वाच्य – हिंदी व्याकरण का महत्वपूर्ण विषय, परिभाषा और भेद उदाहरण सहित
वाच्य किसे कहते है शाब्दिक अर्थ और परिभाषा|
नमस्कार दोस्तों!
स्वागत है आपका आज के इस लेख में। आज हम जानेंगे कि
- वाच्य किसे कहते हैं?
- वाच्य कितने प्रकार होते हैं?
- कर्म वाच्य किसे कहते हैं?
- कर्तृवाच्य किसे कहते हैं?
- भाववाच्य किसे कहते हैं?
- वाच्य परिवर्तन कैसे करते है ?
- वाच्य क्या महत्व है ?
- कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य में क्या अंतर है।
इसके साथ-साथ प्रत्येक प्रकार को उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक समझेंगे। तो चलिए , आज के इस लेख में हम वाच्य का गहराई से अध्ययन करते है|
वाच्य का शाब्दिक अर्थ होता है — “जो कहा जाए” या “कहा जाने योग्य”।
Table of Contents
वाच्य की परिभाषा
“वाच्य, क्रिया का वह रूप होता है जिससे यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है।” सरल शब्दों में कहा जाए तो “वाच्य क्रिया का वह रूप होता है जिससे हमें यह समझ में आसानी होती है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से कौन मुख्य है।”
वाच्य के माध्यम से हमें यह पता चलता है कि किसी वाक्य में क्रिया की प्रधानता कर्ता के साथ है, कर्म के साथ है, या फिर भाव के साथ है।”
चलिए अब हम वाच्य को एक उदाहरण की सहायता से और भी आसानी से समझने का प्रयास करते है |
1. कर्तृवाच्य (जब क्रिया कर्ता के साथ होती है)
वाक्य: अंकित सेब खाता है।
👉 यहाँ “अंकित ” कर्ता है, जो स्वयं क्रिया कर रहा है — खाना।
इसलिए यह कर्तृवाच्य वाक्य है।
🔵 2. कर्मवाच्य (जब क्रिया कर्म के साथ होती है)
वाक्य: सेब अंकित द्वारा खाया जाता है।
👉 यहाँ “सेब” कर्म है, जो क्रिया के साथ है और “अंकित ” गौण हो गया है।
इसलिए यह कर्मवाच्य है।
🟣 3. भाववाच्य (जब क्रिया केवल भाव प्रकट करती है)
वाक्य: खाना अच्छा लगता है।
👉 यहाँ न तो स्पष्ट कर्ता है, न कर्म। केवल भाव (काम करना या उसका अनुभव) व्यक्त किया गया है।
इसलिए यह भाववाच्य है।
वाच्य के भेद एवं वाच्य के विभिन्न प्रकार को समझिये |
ऊपर दिए गए उदाहरणों के अब तक आपको इस बात का ज्ञान हो गया होगा की वाच्य के कुल 3 (तीन) भेद होते है |
- कर्तृवाच्य
- कर्मवाच्य
- भाववाच्य
अब हम इन तीनों प्रकार के वाच्यों को उदाहरण के दिए साथ विस्तारपूर्वक समझते है |
कर्तृवाच्य किसे कहते है ? What is Active Voice?
कर्तवाच्य किसे कहते है ? यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है | चलिए अब हम कर्तवाच्य की परिभाषा को समझते है |
जब की किसी वाक्य में कर्ता प्रमुख भूमिका के रूप में कार्य करता है तो उसे कर्तवाच्य कहते है | कर्ता का मतलब होता है कार्य करने वाला| कर्ता की वाक्य में मुख्य भूमिका होने के कारण उस वाक्य में हो रही क्रिया कर्त के अनुरूप कार्य करती है | कर्तृवाच्य को अंग्रेजी (ENGLISH ) में Active Voice कहते है |
कर्तृवाच्य के उदाहरण | Examples of Active Voice.
- अंकित ने खाना खाया।
- रागिनी सफाई कर रही है।
- बच्चे आंगन में मस्ती कर रहे हैं।
- शिक्षक ने पाठ समझाया।
- मैं रोज़ सुबह कसरत करता हूँ।
- वह सर्कस में गया।
- हम सबने मिलकर काम पूरा किया।
- मोहन ने कार का चित्र बनाया।
- उन्होंने सभा को संबोधित किया।
- चिड़िया घोंसला बना रही है।
कर्मवाच्य किसे कहते है ? What is Passive Voice?
कर्तवाच्य को समझने के बाद हम कर्मवाच्य को समझने का प्रयास करते है |
जब किसी वाक्य में कर्ता की बजाय कर्म को मुख्य रूप से प्रस्तुत किया जाता है और क्रिया भी कर्म के अनुसार (लिंग, वचन, पुरुष) होती है, तो ऐसे वाक्य को कर्मवाच्य कहा जाता है।
📌 साधारण भाषा में:
जब कोई कार्य किसने किया, यह ज़्यादा महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि कार्य किस पर हुआ या क्या किया गया, यह ज़्यादा महत्वपूर्ण होता है — तो वह कर्मवाच्य होता है। कर्मवाच्य को अंग्रेजी (ENGLISH ) में Passive Voice कहते है |
कर्मवाच्य के उदाहरण ? Examples of Passive Voice.
- खाना अंकित द्वारा खाया गया।
- सफाई रागिनी द्वारा की जा रही है।
- आंगन में मस्ती बच्चों द्वारा की जा रही है।
- पाठ शिक्षक द्वारा समझाया गया।
- रोज़ सुबह कसरत की जाती है।
- सर्कस में वह भेजा गया।
- काम हम सबके द्वारा मिलकर पूरा किया गया।
- कार का चित्र मोहन द्वारा बनाया गया।
- सभा का संबोधन उनके द्वारा किया गया।
- घोंसला चिड़िया द्वारा बनाया जा रहा है।
भाववाच्य किसे कहते है ? What is Impersonal Voice ?
भाववाच्य एक विशेष प्रकार का वाच्य है | ऐसे वाक्य, जिनमें किसी व्यक्ति या वस्तु पर अधिक ध्यान न देकर, कार्य या भावना पर ज़ोर दिया जाता है, उन्हें भाववाच्य वाक्य कहते हैं।
भाववाच्य को अंग्रेजी (ENGLISH ) में Impersonal Voice कहते है |
भाववाच्य के उदाहरण Examples of Impersonal Voice.
- मुझे भूख लग रही है।
- अब कुछ कहा नहीं जाता।
- यहाँ शांति महसूस होती है।
- इस समय पढ़ा नहीं जा सकता।
- हमें सुबह जल्दी उठना चाहिए।
- वहाँ जाना आवश्यक है।
- तुमसे अब रहा नहीं जाता।
- बच्चों को डाँटना नहीं चाहिए।
- बारिश में भीगा जा रहा है।
- इतनी गर्मी सहन नहीं होती।
वाच्य परिवर्तन
वाच्य परिवर्तन का अर्थ होता है — एक वाच्य को दूसरे वाच्य में बदलना।
जब किसी वाक्य को —
- कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य या भाववाच्य में,
- कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य या भाववाच्य में, या
- भाववाच्य से कर्तृवाच्य या कर्मवाच्य में
परिवर्तित किया जाता है, तो उस प्रक्रिया को वाच्य परिवर्तन कहा जाता है।
✅ सरल भाषा में समझें:
वाच्य परिवर्तन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें वाक्य की रचना बदल जाती है, लेकिन वाक्य का अर्थ या भाव वही बना रहता है।
वाच्य परिवर्तन का प्रयोग वाक्य को और अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली बनाने के लिए किया जाता है |
| कर्तृवाच्य | कर्मवाच्य | भाववाच्य |
| माँ ने खाना बनाया। | खाना माँ द्वारा बनाया गया। | खाना बनाया गया। |
| डॉक्टर ने इलाज किया। | इलाज डॉक्टर द्वारा किया गया। | इलाज किया गया। |
| शुभम ने यात्रा की। | यात्रा शुभम द्वारा की गई। | यात्रा की गई। |
| राम ने नाव चलाई। | नाव राम द्वारा चलाई गई। | नाव चलाई गई। |
| रीना ने सफाई की। | सफाई रीना द्वारा की गई। | सफाई की गई। |
वाच्य परिवर्तन के नियम क्या है ?
अभी तक हमने यह जाना कि वाच्य क्या होता है और इसके कितने प्रकार होते हैं।
अब हम वाच्य परिवर्तन के नियमों को जानेंगे।
जब किसी वाक्य का वाच्य परिवर्तित किया जाता है, तो उस परिवर्तन के कुछ निश्चित नियम होते हैं।
एक वाच्य को दूसरे वाच्य में बदलने के लिए अलग-अलग नियमों का पालन किया जाता है, ताकि वाक्य का अर्थ बना रहे और वह व्याकरण की दृष्टि से भी सही हो।
अब हम एक-एक करके सभी वाच्य परिवर्तन के नियम को समझते है :
कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में परिवर्तन:
- वाक्य में कर्ता की भूमिका गौण हो जाती है |
- कर्म प्रमुख हो जाता है |
- कर्ता के साथ “द्वारा” का प्रयोग होता है |
| कर्तृवाच्य | कर्मवाच्य |
| अंकित ने सफ़ाई की | | सफ़ाई अंकित द्वारा की गई। |
| राजकुमार ने खाना बनाया | | खाना राजकुमार द्वारा बनाया गया। |
| पवन ने गाडी चलाई | | गाड़ी पवन द्वारा चलाई गई। |
| सीता ने पानी पिया | | पानी सीता द्वारा पिया गया। |
| अनीता ने गेम खेला | | गेम अनीता द्वारा खेला गया। |
| अंजलि ने छलांग लगाई | | छलांग अंजलि द्वारा लगाई गई। |
| सौरभ ने पत्र लिखा | साक्षी ने लेख लिखा | | पत्र सौरभ द्वारा लिखा गया।लेख साक्षी द्वारा लिखा गया। |
| राहुल ने पेड़ काटा | | पेड़ राहुल द्वारा काटा गया। |
| बच्चों ने मस्ती की | | मस्ती बच्चों द्वारा की गई। |
कर्तृवाच्य से भाववाच्य में परिवर्तन:
- कर्ता के साथ “से” जोडा जाता है |
- वाक्य में क्रिया का जोर कर्म पर होता है।
| कर्तृवाच्य | भाववाच्य |
|---|---|
| मैं खाता हूँ | | मुझ से खाया जाता है | |
| अंकिता नाचती है | | अंकिता से नांचा जाता है | |
| बच्चे दौड़ते है | | बच्चों से दौड़ा जाता है | |
| राम पढता है | | राम से पढ़ा जाता है | |
| विशाल रोता है | | विशाल से रोया जाता है | |
| रीना गीत गाती है। | रीना से गीत गाया जाता है | |
| पिता समाचार पढ़ते हैं। | पिता से समाचार पढ़ा जाता है | |
| मोनू आम खाता है। | मोनू से आम खाया जाता है | |
| सीमा किताब पढ़ती है। | सीमा से किताब पढ़ी जाती है | |
| बच्चे चित्र बनाते हैं। | बच्चों से चित्र बनाया जाता है | |
कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य में परिवर्तन:
- कर्ता प्रमुख बन जाता है।
- कर्ता के साथ “ने” का प्रयोग किया जाता है ।
- वाक्य में कर्म द्वितीय हो जाता है।
| कर्मवाच्य | कर्तृवाच्य |
| विनाशकरियों द्वारा पेड़ काटा गया | | विनाशकरियों ने पेड़ काटा। |
| माँ के द्वारा खाना परोसा गया | | माँ ने खाना परोसा। |
| मैकेनिक द्वारा कार ठीक करी गयी | | मैकेनिक ने कार ठीक की।) |
| बच्चों के द्वारा चित्र बनाए गए। | बच्चों ने चित्र बनाए |
| मेरे द्वारा यह कार्य पूरा किया गया। | मैंने यह कार्य पूरा किया। |
| सीता के द्वारा पानी भरा गया | | सीता ने पानी भरा। |
| अनीता द्वारा फसल काटी गयी | | अनीता ने फसल काटी। |
| बच्चों के द्वारा किताब पढ़ी गई। | बच्चों ने किताब पढ़ी। |
| परीक्षा राम द्वारा दी गयी | | राम ने परीक्षा दी। |
| सवाई राधा द्वारा की गयी | | राधा ने सवाई बनाई। |
कर्मवाच्य से भाववाच्य परिवर्तन:
- “द्वारा” के स्थान पर “से” का उपयोग होता है |
- क्रिया सामान्यतः पुल्लिंग एकवचन में होती है, क्योंकि कार्य को प्रधान माना जाता है|
वर्तमान काल में भाववाच्य की क्रिया में सामान्यतः ‘जाता है’, ‘जाती है’, ‘जाते हैं’ जैसे रूपों का प्रयोग किया जाता है:
- यदि क्रिया पुल्लिंग एकवचन हो → ‘जाता है’
- यदि क्रिया स्त्रीलिंग एकवचन हो → ‘जाती है’
- यदि क्रिया बहुवचन हो → ‘जाते हैं’
| कर्मवाच्य | भाववाच्य |
| डाकिए द्वारा पत्र बाँटा गया। | डाकिए से पत्र बाँटा जाता है | |
| राजा के द्वारा दंड दिया गया। | राजा से दंड दिया जाता है | |
| पुलिस द्वारा चोर पकड़ा गया। | पुलिस से चोर पकड़ा जाता है | |
| मजदूरों के द्वारा पुल बनाया गया। | मजदूरों से पुल बनाया जाता है | |
| शिक्षिका के द्वारा छात्रों को पुरस्कार दिया गया। | शिक्षिका से छात्रों को पुरस्कार दिया जाता है | |
| डॉक्टर द्वारा मरीज का इलाज किया गया। | डॉक्टर से मरीज का इलाज किया जाता है | |
| बच्ची के द्वारा गीत गाया गया। | बच्ची से गीत गाया जाता है | |
| किसानों के द्वारा खेत जोते गए। | किसानों से खेत जोते जाते हैं। |
| नेताओं के द्वारा भाषण दिया गया। | नेताओं से भाषण दिया जाता है। |
| बालकों के द्वारा खेल खेला गया। | बालको से खेल खेला जाता है | |
भाववाच्य से कर्तृवाच्य में परिवर्तन:
- वाक्य में कर्ता मुख्य विषय बन जाता है |
- वाक्य में से “से ” हटा दिया जाता है |
क्रिया में सहायक क्रिया जैसे “है’, ‘था’, ‘हूँ’, ‘हैं’, ‘थे’” का प्रयोग किया जाता है |
| भाववाच्य | कर्तृवाच्य |
| दुकानदार से सामान बेचा जाता है। | दुकानदार सामान बेचता है | |
| वैज्ञानिक से खोज की जाती है। | वैज्ञानिक खोज करता है। |
| गाय से दूध दुहा जाता है। | गाय दूध देती है | |
| कर्मचारी से काम कराया जाता है। | कर्मचारी काम करते है | |
| पंडित से पूजा कराई जाती है। | पंडित पूजा करता है | |
| कलाकार से चित्र बनाया जाता है। | कलाकार चित्र बनाता है। |
| रसोइए से खाना पकाया जाता है। | रसोइया खाना पकाता है। |
| विद्यार्थी से सवालों के उत्तर दिए जाते हैं। | विद्यार्थी सवालो के उत्तर देते हैं | |
| डाकिए से पत्र बाँटे जाते हैं। | डाकिए पत्र बाँटता है | |
| पुलिस से चोर पकड़े जाते हैं। | पुलिस चोर पकड़ती है | |
भाववाच्य से कर्मवाच्य परिवर्तन
- भाववाच्य में जहाँ कर्ता स्पष्ट नहीं होता, कर्मवाच्य में उसे व्यक्त किया जाता है।
- वाक्य में ‘से’ की जगह ‘द्वारा’ का प्रयोग होता है।
- यह कर्ता को दर्शाने के लिए किया जाता है।
- क्रिया को इस प्रकार बदला जाता है कि कर्मवाच्य की पहचान बनी रहे — जैसे ‘लिखा गया’, ‘कहा गया’, ‘किया गया’ आदि।
| भाववाच्य | कर्मवाच्य |
| माँ से खाना बनाया जाता है। | माँ के द्वारा खाना बनाया जाता है | |
| बच्चे से होमवर्क कराया जाता है। | शिक्षक के द्वारा बच्चे से होमवर्क कराया जाता है।| |
| पिताजी से बाजार से सब्ज़ी लाई जाती है। | पिताजी के द्वारा बाजार से सब्ज़ी लाई जाती है। |
| नौकर से घर साफ़ कराया जाता है। | नौकर के द्वारा घर साफ़ किया जाता है। |
| अख़बारवाले से अख़बार बाँटा जाता है। | अख़बारवाले के द्वारा अख़बार बाँटा जाता है। |
| ड्राइवर से गाड़ी चलाई जाती है। | ड्राइवर के द्वारा गाडी चलाई जाती है | |
| सैनिकों से देश की रक्षा की जाती है। | सैनिकों के द्वारा देश की रक्षा की जाती है। |
| न्यायाधीश से फैसला सुनाया जाता है। | न्यायाधीश के द्वारा फैसला सुनाया जाता है। |
| बच्चों से शोर मचाया जाता है। | बच्चों के द्वारा शोर मचाया जाता है। |
| टीचर से बच्चों को समझाया जाता है। | टीचर के द्वारा बच्चों को समझाया जाता है। |
| 🔹 बिंदु | ✅ कर्तृवाच्य | ✅ कर्मवाच्य |
| क्या होता है? | जिसमें करने वाला (कर्ता) मुख्य होता है। | जिसमें काम पर ध्यान होता है, करने वाला बाद में आता है। |
| किस पर ज़ोर होता है? | काम करने वाले (कर्ता) पर | जिस पर काम हुआ उस (कर्म) पर |
| कर्ता की स्थिति | वाक्य की शुरुआत में होता है | ‘द्वारा’ या ‘से’ के बाद आता है |
| क्रिया कैसी होती है? | कर्ता के अनुसार बदलती है (लिंग और वचन के अनुसार) | कर्म के अनुसार बदलती है |
| वाक्य बनता कैसे है? | कर्ता + कर्म + क्रिया | कर्म + ‘द्वारा’ कर्ता + क्रिया |
| उदाहरण 1 | राम ने सेब खाया। | सेब राम द्वारा खाया गया। |
| उदाहरण 2 | छात्र ने उत्तर लिखा। | उत्तर छात्र द्वारा लिखा गया। |
| कब इस्तेमाल होता है? | जब हमें बताना हो कि काम किसने किया। | जब हमें बताना हो कि काम क्या हुआ। |








