visheshan kya hota hai
📘विशेषण किसे कहते हैं? (Visheshan in Hindi)
हिंदी व्याकरण में विशेषण का एक महत्वपूर्ण स्थान है|आज के इस लेख में हम यह जानेंगे की विशेषण किसे कहते है ? इसके सभी प्रकारों को उदाहरण की सहायता से समझने की कोशिश करेंगे |
Table of Contents
📘विशेषण की परिभाषा |
“किसी भी वाक्य में संज्ञा एवं सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते है या जिस शब्दों का प्रयोग के द्वारा हमे किसी भी वाक्य में संज्ञा एवं सर्वनाम शब्दों की विशेषता का ज्ञान हो उन शब्दों को विशेषण कहते है | इसको एक उदाहरण की सहायता से और भी सरल भाषा में समझते है |
✏️ विशेषण के उदाहरण (Examples of Adjective)
📘 1️⃣ उदाहरण:
➡️ यह आम मीठा है।
🔹 इस वाक्य में “आम” एक संज्ञा (Noun) है और “मीठा” शब्द विशेषण (Adjective) है। 🍋
📘 2️⃣ उदाहरण:
➡️ यह कार काली है।
🔹 इस वाक्य में “कार” एक संज्ञा (Noun) है और “काली” शब्द विशेषण (Adjective) है। 🚗
📘 3️⃣ उदाहरण:
➡️ गुलाब का फूल सुंदर होता है।
🔹 इस वाक्य में “गुलाब” एक संज्ञा (Noun) है और “सुंदर” शब्द विशेषण (Adjective) है। 🌹
📘 4️⃣ उदाहरण:
➡️ जो छात्र सबसे तेज़ है, वही इनाम पाएगा।
🔹 इस वाक्य में “वही” एक सर्वनाम (Pronoun) है और “तेज़” शब्द विशेषण (Adjective) है। 🏆
📘 5️⃣ उदाहरण:
➡️ उसकी आवाज़ बहुत मधुर है।
🔹 इस वाक्य में “उसकी” एक सर्वनाम (Pronoun) है और “मधुर” शब्द विशेषण (Adjective) है। 🎶
विशेष्य किसे कहते हैं ?(visheshya kise kahate hain) विशेष्य के कुछ उदाहरण |
“किसी भी वाक्य में जिन संज्ञा एवं सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताई जाती है, उन्हें विशेष्य कहते हैं। और जो शब्द उनकी विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।”
कुछ उदाहरणों की सहायता से इसको और भी सरलता से समझा जा सकता है |
- “लाल फूल” – यहाँ “फूल” विशेष्य है।
- “सुंदर लड़की” – यहाँ “लड़की” विशेष्य है।
विशेषण (Visheshan) : जो भी शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें ‘विशेषण’ कहते हैं।
उदाहरण:
- “लाल फूल” – यहाँ “लाल” विशेषण है।
- “सुंदर लड़की” – यहाँ “सुंदर” विशेषण है।
चलिए अब हम विशेषण एवं विशेष्य के अंतर को समझते है |
विशेषण एवं विशेष्य में अंतर
| बिंदु | विशेषण (Visheshan) | विशेष्य (Visheshya) | उदाहरण (वाक्य) |
| 1. परिभाषा | जो विशेषता बताता है | जिसकी विशेषता बताई जाती है | – |
| 2. भूमिका | विशेष्य की विशेषता प्रकट करता है | विशेषण द्वारा विशेषता पाता है | – |
| 3. शब्द-श्रेणी | विशेषण | संज्ञा या सर्वनाम | – |
| 4. उदाहरण शब्द | मीठा, सुंदर, लंबा, अच्छा | आम, फूल, लड़का, किताब | – |
| 5. वाक्य में प्रयोग | “मीठा आम” में ‘मीठा’ विशेषण है | “मीठा आम” में ‘आम’ विशेष्य है | यह मीठा आम है। |
| “सुंदर फूल” में ‘सुंदर’ विशेषण है | “सुंदर फूल” में ‘फूल’ विशेष्य है | वह सुंदर फूल है। |
निष्कर्ष:
- विशेषण = जो विशेषता बताता है (जैसे: मीठा, सुंदर)
- विशेष्य = जिसकी विशेषता बताई जाती है (जैसे: आम, फूल)
विशेषण के प्रकार (visheshan ke bhed)
अब हम इस लेख में आगे बढ़ते है और जानते है की विशेषण के कितने प्रकार (visheshan ke kitne bhed hote hain) होते है |
विशेषण के 4 (चार ) प्रकार होते है जोकि इस प्रकार है :
- गुणवाचक विशेषण (gunvachak visheshan)
- संख्यावाचक विशेषण(sankhya vachak visheshan)
- परिमाणवाचक विशेषण (pariman vachak visheshan)
- सार्वनामिक विशेषण(sarvanamik visheshan)
अब हम इन चारों विशेषण के प्रकारों को , उदहारण सहित विस्तार से समझते है |
1.गुणवाचक विशेषण (gunvachak visheshan) क्या होता है ?
गुणवाचक विशेषण की परिभाषा : “वह विशेषण जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के स्वभाव, रंग, रूप, आकार, अवस्था या अन्य गुणों को दर्शाए, उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं।”
गुणवाचक विशेषण के उदाहरण –
- उसकी मखमली आवाज़ सबको भाती है।
- इस गाँव का वातावरण शांत है।
- वह बालक तेजस्वी है।
- माँ ने आज लजीज भोजन बनाया।
- पहाड़ों की हवा शीतल होती है।
- उसके पास एक चमकीली घड़ी है।
- वह कड़कती ठंड में भी बाहर चला गया।
- बगीचे में सुगंधित फूल खिले हैं।
इन उपयुक्त उदाहरणों में प्रयुक्त शब्द — “मखमली”, “शांत”, “तेजस्वी”, “लजीज”, “शीतल”, “चमकीली”, “कड़कती” और “सुगंधित” — उन वाक्यों में व्यक्तियों या वस्तुओं के गुण, स्वरूप, अवस्था अथवा स्वभाव को प्रकट करते हैं।
अतः ये सभी शब्द गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं।”
2.संख्यावाचक विशेषण (sankhya vachak visheshan) किसे कहते है ?
“संख्यावाचक विशेषण का अर्थ इसके नाम में ही निहित है। ‘संख्यावाचक’ शब्द दो भागों से मिलकर बना है — ‘संख्या’ + ‘वाचक’,
जहाँ ‘संख्या‘ का अर्थ है: गिनती (जैसे – एक, दो, तीन…), और ‘वाचक‘ का अर्थ है: बताने वाला। अतः ‘संख्यावाचक’ का अर्थ हुआ — संख्या को बताने वाला।
संख्यावाचक विशेषण वे शब्द होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के साथ प्रयोग होकर उसकी संख्या, क्रम या परिमाण का बोध कराते हैं। इन शब्दों से हमें यह जानकारी मिलती है कि कोई वस्तु ‘कितनी है’, ‘किस क्रम में है’, या ‘कितने लोगों/वस्तुओं’ की बात हो रही है। इसलिए, ऐसे शब्दों को संख्यावाचक विशेषण कहा जाता है।”
संख्यावाचक विशेषण के उदाहरण –
- पच्चीस छात्र परीक्षा में बैठे।
- उसने ढाई किलो आम खरीदे।
- तीसरे स्थान पर मेरी टीम थी।
- दोनों मित्र साथ में आए।
- हर पाँच मिनट पर घड़ी बजती है।
- पाँच-पाँच बच्चों को एक-एक किताब मिली।
इन उपयुक्त उदाहरणों में प्रयुक्त शब्द — “पच्चीस “, “ढाई “, “तीसरे “, “दोनों “, “पाँच “, “पाँच-पाँच”, — जैसे शब्द संज्ञा या सर्वनाम की संख्या, मात्रा, क्रम, समूह, आवृत्ति या अनिश्चितता का बोध कराते हैं।इसलिए, ऐसे शब्दों को संख्यावाचक विशेषण कहा जाता है।”
संख्यावाचक विशेषण के भी दो प्रकार होते हैं-
- निश्चित संख्यावाचक विशेषण: निश्चित संख्यावाचक विशेषण में संख्या निश्चित होती है जैसे- एक, दस , तीन, आठ , पंद्रहा ,आदि |
- अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण: अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण में संख्याओं का कोई निश्चित क्रम नहीं होता है जैसे- अनेक, कई, सब, बहुत , बहुत सारे आदि।
निश्चित संख्यावाचक विशेषण के 6 भेद होते है –
I) पूर्णांक बोधक विशेषण (Cardinal Adjective)
अर्थ: ऐसे शब्द जो किसी वाक्य में पूरी (पूर्ण) संख्या को दर्शाते या व्यक्त करते हैं।
उदाहरण: एक, तीन, सात, सौ आदि।
पूर्णांक बोधक विशेषण के 5 उदाहरण
- पाँच खिलाड़ी मैदान में अभ्यास कर रहे थे।
- उसने तीन किताबें एक ही दिन में पढ़ डालीं।
- मेरी जेब में सात रुपये ही बचे हैं।
- दो पक्षी खिड़की पर बैठकर चहचहा रहे थे।
- उस डिब्बे में सौ रंग-बिरंगे कंचे थे।
पाँच,तीन ,सात , दो, सौ जैसे शब्द पूर्ण संख्या को दर्शाते है।
II) अपूर्णांक बोधक विशेषण (Fractional Adjective)
अर्थ: ऐसे विशेषण जो अधूरी या भिन्न (अपूर्ण) संख्या को दर्शाते हैं।
उदाहरण: सवा, डेढ़, ढाई, पौना आदि।
II) अपूर्णांक बोधक विशेषण के 5 उदाहरण
- सवा चार बजे से बिजली नहीं आई है।
- ढाई किलो आम लेकर आना मत भूलना।
- पौना घंटा हमें बस स्टैंड पर इंतज़ार करना पड़ा।
- डेढ़ साल से वह गाँव नहीं गया।
- सवा दो लीटर दूध से खीर अच्छी बनती है।
सवा ,ढाई ,पौना ,डेढ़ ,सवा जैसे शब्द पूरी संख्या नहीं है |
III) क्रमवाचक विशेषण (Ordinal Adjective)
अर्थ: जो किसी वस्तु या व्यक्ति की क्रम संख्या (Order) बताते हैं।
उदाहरण: पहला, तीसरा, छठा, आदि।
क्रमवाचक विशेषण के 5 उदाहरण
- वह तीसरी कतार में बैठा हुआ है।
- मेरी बहन ने छठी कक्षा में टॉप किया।
- यह उसका पहला विदेश दौरा है।
- नौवें प्रयास में उसे सफलता मिली।
- सातवें दिन परीक्षा का परिमाण आया।
तीसरी ,छठी ,पहला ,नौवें ,सातवें जैसे शब्द, क्रम संख्या को प्रदर्शित करती है
IV) आवृत्तिवाचक विशेषण (Multiplicative Adjective)
अर्थ: जो किसी कार्य, वस्तु या संख्या की पुनरावृत्ति या गुणा को दर्शाते हैं।
उदाहरण: तिगुना, चार गुना, बीस गुना आदि।
आवृत्तिवाचक विशेषण के 5 उदाहरण
- उसने दवा की खुराक दो गुना कर दी।
- बारिश तिगुनी रफ्तार से होने लगी।
- मेरी मेहनत अब चार गुनी हो गई है।
- आज का ट्रैफिक कल से दोगुना ज्यादा था।
- इस महीने मुनाफा बीस गुना बढ़ गया।
दो गुना, तिगुनी ,चार गुनी , बीस गुना , जैसे शब्द, संख्या की पुनरावृत्ति या गुणा को दर्शाते हैं
V) समूहवाचक विशेषण (Distributive Collective Adjective)
अर्थ: जो किसी समूह या संख्याबद्ध समूह को दर्शाते हैं।
उदाहरण: तीनों, चारों, सातों आदि।
समूहवाचक विशेषण के 5 उदाहरण
- दोनों मित्र साथ में सैर पर निकले।
- पाँचों छात्र प्रतियोगिता में सफल हुए।
- चारों दिशाओं में धुंध छाई हुई थी।
- तीनों किताबें विज्ञान से संबंधित थीं।
- सातों दिन वह समय पर आता है।
‘दोनों’, ‘पाँचों’, ‘तीनों’ जैसे शब्द संख्या के समूह को दर्शाते हैं।”
VI) प्रत्येक बोधक विशेषण (Distributive Adjective)
अर्थ: जो हर एक व्यक्ति या वस्तु को अलग-अलग रूप में दर्शाते हैं।
उदाहरण: हरेक, प्रति, प्रत्येक, एक-एक आदि।
प्रत्येक बोधक विशेषण के 5 उदाहरण
- प्रत्येक छात्र को एक प्रश्न हल करना था।
- हरेक मकान का रंग अलग था।
- एक-एक पौधे को पानी दिया गया।
- प्रति व्यक्ति को दो टोकन दिए गए।
- शिक्षक ने प्रत्येक उत्तर की जांच की।
प्रत्येक , हरेक , एक-एक ,प्रति जैसे शब्द , संख्या हर एक व्यक्ति या वस्तु को अलग-अलग रूप में दर्शाते हैं।
अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण किसे कहते है |
जब किसी वाक्य में विशेषण , संज्ञा एवं सर्वनाम की निश्चित संख्या का बोध नहीं करता है तो उन विशेषणों की अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते है |
जैसे : बहुत सारे , अनेक , अनगिनत आदि |
VI) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण के 5 उदाहरण
- कुछ दोस्त अचानक घर आ गए।
- कई बार मैंने तुम्हें फोन किया।
- अनेक सपने अब भी अधूरे हैं।
- बहुत सारे बच्चे पार्क में खेल रहे हैं।
- हजारों लोग ऑनलाइन क्लास देख रहे हैं।
- अनगिनत तारों से आसमान चमक रहा है।
जब निश्चित संख्यावाचक विशेषण (जैसे- एक, दो, तीन, चार, सौ, हजार आदि) के पहले ‘लगभग’, ‘करीब’, ‘सिर्फ’, ‘लगभग’, ‘लगभग’, ‘लगभग’, आदि शब्द जोड़ दिए जाएँ या बाद में ‘एक’, ‘ओं’, ‘आदि’ प्रत्यय जोड़ दिए जाएँ, तो वे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण बन जाते हैं।
- लगभग सौ लोग सेमिनार में आए।
- करीब पाँच किताबें मेरी हैं।
- दो-एक छात्र अभी भी कक्षा में हैं।
- सैकड़ों पक्षी आसमान में उड़ रहे थे।
- हजारों लोग मेले में पहुँच गए।
परिमाण वाचक विशेषण
इस विशेषण की सहायता से हमे संज्ञा एवं सर्वनाम के माप , मात्रा , परिमाण या नाप-तौल का बोध होता है या सरल शब्दों में “वह विशेषण जो संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा या परिमाण को दर्शाते हैं, लेकिन सटीक संख्या नहीं बताते परिमाण वाचक विशेषण कहलाते है |
✅ उदाहरण:
- मुझे थोड़ा पानी चाहिए।
- उसने बहुत सा काम किया।
- हमारे पास कुछ समय है।
- उसमें अधिक धैर्य है।
- मैंने पूरा दूध पी लिया।
निश्चित परिमाणवाचक विशेषण के दो प्रकार होते है –
जो विशेषण किसी वस्तु की ठीक-ठीक (निश्चित) मात्रा या परिमाण को दर्शाते हैं, उन्हें निश्चित परिमाण-बोधक विशेषण कहा जाता है।
✅ उदाहरण:
- उसने पूरा दूध पी लिया।
- मैंनें आधा सेब खाया।
📘 2. अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
🔹 परिभाषा:
जो विशेषण किसी वस्तु की अनिश्चित (अस्पष्ट) मात्रा या परिमाण को दर्शाते हैं, उन्हें अनिश्चित परिमाण-बोधक विशेषण कहा जाता है।
✅ उदाहरण:
- उसने थोड़ा पानी पिया।
- हमारे पास कुछ समय बचा है।
4.सार्वनामिक विशेषण(sarvanamik visheshan)
“संज्ञा से पूर्व आकर, यदि कोई सर्वनाम उसकी पहचान या गुण दर्शाता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण की श्रेणी में रखा जाता है।”
🎯 सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण (Examples of Possessive Adjective)
📘 1️⃣ उदाहरण:
➡️ “मेरे पिता ने जो सलाह दी, वह अमूल्य थी।”
🔹 यहाँ “मेरे” एक सर्वनाम (Pronoun) है, लेकिन जब यह संज्ञा “पिता” की पहचान बता रहा है,
तो यह सार्वनामिक विशेषण (Possessive Adjective) कहलाता है। 👨👦
📘 2️⃣ उदाहरण:
➡️ “तुम्हारी पुस्तक मेज़ पर रखी है।”
🔹 यहाँ “तुम्हारी” शब्द “पुस्तक” नामक संज्ञा की पहचान बता रहा है —
कि वह किसकी पुस्तक है। 📚
📘 3️⃣ उदाहरण:
➡️ “उसकी कहानी सबको पसंद आई।”
🔹 “उसकी” शब्द “कहानी” संज्ञा के पहले आकर यह बता रहा है
कि वह कहानी किससे संबंधित है। 📝
📘 4️⃣ उदाहरण:
➡️ “मेरे शिक्षक बहुत अनुशासनप्रिय हैं।”
🔹 यहाँ “मेरे” शब्द “शिक्षक” संज्ञा के पहले आकर यह स्पष्ट करता है
कि वह शिक्षक किसके हैं। 👨🏫
📘 5️⃣ उदाहरण:
➡️ “उनके विचार प्रेरणादायक हैं।”
🔹 “उनके” शब्द “विचार” नामक संज्ञा से पहले आकर यह स्पष्ट करता है
कि विचार किसके हैं। 💭
Note:अगर कोई सर्वनाम (मेरे, तुम्हारी, उसकी, उनके आदि) किसी संज्ञा से पहले आकर उसकी जानकारी दे — तो वह सार्वनामिक विशेषण होता है,।
जब किसी वाक्य में सर्वनाम शब्द का प्रयोग संज्ञा शब्द से पहले किया जाए और वह विशेषण शब्द की तरह संज्ञा की विशेषता बताये शब्दों को सार्वनामिक विशेषण कहते है या वे विशेषण जो किसी संज्ञा के पहले आकर उसकी पहचान को दर्शाते हैं और ये शब्द सर्वनाम की तरह प्रयोग होते हैं, लेकिन संज्ञा के साथ मिलकर विशेषण का कार्य करते हैं।
✅ उदाहरण सहित समझें
- उस लड़के ने पुरस्कार जीता।
🔹 (“उस” शब्द लड़के नामक संज्ञा की ओर इशारा कर रहा है।) - इन किताबों में विज्ञान की जानकारी है।
🔹 (“इन” शब्द किताबों नामक संज्ञा का विशेषण है।) - उसकी पेंसिल बहुत सुंदर है।
🔹 (“उसकी” शब्द पेंसिल को विशेष रूप से पहचानता है।) - मेरे दोस्त दिल्ली में रहते हैं।
🔹 (“मेरे” शब्द दोस्त संज्ञा की पहचान बता रहा है।) - उनकी राय सबको पसंद आई।
🔹 (“उनकी” शब्द राय के बारे में बता रहा है।)
Note: वैसे तो विशेषण के मुख्य रूप से चार प्रकार माने जाते हैं, लेकिन एक और प्रकार होता है जिसे निपातवाचक विशेषण कहा जाता है।
निपातवाचक विशेषण से अभिप्राय उन विशेषणों से है जो किसी समूह के प्रत्येक व्यक्ति या वस्तु की ओर अलग-अलग (एक-एक करके) इशारा करते हैं।
जैसे: प्रत्येक, हर एक, कोई भी, सब कोई, जिस-जिस, जो-जो आदि।
ये विशेषण संज्ञा से पहले आते हैं और उस संज्ञा की विशेषता बताते हैं।
👉 उदाहरण:
- प्रत्येक छात्र को ईमानदारी से काम करना चाहिए।
- हर एक व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए।
लेकिन यदि यही शब्द संज्ञा का स्थान ले लें, अर्थात संज्ञा का प्रयोग न किया गया हो, तो इन्हें निपातवाचक सर्वनाम कहा जाता है।
👉 उदाहरण:
- प्रत्येक को अपने कर्तव्य निभाने चाहिए।
→ यहाँ ‘प्रत्येक’ संज्ञा के स्थान पर आया है — निपातवाचक सर्वनाम। - कोई भी नियम से ऊपर नहीं है।
→ यहाँ ‘कोई भी’ एक व्यक्ति की ओर इशारा करता है, पर संज्ञा नहीं है — निपातवाचक सर्वनाम। - जिस-जिस ने मदद की, वह सराहना का पात्र है।
→ यहाँ ‘जिस-जिस’ अलग-अलग व्यक्तियों की ओर इशारा करता है — निपातवाचक सर्वनाम।
📍क्रिया विशेषण (Kriya Visheshan) – विशेषण का एक प्रकार?
कई लोग “क्रिया विशेषण” को विशेषण का भाग मानते हैं क्योंकि इसके नाम में “विशेषण” शब्द आता है।
लेकिन वास्तव में, यह एक अलग वर्ग है जो क्रिया, विशेषण या अन्य क्रिया विशेषण की विशेषता बताता है।
📌 उदाहरण:
- वह तेज़ दौड़ता है।
👉 “तेज़” = दौड़ने की क्रिया को स्पष्ट कर रहा है → क्रिया विशेषण
🔹विशेषण और संज्ञा में अंतर (Visheshan vs Sangya)
अक्सर छात्रों से यह सवाल पूछा जाता है कि “संज्ञा और विशेषण में अंतर स्पष्ट कीजिए”, या फिर परीक्षा में कुछ वाक्य दिए जाते हैं और उनसे संज्ञा तथा विशेषण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
हालांकि, अधिकांश छात्र संज्ञा और विशेषण के बीच के अंतर को सही ढंग से समझ नहीं पाते।
यदि आप भी उन्हीं छात्रों में से एक हैं, तो आज मैं आपको संज्ञा और विशेषण की परिभाषा को सरल शब्दों में समझाऊँगा और इनके बीच के मुख्य अंतर को स्पष्ट रूप से बताऊँगा।
| विभाग | संज्ञा (Noun) | सर्वनाम (Pronoun) |
| परिभाषा | संज्ञा शब्द से अभिप्राय उन शब्दों से है जो किसी भी व्यक्ति , वस्तु , स्थान का नाम बताता है | | संज्ञा शब्दों के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है उन शब्दों को सर्वनाम शब्द कहते है | |
| कार्य | संज्ञा किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु के नाम को पहचानने का कार्य करती है। | सर्वनाम , संज्ञा के स्थान पर इस्तमाल किया जाता है जिसके कारण वाक्य में संज्ञा की पुनरावृत्ति से बचा जा सके। |
| उदाहरण | राम, भारत, गाड़ी, प्यार, स्कूल | वह, यह, उसने, मैं, हम |
| वाक्य में प्रयोग | चाँदनी बहुत सुंदर लग रही है। | वह बहुत सुंदर लग रही है। |
| विशेषता | संज्ञा किसी चीज़ या व्यक्ति का वास्तविक नाम होता है। | सर्वनाम का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर किया जाता है, ताकि वाक्य में संज्ञा की पुनरावृत्ति न हो और उसका अर्थ सरल बना रहे।” |
वाक्य में विशेषण की पहचान कैसे करें? (How to Identify Visheshan in a Sentence)
जैसा की अब तक हमने पढ़ा कि विशेषण उन शब्दों को कहा जाता है जो संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता जैसे “उसकी गुण, मात्रा, संख्या, रंग, आकार या स्थिति आदि ” बताता है | अब आगे हम जानेंगे की किसी वाक्य में विशेषण की पहचान कैसे करे |
वाक्य में विशेषण पहचानने के 5 आसान तरीके + उदाहरण सहित व्याख्या:
✅ 1. गुण बताने वाला विशेषण (“कैसा?”)
उदाहरण:
मिट्टी का घर ठंडा होता है।
इस वाक्य में “घर” की विशेषता बताई गई है, जो है “ठंडा”।
👉 घर कैसा है? — ठंडा → विशेषण
✅ 2. परिमाण बताने वाला विशेषण (“कितना?”)
उदाहरण:
बच्चे ने आधा आम खा लिया।
यहाँ “आम” की मात्रा बताई गई है — “आधा”।
👉 आम कितना? — आधा → विशेषण
✅ 3. संख्या बताने वाला विशेषण (“कितने?”)
उदाहरण:
तीन पक्षी पेड़ पर बैठे हैं।
यहाँ “पक्षी” की संख्या बताई गई है — “तीन”।
👉 पक्षी कितने? — तीन → विशेषण
✅ 4. पहचान बताने वाला विशेषण (“कौन-सा?”)
उदाहरण:
यह किताब मेरी पसंदीदा है।
यहाँ “किताब” की पहचान बताई गई है — “यह”।
👉 किताब कौन-सी? — यह → विशेषण
✅ 5. रूप, रंग, आकार या स्थिति बताने वाला विशेषण (“किस प्रकार का?”)
उदाहरण:
गोल रोटी गर्मागरम थी।
यहाँ “रोटी” का आकार और स्थिति बताई गई है — “गोल”, “गर्मागरम”।
👉 रोटी किस प्रकार की? — गोल, गर्मागरम → विशेषण
🎯 एक और सरल टिप:
विशेषण हमेशा किसी संज्ञा या सर्वनाम की जानकारी बढ़ाता है।
अगर कोई शब्द “क्या प्रकार, कितना, कौन-सा, कैसा” जैसे सवालों का उत्तर देता है और किसी नाम के बारे में बताता है, तो वह विशेषण होता है।
| विशेषण का प्रकार | प्रमुख शब्द (उदाहरण) | प्रश्न जिससे पहचानें |
| 1. गुणवाचक विशेषण (गुण बताने वाला) | सुंदर, अच्छा, मीठा, तेज़, मोटा, सच्चा, गर्म, नरम | कैसा? |
| 2. परिमाणवाचक विशेषण (मात्रा बताने वाला) | थोड़ा, बहुत, आधा, पूरा, कम, अधिक, कुछ, पर्याप्त | कितना? |
| 3. संख्यावाचक विशेषण (संख्या बताने वाला) | एक, दो, तीन, पाँच, सौ, पहला, दूसरा, प्रत्येक, सभी | कितने? कौन-सा? |
| 4. निपातवाचक विशेषण (व्यक्तिगत बँटवारा) | प्रत्येक, हर, कोई भी, सब कोई, जिस-जिस, जो-जो | कौन-कौन? हर कोई? |
| 5. सार्वनामिक विशेषण (सर्वनाम रूप में) | मेरा, तेरा, उसका, उनका, हमारा, यह, वह, इनका, उन, तुम्हारा | किसका? कौन-सा? |
उदाहरण वाक्य के साथ उपयोग :
- सुंदर फूल बगीचे में खिला है। →यह एक गुणवाचक विशेषण है |
- उसने आधा सेब खा लिया। → यह एक परिमाणवाचक विशेषण है |
- तीन बच्चे खेल रहे हैं। → यह एक संख्यावाचक विशेषण है |
- प्रत्येक छात्र ने किताब पढ़ी। → यह एक निपातवाचक विशेषण है |
- मेरा खिलौना टूट गया। → यह एक सार्वनामिक विशेषण है |
🔹अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs on Visheshan)
1. विशेषण क्या होता है?
उत्तर: विशेषण वह शब्द होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। जैसे “सुंदर”, “बड़ा”, “तीन” आदि।
2. विशेषण के कितने प्रकार होते हैं?
उत्तर: विशेषण मुख्यतः पाँच प्रकार के होते हैं:
- गुणवाचक विशेषण
- परिमाणवाचक विशेषण
- संख्यावाचक विशेषण
- निपातवाचक विशेषण
- सार्वनामिक विशेषण
3. गुणवाचक विशेषण के उदाहरण क्या हैं?
उत्तर: गुणवाचक विशेषण वे होते हैं जो किसी संज्ञा की गुण को बताते हैं, जैसे:
“सुंदर”, “तेज़”, “शानदार”, “अच्छा”, “मुलायम”।
4. संख्यावाचक विशेषण क्या है?
उत्तर: संख्यावाचक विशेषण वे विशेषण होते हैं जो किसी संज्ञा की संख्या को बताते हैं, जैसे:
“तीन”, “दस”, “सैकड़ों”, “प्रथम”।
5. विशेषण व सर्वनाम में अंतर क्या है?
उत्तर:
- विशेषण: संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।
- सर्वनाम: संज्ञा के स्थान पर उपयोग होने वाला शब्द होता है।
उदाहरण:
विशेषण: सुंदर लड़का
सर्वनाम: वह लड़का
6. परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण क्या हैं?
उत्तर: परिमाणवाचक विशेषण वह होते हैं जो किसी संज्ञा की मात्रा को बताते हैं, जैसे:
“थोड़ा”, “अधूरा”, “काफी”, “पूरा”, “बहुत”।
7. निपातवाचक विशेषण क्या होता है?
उत्तर: निपातवाचक विशेषण वह होते हैं जो व्यक्तिगत बंटवारा या प्रत्येक व्यक्ति/वस्तु को संदर्भित करते हैं, जैसे:
“प्रत्येक”, “कोई भी”, “जो-जो”, “हर”।
8. सार्वनामिक विशेषण किसे कहते हैं?
उत्तर: सार्वनामिक विशेषण वह होते हैं जो सर्वनाम के रूप में उपयोग होते हैं, जैसे:
“मेरा”, “तुम्हारा”, “उसका”, “हमारा”, “इनका”।
✏️ भाग A: रिक्त स्थान भरिए (Fill in the blanks)
- सूरज बहुत ___ चमक रहा है।
👉 उत्तर: तेज़ - मेरे पास ___ किताबें हैं।
👉 उत्तर: तीन - यह ___ फूल बहुत सुंदर है।
👉 उत्तर: लाल - राम एक ___ लड़का है।
👉 उत्तर: ईमानदार ✅ (नैतिक मूल्य) - बुजुर्गों की सेवा करना एक ___ काम है।
👉 उत्तर: पवित्र ✅ (नैतिक मूल्य) - दीया ने ___ पानी पिया।
👉 उत्तर: थोड़ा - बगीचे में ___ पेड़ लगे हैं।
👉 उत्तर: कई - नेहा ने ___ उत्तर दिया।
👉 उत्तर: सही - एक ___ बच्चा दरवाज़े पर खड़ा है।
👉 उत्तर: छोटा - हमें हमेशा ___ भाषा बोलनी चाहिए।
👉 उत्तर: मधुर ✅ (नैतिक मूल्य)
✏️ भाग B: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- “सुंदर” किस प्रकार का विशेषण है?
A) संख्यावाचक
B) परिमाणवाचक
C) गुणवाचक
👉 उत्तर: C) गुणवाचक - “तीन” किस प्रकार का विशेषण है?
A) निपातवाचक
B) संख्यावाचक
C) सार्वनामिक
👉 उत्तर: B) संख्यावाचक - “मेरा” किस प्रकार का विशेषण है?
A) गुणवाचक
B) सार्वनामिक
C) परिमाणवाचक
👉 उत्तर: B) सार्वनामिक - “थोड़ा” किस प्रकार का विशेषण है?
A) परिमाणवाचक
B) संख्यावाचक
C) गुणवाचक
👉 उत्तर: A) परिमाणवाचक - “प्रत्येक छात्र को समय का पालन करना चाहिए।” — यह किस प्रकार का विशेषण है?
A) निपातवाचक
B) संख्यावाचक
C) परिमाणवाचक
👉 उत्तर: A) निपातवाचक
✏️ भाग C: सही विशेषण चुनिए
- वह एक ___ बालक है। (ईमानदार / जल्दी)
👉 उत्तर: ईमानदार ✅ (नैतिक मूल्य) - बच्चों को ___ भोजन पसंद होता है। (स्वादिष्ट / ऊँचा)
👉 उत्तर: स्वादिष्ट - एक ___ पक्षी उड़ता हुआ आया। (सुंदर / पढ़ता)
👉 उत्तर: सुंदर - हमें ___ निर्णय लेना चाहिए। (सही / लंबा)
👉 उत्तर: सही ✅ (नैतिक मूल्य) - वह लड़की बहुत ___ है। (चतुर / नीला)
👉 उत्तर: चतुर
✏️ भाग D: उत्तर चुनिए (सही-गलत)
“सच्चाई” की राह पर चलना ___ बात है। (उचित / मीठा)
👉 उत्तर: उचित ✅ (नैतिक मूल्य)
“लाल” एक विशेषण है।
👉 उत्तर: सही
“तुम्हारा” एक संज्ञा है।
👉 उत्तर: गलत (यह सार्वनामिक विशेषण है)
“हर छात्र को नियम मानना चाहिए।” — यह वाक्य निपातवाचक विशेषण दर्शाता है।
👉 उत्तर: सही
“तेज़” शब्द गति बताने वाला क्रिया है।
👉 उत्तर: गलत (यह विशेषण है)
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