शब्दों को रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहते है |
प्रयोग के आधार पर क्रिया विशेषण के भेद |
प्रयोग के आधार पर क्रियाविशेषण के मुख्य रूप से 3 भेद होते हैं :
1. साधारण क्रिया विशेषण :
ऐसे शब्द जिनका वाक्य में प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जाता है , उन शब्दों को साधारण क्रिया विशेषण कहते है |
- वह धीरे चला।
- वह तेज़ दौड़ा।
- वह खुश होकर बोला।
- उसने जल्दी खा लिया।
- वह जोर से हँसा।
2. संयोजक क्रिया विशेषण :
“वे क्रिया-विशेषण शब्द, जो दो अलग-अलग उपवाक्यों को आपस में जोड़कर उनके बीच संबंध स्थापित करते हैं, संयोजक क्रिया-विशेषण कहलाते हैं। ये शब्द वाक्य में घटनाओं, कारण, स्थान या समय का संबंध स्पष्ट करते हैं।”
“दो उपवाक्यों को जोड़कर उनके अर्थ में संबंध स्थापित करने वाले क्रिया-विशेषण शब्द संयोजक क्रिया-विशेषण कहलाते हैं।”
- बारिश हुई, इसलिए हम रुके।
- वह नहीं पढ़ा, फिर भी पास हो गया।
- मैं गया, लेकिन वह नहीं था।
- वह थक गया, इसलिए सो गया।
- वह बीमार था, फिर भी आया।
3. अनुबद्ध क्रिया विशेषण:
ऐसे शब्द जिनका उपयोग वाक्य में निश्चितता (पक्का, निश्चय) के भाव को प्रकट करने लिए किया जाता है और इनका प्रयोग वाक्य में कही भी हो सकता है , ऐसे शब्दों को अनुबद्ध क्रिया विशेषण शब्द कहते है |
- जब वह आया तब मैं पढ़ रहा था।
- जैसे ही बारिश शुरू हुई, बच्चे खेलने भागे।
- यदि तुम मेहनत करोगे तो सफलता मिलेगी।
- जहाँ चाह वहाँ राह।
- क्योंकि वह बीमार था, इसलिए वह स्कूल नहीं गया।
इन पाँचों उदाहरणों में क्रिया विशेषण मुख्य क्रिया से जुड़े हैं और स्वतंत्र रूप से अर्थपूर्ण नहीं होते — इसीलिए इन्हें अनुबद्ध क्रिया विशेषण कहा जाता है।
रूप के आधार पर क्रिया विशेषण के कितने भेद होते है ?
रूप के आधार पर क्रिया विशेषण के तीन भेद होते हैं :
1. मूल क्रिया विशेषण
हिंदी व्याकरण में कुछ ऐसे शब्द भी होते है जो किसी और शब्द जैसे “संज्ञा , सर्वनाम , विशेषण ” के साथ जुड़े बिना ही क्रिया विशेषण बन जाते है उन सभी शब्दों को मूल क्रिया विशेषण शब्द कहते है |
- शायद, वह आएगा।
- दुर्भाग्यवश, वह हार गया।
- सौभाग्य से, हम बच गए।
- सच में, यह कमाल था।
- शायद, वह नाराज़ है।
2. स्थानीय क्रिया विशेषण
ऐसे शब्द जो होने स्वरूप या रूप बदले बिना ही किसी विशेष स्थान पर आ जाते है ऐसे शब्दों को स्थानीय क्रिया विशेषण शब्द कहते है |
- वह अब आया।
- फिर क्या हुआ?
- कभी ऐसा मत करना।
- वह तब हँसा।
- वह कभी-कभी आता है।
3. योगिक क्रिया विशेषण :
कुछ ऐसे शब्द जो किसी संज्ञा सर्वनाम और विशेषण के साथ जुड़कर क्रिया विशेषण का निर्माण करते है ऐसे शब्दों को योगिक क्रिया विशेषण शब्द कहते है |
अब हम इन सभी प्रकारो को एक-एक करके उदाहरण के साथ समझते है |
- वह यहाँ आया।
- सैनिक सीमा-पार चले गए।।
- वह भीतर से टूट गया था।
- वह अंदर गया।
- वह नीचे बैठा।
🟨 क्रिया विशेषण की विशेषताएँ (Characteristics of Kriya Visheshan)
- क्रिया विशेषण के कारण हमे यह ज्ञात होता है की कोई कार्य कब , कहा और कैसे हुआ है |
- क्रिया विशेषण न केवल क्रिया की, बल्कि विशेषण और अन्य क्रिया विशेषण की भी विशेषता बता सकते हैं।
- क्रिया विशेषण स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त हो सकता है या किसी अन्य शब्द (जैसे क्रिया, विशेषण या अन्य क्रिया विशेषण) के साथ जुड़कर कार्य कर सकता है।
- वाक्यों में क्रिया विशेषण के प्रयोग से कभी-कभी भाव, संभावना, कारण आदि का भी आभास होता है।”
- क्रिया विशेषण का वाक्य में इस प्रकार प्रयोग होता है कि वह ‘कब’, ‘कहाँ’, ‘कैसे’, ‘क्यों’, ‘कितना’ आदि प्रश्नों का उत्तर देता है।
- क्रिया विशेषण का वाक्यों में लचीले ढंग से प्रयोग किया जाता है, अर्थात इन्हें वाक्य के विभिन्न स्थानों पर रखा जा सकता है।
🟨 क्रिया विशेषण और विशेषण में अंतर (Adverb vs Adjective)
| विशेषता | विशेषण (Adjective) | क्रिया विशेषण (Adverb) |
| क्या बताता है? | संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। | क्रिया, विशेषण या अन्य क्रिया विशेषण की विशेषता बताता है। |
| किसके बारे में जानकारी देता है? | व्यक्ति, वस्तु या स्थान की। | क्रिया की विधि, समय, स्थान, कारण आदि की। |
| प्रश्न पूछने का तरीका | कैसा?, कितने?, कौन-सा? | कब?, कहाँ?, कैसे?, क्यों?, कितना? |
| उदाहरण | सुंदर (लड़की), लाल (सेब), बड़ा (घर) | धीरे (चला), कल (आया), बहुत (खुश), शायद (जाए) |
| प्रयोग किसके साथ होता है? | केवल संज्ञा या सर्वनाम के साथ। | क्रिया, विशेषण, या अन्य क्रिया विशेषण के साथ। |
- भ्रम से कैसे बचें?
- “क्या आपको क्रिया विशेषण और विशेषण की परिभाषा, उदाहरण और उनके बीच के भेद को समझने में कठिनाई हो रही है? यदि हाँ, तो नीचे दिए गए सुझावों को ध्यानपूर्वक और धैर्य के साथ पढ़िए।”
1️⃣ सबसे पहले
विशेषण और क्रिया विशेषण की परिभाषा को ध्यानपूर्वक पढ़िए और समझिए।
- विशेषण वह होता है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।
- क्रिया विशेषण वह होता है जो क्रिया, विशेषण या अन्य क्रिया विशेषण की विशेषता बताता है।
2️⃣ अब विशेषण और क्रिया विशेषण के उदाहरणों पर ध्यान दीजिए
- विशेषण के उदाहरण: सुंदर लड़की, लाल फूल, तेज़ घोड़ा
- क्रिया विशेषण के उदाहरण: धीरे चला, बहुत सुंदर, शायद जाएगा
3️⃣ प्रश्न पूछने के तरीकों को समझिए |
- अगर किसी वाक्य में कोई शब्द कैसा?, कौन-सा?, कितना? जैसे प्रश्नों का उत्तर देता है, तो वह विशेषण होता है।
- अगर किसी वाक्य में कोई शब्द कब?, कहाँ?, कैसे?, क्यों?, कितना? का उत्तर देता है, तो वह क्रिया विशेषण होता है।
4️⃣ अब वाक्य में शब्द का कार्य पहचानिए |
तेज़ लड़का ➝ यहाँ “तेज़” विशेषण है (क्योंकि यह लड़के की विशेषता बता रहा है)।
तेज़ दौड़ा ➝ यहाँ “तेज़” क्रिया विशेषण है (क्योंकि यह दौड़ने के ढंग को बता रहा है)।
5️⃣ थोड़े-थोड़े उदाहरण खुद से बनाइए और इनका निरन्तर समय-समय पर प्रयास करते रहिए |
जैसे:
वह ___ दौड़ा। (कैसे?) → धीरे
वह ___ लड़का है। (कैसा?) → समझदार
इस तरह अभ्यास से आपको पहचान करना आसान लगेगा।
6️⃣ धैर्य रखें और बार-बार दोहराएं
हर विषय को समझने में थोड़ा समय लगता है। रोज़ 5-10 मिनट इस पर ध्यान देंगे, तो कोई भ्रम नहीं रहेगा।
🟨 वाक्य में क्रिया विशेषण की पहचान कैसे करें? (How to Identify Adverb in a Sentence)
📘 आसान ट्रिक्स:
अब मैं आपको वाक्य में क्रिया विशेषण को पहचानने के लिए कुछ सरल तरीको के बारे में बताने वाला हूँ | इन तरीको का प्रयोग करके आप किसी भी वाक्य में क्रिया विशेषण की पहचान आसानी से कर सकते है |
- सबसे पहले किसी भी वाक्य में हो रही क्रिया को पहचानें |
➤ जैसे: दौड़ना, बोलना, आना, हँसना आदि।
- अब यह सुनुश्चित करे या देखें कि वह क्रिया कैसे, कब, कहाँ, क्यों या कितनी मात्रा में हो रही है।
➤ इन सवालों के जवाब देने वाला शब्द क्रिया विशेषण होता है।
- “कैसे?” पूछें ➝ धीरे, तेज़, साफ़ आदि
➤ वह धीरे बोलता है। (कैसे बोलता है?) - “कब?” पूछें ➝ आज, कल, अब, तब आदि
➤ वह कल आया था। (कब आया?) - “कहाँ?” पूछें ➝ यहाँ, वहाँ, बाहर आदि
➤ वह बाहर गया। - “क्यों?” पूछें ➝ इसलिए, क्योंकि आदि
➤ वह इसलिए नहीं आया क्योंकि वह बीमार था। - “कितना?” पूछें ➝ बहुत, थोड़ा, काफी आदि
➤ वह बहुत खुश है।
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- क्रिया विशेषण: परिभाषा, प्रकार, उदाहरण और पहचान | Kriya Visheshan in Hindi
- विशेषण (Visheshan) की परिभाषा, भेद और उदाहरण हिंदी में|
✏️ अभ्यास वाक्य (Practice Sentences):
- वह तेज़ दौड़ा।
→ कैसे दौड़ा? ➝ तेज़ → क्रिया विशेषण - वे कल स्कूल गए थे।
→ कब गए थे? ➝ कल → क्रिया विशेषण - बच्चा बिलकुल धीरे बोल रहा था।
→ कैसे बोल रहा था? ➝ बिलकुल धीरे → क्रिया विशेषण - मैं यहाँ बैठा हूँ।
→ कहाँ बैठा हूँ? ➝ यहाँ → क्रिया विशेषण - वह बहुत खुश है।
→ कितना खुश? ➝ बहुत → क्रिया विशेषण
🟨 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs on Kriya Visheshan)
क्रिया विशेषण किसे कहते है ?
क्रिया विशेषण उन शब्दों को कहा जाता है जिनसे हमे वाक्य में क्रिया के होना का पता चलता है |
क्रिया विशेषण के कितने प्रकार होते है और वह कौन-कौन से है ?
क्रिया विशेषण के चार भेद होते है |
1. कालवाचक क्रियाविशेषण
2. रीतिवाचक क्रियाविशेषण
3. स्थानवाचक क्रियाविशेषण
4. परिमाणवाचक क्रियाविशेषण
क्रिया विशेषण के 10 उदाहरण क्या है ?
1. वह धीरे-धीरे बोलता है।
2. हम कभी-कभी फिल्म देखने जाते हैं।
3. बच्चे अक्सर पार्क में खेलते हैं।
4. वह ऊपर चढ़ गया।
5. मैंने कल किताब पढ़ी।
6. उसने काफी खाना खा लिया।
7. तुम बहुत अच्छा गाते हो।
8. वह सचमुच मेहनती है।
9. पक्षी ऊँचा उड़ रहे हैं।
10. वे अभी-अभी आए हैं।






