इस चित्र में हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय लिंग (Gender) की परिभाषा, उसके प्रकार और उदाहरणों को सरल भाषा में समझाया गया है। पूरी जानकारी के लिए Shikshafree.com पर ब्लॉग पढ़ें।
लिंग की परिभाषा , लिंग के भेद और इसके परिवर्तन के नियम | Ling kise kahte hai hindi mai
लिंग हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण और रोचक विषय है | आज के इस लेख में हम लिंग के बारे में अध्ययन करेंगे | आज हम जानेंगे की लिंग किसे है , लिंग की परभाषा क्या होती है , इसके कितने भेद होते है और अंत में इसके परिवर्तन के नियम को समझेंगे |
लिंग की परिभाषा (Ling in Hindi) – शुद्ध रूप:
“लिंग” संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता है संकेत, पहचान, चिह्न या भेद। इस शब्द का प्रयोग हिंदी, मराठी आदि भाषाओं में किया जाता है।
हिंदी भाषा में “लिंग” का प्रयोग संज्ञा और सर्वनाम शब्दों के पुल्लिंग (पुरुषवाचक) या स्त्रीलिंग (स्त्रीवाचक) रूप को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। इससे यह पता चलता है कि वाक्य में जिस व्यक्ति, वस्तु या प्राणी की बात हो रही है, वह पुरुष है या स्त्री।
हिंदी व्याकरण में “लिंग” का अर्थ होता है — शब्द का वह चिह्न जिससे उसके स्त्री या पुरुष होने का बोध होता है। अंग्रेज़ी में “लिंग” को “Gender” कहा जाता है।
“लिंग उस शब्द को कहा जाता है जिस शब्द से से हमें किसी भी वाक्य में व्यक्ति , वस्तु के स्त्री और पुरुष होने का पता चले | ” लिंग के दो प्रकार होते है स्त्रीलिंग और पुल्लिंग |
पुरुष जाति के उदाहरण: लड़का, राजा, बेटा, आदमी, शेर, गुरु, मित्र, किसान, छात्र, देवता आदि |
स्त्री जाति के उदाहरण : लड़की, रानी ,बेटी, औरत, शेरनी, गुरुमाता, सखी, किसानिन, छात्रा, देवी आदि |
पुल्लिंग और स्त्रीलिंग के कुछ अन्य उदाहरण |
| क्रम संख्या | पुल्लिंग | स्त्रीलिंग |
| 1 | सेवक | सेविका |
| 2 | रक्षक | रक्षिका |
| 3 | दूल्हा | दुल्हन |
| 4 | बालक | बालिका |
| 5 | लेखक | लेखिका |
| 6 | अभिनेता | अभिनेत्री |
| 7 | सिंगर | सिंगरिन / गायिका |
| 8 | तोता | तोती |
| 9 | हाथी | हथिनी |
| 10 | बिल्ली का बच्चा | बिल्ली |
| 11 | मोर | मोरनी |
| 12 | घोड़ा | घोड़ी |
| 13 | राजा | महारानी |
| 14 | डाकिया | डाकिन |
| 15 | नायक | नायिका |
| 16 | बकरी का बच्चा | बकरी |
| 17 | पंडित | पंडिता / पंडिताइन |
| 18 | व्यापारी | व्यापारीन |
| 19 | अधिकारी | अधिकारीन |
| 20 | पहलवान | पहलवानिन / महिला पहलवान |
लिंग के कितने भेद होते है ?
लिंग की परिभाषा जानने के हम लिंग के भेदों को समझते है | हिंदी , अंग्रेजी , और संस्कृत में लिंग के अलग-अलग भेद होते है | हिंदी में केवल (2) दो ही भेद होते है , इंग्लिश (english ) में (4 ) चार और जबकि संस्कृत में लिंग के तीन (3) भेद होते है |
भाषाओं में लिंग के भेद:
| भाषा | लिंग के भेद |
| हिन्दी | 1. पुल्लिंग2. स्त्रीलिंग |
| अंग्रेज़ी (English) | 1. Masculine Gender (पुल्लिंग)2. Feminine Gender (स्त्रीलिंग)3. Common Gender (उभयलिंग)4. Neuter Gender (नपुंसक लिंग) |
| संस्कृत | 1. पुल्लिंग2. स्त्रीलिंग3. नपुंसक लिंग |
हिन्दी में लिंग के भेद:
- पुल्लिंग – जिन शब्दों से पुरुष जाति का बोध हो।
👉 उदाहरण: लड़का, राजा, पिता, शेर - स्त्रीलिंग – जिन शब्दों से स्त्री जाति का बोध हो।
👉 उदाहरण: लड़की, रानी, माता, शेरनी
English में लिंग के भेद:
- Masculine Gender (पुल्लिंग) – जो पुरुष जाति को दर्शाते हैं।
👉 Example: Man, Boy, King, Father - Feminine Gender (स्त्रीलिंग) – जो स्त्री जाति को दर्शाते हैं।
👉 Example: Woman, Girl, Queen, Mother - Common Gender (उभयलिंग) – जो दोनों (स्त्री और पुरुष) के लिए समान हों।
👉 Example: Teacher, Doctor, Student, Friend - Neuter Gender (नपुंसक लिंग) – जो निर्जीव वस्तुओं को दर्शाते हैं।
👉 Example: Book, Pen, Table, Chair
संस्कृत में लिंग के भेद:
- पुल्लिंग – जैसे: रामः, बालकः, गुरु:
- स्त्रीलिंग – जैसे: सीता, बालिका, माता
- नपुंसक लिंग – जैसे: फलम्, पुस्तकम्, जलम्
लिंग निर्धारण के नियम
आशा करता हूँ अब तक आपको लिंग की परिभाषा , इसके भेद अभी तक समझ आ गए होंगे | अब हम विस्तार से लिंग परिवर्तन के नियम हो समझते है | किसी शब्द को एक लिंग से दूसरे लिंग में बदलने के लिए कुछ नियम होते हैं। अब हम एक-एक करके इन नियम को समझने का प्रयास करते है |
- जब कोई प्राणीवाचक संज्ञा किसी पुरुष जीव का संकेत करती है, तो वह शब्द पुल्लिंग होता है। इसी तरह, अगर वही संज्ञा स्त्री जीव को दर्शाती है, तो वह स्त्रीलिंग कहलाती है।
उदाहरण: कुत्ता, घोड़ा, तोता — पुल्लिंग हैं, जबकि कुतिया, घोड़ी, तोती — स्त्रीलिंग हैं।
- कुछ प्राणी ऐसे होते हैं जिनमें लिंग का साफ़ पता नहीं चलता, यानी वे शब्द पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसे रहते हैं। ऐसे शब्दों को भाषा में नित्य पुल्लिंग माना जाता है।
उदाहरण: साँप, कछुआ, मेंढ़क, कौआ, उल्लू आदि।
- इसी तरह, कुछ प्राणीवाचक संज्ञाएँ ऐसी होती हैं जो हमेशा स्त्रीलिंग मानी जाती हैं, चाहे वे नर हों या मादा।
उदाहरण: मधुमक्खी, मक्खी, गिलहरी, चिड़िया, छिपकली आदि।
लिंग पहचान में आने वाली कठिनाइयाँ और उनका समाधान
हिंदी भाषा में संज्ञाओं का लिंग तय करना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है, खासकर उनके लिए जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि हिंदी में लिंग निर्धारण अक्सर संस्कृत व्याकरण के नियमों पर आधारित होता है, जहाँ तीन प्रकार के लिंग माने गए हैं — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग।
नपुंसकलिंग में वे शब्द आते हैं जो निर्जीव वस्तुओं को दर्शाते हैं, जैसे – जल, फल, वस्त्र आदि। हिंदी में भी अधिकतर अप्राणीवाचक संज्ञाएँ नपुंसक लिंग के अंतर्गत आती हैं, लेकिन उनका लिंग तय करना हमेशा सीधा नहीं होता।
जिनकी मातृभाषा हिंदी है, उन्हें यह निर्णय आदत और अभ्यास के कारण अक्सर स्वाभाविक रूप से हो जाता है। लेकिन फिर भी, कई बार भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है, क्योंकि कुछ शब्दों के पर्यायवाची शब्द विपरीत लिंग के हो सकते हैं।
जैसे:
- “पुस्तक” को स्त्रीलिंग माना जाता है,
- जबकि उसका पर्याय “ग्रंथ” पुल्लिंग होता है।
इस तरह के उदाहरण लिंग निर्धारण को और जटिल बना देते हैं।
लिंग की पहचान कैसे करे |
“जैसा कि हम जानते हैं, लिंग किसी भी व्यक्ति या वस्तु के स्त्रीलिंग और पुल्लिंग रूप को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। अर्थात, लिंग से हमें यह पता चलता है कि कोई संज्ञा स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग। जब भी किसी संज्ञा शब्द का लिंग परिवर्तन करना हो, तो सबसे पहले उस शब्द के लिंग की पहचान कीजिए। लिंग पहचानने के बाद उस शब्द को बहुवचन में बदलिए। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि बहुवचन में परिवर्तन के बाद शब्द के अंत में ‘याँ’ या ‘आँ’ आता है, तो वह शब्द स्त्रीलिंग होता है। और यदि अंत में ‘याँ’ या ‘आँ’ नहीं आता है, तो वह पुल्लिंग माना जाता है। जैसे:”
- ताला -ताले (अंत में “ऍ” या “आँ” नहीं आया है तो यह शब्द पुल्लिंग है।)
- खिड़की -खिड़किया (अंत में “आँ” आया है तो यह शब्द स्त्रीलिंग हैं।)
- लड़का – लड़के-अंत में “ऍ” या “ए” आया है → पुल्लिंग है।
- मेज़ – मेज़ें-अंत में “एँ” (या “आँ”) आया है → स्त्रीलिंग है।
- कुत्ता – कुत्ते-अंत में “ऍ” आया है → पुल्लिंग है।
लिंग के उदाहरण
स्त्रीलिंग और पुल्लिंग के 100 उदहारण |
| पुल्लिंग 1 | स्त्रीलिंग 1 | पुल्लिंग 2 | स्त्रीलिंग 2 |
| लड़का | लड़की | बेटा | बिटिया |
| कुत्ता | कुतिया | चूहा | चुहिया |
| बंदर | बंदरिया | लेखक | लेखिका |
| गायक | गायिका | सेवक | सेविका |
| अध्यापक | अध्यापिका | शिष्य | शिष्या |
| छात्र | छात्रा | पंडित | पंडिताइन |
| चौधरी | चौधरानी | सेठ | सेठानी |
| जेठ | जेठानी | नाई | नाईन |
| माली | मालिन | ग्वाला | ग्वालिन |
| मालिक | मालकिन | कवि | कवयित्री |
| विद्वान | विदुषी | साधु | साध्वी |
| राजा | रानी | नर | नारी |
| पुत्र | पुत्री | भाई | बहन |
| पिता | माता | सम्राट | सम्राज्ञी |
| वर | वधू | श्रीमान | श्रीमती |
| सिंह | सिंहनी | मोर | मोरनी |
| ऊँट | ऊँटनी | हाथी | हथिनी |
| बकरा | बकरी | घोड़ा | घोड़ी |
| चिड़ा | चिड़िया | गुड्डा | गुड्डिया |
| मामा | मामी | भाभा | भाभी |
| सुत | सुता | तपस्वी | तपस्विनी |
| स्वामी | स्वामिनी | परोपकारी | परोपकारिनी |
| दास | दासी | भक्त | भक्तिन |
| शेर | शेरनी | नाग | नागिन |
| मुख्याध्यापक | प्रधानाध्यापिका | चिकित्सक | चिकित्सिका |
| देव | देवी | भगवान | भगवती |
| बच्चा | बच्ची | दोस्त | दोस्त (same) |
| झील | झीलें | खिड़की | खिड़कियाँ |
| समिति | समितियाँ | भाषा | भाषाएँ |
| कक्षा | कक्षाएँ | कविता | कविताएँ |
| दया | दयाएँ | विद्या | विद्याएँ |
| इच्छा | इच्छाएँ | रोटी | रोटियाँ |
| सब्जी | सब्जियाँ | कचौड़ी | कचौड़ियाँ |
| खिचड़ी | खिचड़ियाँ | श्रृंगार | श्रृंगारें |
| मेज़ | मेज़ें | घंटा | घंटे |
| दिन | दिन (same) | समय | समय (same) |
| पानी | पानी (same) | तेल | तेल (same) |
| दूध | दूध (same) | मित्र | मित्रा (?) |
| पति | पत्नी | पती | पत्नी |
| शिशु | शिशु (same) | बच्चा | बच्ची |
पुल्लिंग किसे कहते है इसकी पहचान कैसे करें ?
“पुल्लिंग शब्द का अर्थ है ‘पुरुष’। अर्थात, जिस संज्ञा शब्द से हमें पुरुष जाति का बोध हो, उस शब्द को पुल्लिंग कहा जाता है। जैसे घोडा , गधा , राजा ,सैनिक , सिपाही , कवि , कुत्ता , बंदर , चूहा , शेर , बाघ , बछड़ा , शिव, पिताजी , अंकल ,चाचा, ताऊ ,मामा आदि |
पुल्लिंग शब्दों के कुछ अपवाद:
कुछ ऐसे शब्द भी होते हैं जो दिखने में स्त्रीलिंग जैसे लगते हैं, लेकिन वास्तव में पुल्लिंग होते हैं। जैसे:
- प्रेम – यह पुल्लिंग है, जैसे: प्रेम महान होता है।
- दर्द – जैसे: दर्द असहनीय था।
- विवाह – यह पुल्लिंग है, जैसे: उसका विवाह कल हुआ।
- रोग – जैसे: यह एक गंभीर रोग है।
- शब्द – जैसे: यह शब्द कठिन है।
- सूरज – यह स्पष्ट रूप से पुल्लिंग है।
पुल्लिंग शब्दों की पहचान कैसे करे ? पुल्लिंग शब्दों को पहचानने के नियम |
- जिन शब्दों का अंत कुछ विशेष प्रत्यय (जैसे अ, त्व, आ, आव, पा, पन, न )से होता है वह शब्द पुल्लिंग कहलाते है | बचपन, लड़कपन, मोटापा, बुढ़ापा, देवत्व, सतीत्व, चढ़ाव, उतराव, तन, मन, वन, जीवन, दर्पण, कारण |
- नदियों के नाम: अधिकांश नदियों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, नर्मदा, कृष्णा, कावेरी, सतलज, चिनाब, झेलम।
- पर्वतों के नाम: पर्वतों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: हिमालय, विंध्याचल, सतपुड़ा, अरावली, आल्प्स, यूराल, कंचनजंगा, एवरेस्ट, कैलाश, मलयाचल।
- दिनों के नाम: सप्ताह के दिनों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार।
- महीनों के नाम: हिंदू पंचांग के महीनों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन।
- ग्रहों के नाम: ग्रहों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु।
- वृक्षों के नाम: अधिकांश वृक्षों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: आम, नीम, बरगद, पीपल, शीशम, सागवान, नारियल, खजूर, बाँस, देवदार।
- पशुओं के नाम: कुछ पशुओं के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: शेर, हाथी, बाघ, भालू, भैंसा, गधा, घोड़ा, बैल, साँप, चीता।
- पक्षियों के नाम: कुछ पक्षियों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: मोर, कौआ, कबूतर, उल्लू, बाज, तोता, गिद्ध, हंस, मैना, बुलबुल।
- समुद्रों के नाम: समुद्रों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक महासागर, अरब सागर।
- वायुयानों के नाम: वायुयानों के सामान्य नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: विमान, हेलीकॉप्टर, जेट, रॉकेट, अंतरिक्ष यान।
- वाहनों के नाम: वाहनों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: कार, ट्रक, बस, ट्रेन, साइकिल, मोटरसाइकिल, स्कूटर, रिक्शा।
- हथियारों के नाम: हथियारों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: तलवार, भाला, बंदूक, राइफल, तीर, कटार, चाकू, बम, तोप।
- संगीत वाद्ययंत्रों के नाम: कुछ संगीत वाद्ययंत्रों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: तबला, ढोल, मृदंग, हारमोनियम, बांसुरी, सितार, सारंगी।
- रंगों के नाम: रंगों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: लाल, नीला, पीला, हरा, काला, सफेद, भूरा, नारंगी, बैंगनी।
- त्योहारों के नाम: कुछ त्योहारों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: दीपावली, होली, दशहरा, रक्षाबंधन, विजयादशमी, मकर संक्रांति, बसंत पंचमी।
- आभूषणों के नाम: कुछ आभूषणों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: कंगन, हार, मंगलसूत्र, अंगूठी, कर्णफूल, चूड़ी।
- फलों के नाम: कुछ फलों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: आम, केला, संतरा, अनार, अमरूद, नारियल, अंगूर, सेब।
- कपड़ों के नाम: कुछ कपड़ों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: कुर्ता, शेरवानी, पायजामा, धोती, कोट, पैंट, जैकेट।
- घरेलू सामानों के नाम: घरेलू सामानों में कुछ नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: पलंग, मेज, कुर्सी, पंखा, दीपक, चूल्हा।
- शहरों के नाम: कुछ शहरों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, जयपुर, लखनऊ।
- देशों के नाम: कुछ देशों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: भारत, नेपाल, भूटान, जापान, चीन, रूस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया।
- दिशाओं के नाम: दिशाओं के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, ईशान, नैऋत्य, वायव्य, आग्नेय।
- पुस्तकों के नाम: कुछ पुस्तकों के सामान्य नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: रामायण, महाभारत, गीता, पुराण, वेद, उपनिषद।
- खेलों के नाम: खेलों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, टेनिस।
- राशियों के नाम: ज्योतिष में राशियों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, मीन।
- नक्षत्रों के नाम: नक्षत्रों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु।
- ऋतुओं के नाम: ऋतुओं के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत, शिशिर।
- सामाजिक पदों के नाम: कुछ सामाजिक पदों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: राजा, मंत्री, सैनिक, शिक्षक, डॉक्टर, वकील, इंजीनियर।
- भवनों के नाम: कुछ भवनों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: मंदिर, महल, किला, विद्यालय, अस्पताल, कार्यालय।
- युगों के नाम: युगों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे: सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग।
वाक्यों में पुल्लिंग शब्दों का प्रयोग |
- पुस्तक: राम ने नई पुस्तक खरीदी।
- घर: हमारा घर गाँव में है।
- वृक्ष: बगीचे में आम का वृक्ष लगा है।
- सूरज: सूरज सुबह जल्दी उगता है।
- चंद्रमा: रात में चंद्रमा बहुत सुंदर दिखता है।
- पर्वत: हिमालय पर्वत बहुत ऊँचा है।
- नदी: गंगा नदी पवित्र मानी जाती है।
- मार्ग: यह मार्ग जंगल से होकर जाता है।
- विद्यालय: मेरा विद्यालय शहर के बीच में है।
- मित्र: मेरा मित्र बहुत मददगार है।
- कुत्ता: हमारा कुत्ता रात में भौंकता है।
- बैल: किसान बैल से खेत जोतता है।
- हाथी: जंगल में हाथी धीरे-धीरे चलता है।
- शेर: शेर जंगल का राजा है।
- पक्षी: सुबह पक्षी मधुर स्वर में चहचहाते हैं।
- कमरा: मेरा कमरा बहुत साफ है।
- मेज: मेज पर किताबें रखी हैं।
- कुर्सी: कुर्सी लकड़ी की बनी है।
- पंखा: गर्मी में पंखा चलाना जरूरी है।
- दरवाजा: दरवाजा खुला रह गया।
- खेत: खेत में धान की फसल लहलहा रही है।
- बगीचा: बगीचा फूलों से भरा है।
- आकाश: आकाश में तारे चमक रहे हैं।
- पत्थर: रास्ते में एक बड़ा पत्थर पड़ा है।
- जंगल: जंगल में कई जंगली जानवर रहते हैं।
- सपना: रात में मुझे एक सुंदर सपना आया।
- रास्ता: यह रास्ता पहाड़ी क्षेत्र की ओर जाता है।
- पहाड़: पहाड़ पर बर्फ जमी हुई थी।
- समुद्र: समुद्र की लहरें बहुत ऊँची थीं।
- बादल: बारिश से पहले बादल गरज रहे थे।
- वायु: ठंडी वायु ने मौसम को सुहाना बना दिया।
- चश्मा: दादाजी का चश्मा मेज पर रखा है।
- कपड़ा: यह कपड़ा बहुत मुलायम है।
- जूता: मेरा जूता फट गया है।
- टोपी: गर्मी में टोपी पहनना जरूरी है।
- छाता: बारिश में छाता साथ रखो।
- पलंग: पलंग पर नया बिस्तर बिछाया गया है।
- दीपक: दीपक रात में रोशनी देता है।
- साइकिल: मैं साइकिल से बाजार गया।
- रेलगाड़ी: रेलगाड़ी समय पर स्टेशन पहुंची।
- पत्र: मुझे मेरे मित्र का पत्र मिला।
- कागज: यह कागज बहुत पतला है।
- कलम: मेरी कलम नीली स्याही से लिखती है।
- चित्र: दीवार पर एक सुंदर चित्र टंगा है।
- खिलौना: बच्चे खिलौना से खेल रहे हैं।
- गाना: उसने मधुर गाना गाया।
- नक्शा: नक्शा देखकर रास्ता ढूंढ लिया।
- पतंग: पतंग आसमान में ऊँचा उड़ रहा है।
- दर्पण: दर्पण में मेरा चेहरा साफ दिखता है।
- सप्ताह: यह सप्ताह बहुत व्यस्त रहा।
स्त्रीलिंग संज्ञा: एक विस्तृत और रोचक अध्ययन
स्त्रीलिंग संज्ञा हिन्दी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो उन शब्दों को दर्शाती है जो स्त्री जाति से संबंधित होते हैं। अब हम स्त्रीलिंग संज्ञा की परिभाषा, इसके प्रकार, प्रत्यय, पहचान के नियम, और कुछ अनोखे उदाहरणों के साथ-साथ अतिरिक्त जानकारी को सरल और आकर्षक भाषा में समझेंगे।
स्त्रीलिंग संज्ञा की परिभाषा
स्त्रीलिंग संज्ञा वे शब्द हैं जो स्त्री जाति का बोध कराते हैं। ये शब्द प्राणियों, वस्तुओं, भावों, या प्रकृति से संबंधित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए:
- प्राणी: माँ, बहन, रानी, गाय, शेरनी, चिड़िया।
- वस्तु: किताब, कुर्सी, नदी, साड़ी।
- भाव: खुशी, शांति, चमक, प्रेरणा।
अपवाद शब्द
कुछ शब्द ऐसे हैं जो सामान्यतः स्त्रीलिंग प्रतीत होते हैं, लेकिन वे वास्तव में पुल्लिंग होते हैं। ये अपवाद समझना जरूरी है:
- उदाहरण: सूरज, चंद्रमा, पर्वत, मयूर, सावन, मंगल।
इन शब्दों को देखकर लग सकता है कि ये स्त्रीलिंग हैं, लेकिन ये पुल्लिंग हैं।
स्त्रीलिंग प्रत्यय: शब्दों का रूपांतरण
पुल्लिंग शब्दों को स्त्रीलिंग में बदलने के लिए कुछ विशेष प्रत्ययों का उपयोग होता है। ये प्रत्यय शब्दों को नया अर्थ और लिंग प्रदान करते हैं। यहाँ कुछ अनोखे और उपयोगी प्रत्यय दिए गए हैं:
- -ई: छोटा → छोटी, सुंदर → सुंदरी।
- -इनी: मुनि → मुनिनी, साधु → साध्वी।
- -आनी: भाई → भाभी, सेठ → सेठानी।
- -इया: बच्चा → बेटिया, गाना → गीतिया।
- -नी: शेर → शेरनी, साँप → साँपनी।
- -इन: मालिक → मालकिन, राजा → रानी।
- -आइन: चौधरी → चौधराइन, जमींदार → जमींदारिन।
उदाहरण:
- राम (पुल्लिंग) → रमा (स्त्रीलिंग)।
- कवि (पुल्लिंग) → कवयित्री (स्त्रीलिंग)।
स्त्रीलिंग की पहचान: नियम और उदाहरण
स्त्रीलिंग शब्दों को पहचानने के लिए कुछ सामान्य नियम हैं। नीचे दिए गए नियम और उनके अनोखे उदाहरण इस विषय को और स्पष्ट करेंगे:
- प्रत्यय आधारित पहचान
जिन शब्दों के अंत में ख, ट, वट, हट, आनी जैसे प्रत्यय आते हैं, वे प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं।- उदाहरण:
- ताजगी (ताजा से बनी)।
- चमकाहट (चमक से बनी)।
- सजावट (सजाने की क्रिया से)।
- भटकन (भटकने की भावना)।
- रंगरानी (रंग से बनी, एक काल्पनिक किरदार का नाम)।
- उदाहरण:
- अंत ध्वनियाँ
अनुस्वार (ं), ईकार (ी), उकार (ू), तकार (त), सकार (स) आदि से समाप्त होने वाली संज्ञाएँ अक्सर स्त्रीलिंग होती हैं।- उदाहरण:
- रस्सी, चम्मच, खिड़की, बत्ती।
- कटोरी, चादर, झाड़ू, कैंची।
- सैर, खोज, प्रीत, नींद।
- उदाहरण:
- भाषा, बोली और लिपि
सभी भाषाओं, बोलियों और लिपियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं।- उदाहरण:
- मराठी, तमिल, उर्दू, भोजपुरी।
- खरोष्ठी, ब्राह्मी, रोमन, तेलुगु लिपि।
- उदाहरण:
- नदियों के नाम
भारत की अधिकांश नदियों के नाम स्त्रीलिंग हैं, जो हमारी संस्कृति में माता के रूप में पूजी जाती हैं।- उदाहरण:
- भागीरथी, अलकनंदा, मंदाकिनी, तुंगभद्रा।
- कोसी, गोमती, चंबल, सिन्धु।
- उदाहरण:
- तारीखें और तिथियाँ
तारीखों और तिथियों के नाम भी स्त्रीलिंग होते हैं।- उदाहरण:
- तीज, संकष्टी, दशमी, अष्टमी।
- पांचवीं, सातवीं, बारहवीं।
- उदाहरण:
- नक्षत्रों के नाम
नक्षत्रों के नाम भी स्त्रीलिंग होते हैं, जो भारतीय ज्योतिष में महत्वपूर्ण हैं।- उदाहरण:
- कृत्तिका, पुनर्वसु, विशाखा, अनुराधा।
- उदाहरण:
- हमेशा स्त्रीलिंग
कुछ संज्ञाएँ हमेशा स्त्रीलिंग होती हैं, चाहे वे प्राणी हों या वस्तु।- उदाहरण:
- तितली, मधुमक्खी, बिल्ली, कौआ।
- झील, माला, चूड़ी, बस्ती।
- उदाहरण:
- समूहवाचक संज्ञाएँ
समूह को दर्शाने वाली संज्ञाएँ प्रायः स्त्रीलिंग होती हैं।- उदाहरण:
- सभा, मंडली, टोली, जमात।
- उदाहरण:
- प्राणीवाचक संज्ञाएँ
कुछ प्राणीवाचक संज्ञाएँ जो विशेष रूप से स्त्री से संबंधित हैं।- उदाहरण:
- माँ, दादी, नानी, सास।
- उदाहरण:
- पुस्तकों और ग्रंथों के नाम
धार्मिक और साहित्यिक ग्रंथों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं।- उदाहरण:
- भागवत, पुराण, वेद, उपनिषद।
- उदाहरण:
- आहार और व्यंजन
खाद्य पदार्थों और व्यंजनों के नाम अक्सर स्त्रीलिंग होते हैं।- उदाहरण:
- खीर, हलवा, पूरी, जलेबी।
- उदाहरण:
- शरीर के अंग
शरीर के कुछ अंगों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं।- उदाहरण:
- हथेली, कोहनी, भौंह, पलक।
- उदाहरण:
- आभूषण और वस्त्र
गहने और कपड़ों के नाम प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं।- उदाहरण:
- लहंगा, ओढ़नी, कंगन, हार।
- उदाहरण:
- मसाले
रसोई में उपयोग होने वाले मसालों के नाम भी स्त्रीलिंग हैं।- उदाहरण:
- जीरा, राई, हींग, तेजपत्ता।
- उदाहरण:
- राशियाँ
ज्योतिष में राशियों के नाम भी स्त्रीलिंग होते हैं।- उदाहरण:
- वृश्चिक, धनु, मकर, मिथुन।
- उदाहरण:
वाक्यों में स्त्रीलिंग शब्दों का प्रयोग |नए एवं अनोखे उदाहरण
स्त्रीलिंग शब्दों का वाक्य में प्रयोग
- खुशबू: कमरे में गुलाब की खुशबू फैल रही है।
- सैर: सुबह की सैर ने मन को तरोताजा कर दिया।
- चादर: उसकी चादर रंग-बिरंगी थी।
- आकांक्षा: उसकी आकांक्षा आसमान छू रही थी।
- झील: पहाड़ों के बीच झील का पानी चमक रहा था।
- सपना: रात में देखा सपना सुबह तक याद रहा।
- ममता: माँ की ममता अनमोल होती है।
- लहर: समुद्र की लहरें किनारे से टकरा रही थीं।
- ज्योति: दीपक की ज्योति अंधेरे को मिटा देती है।
- चमक: उसकी आँखों की चमक सबको आकर्षित करती थी।
द्विलिंगी शब्द: दोनों लिंगों में प्रयोग
कुछ शब्द ऐसे हैं जो पुल्लिंग और स्त्रीलिंग दोनों के लिए उपयोग होते हैं। ये शब्द संदर्भ के आधार पर अर्थ बदलते हैं।
- उदाहरण:
- अध्यापक/अध्यापिका: रमेश हमारे अध्यापक हैं। रमा हमारी अध्यापिका हैं।
- नेता/नेत्री: वह एक कुशल नेता हैं। वह एक प्रेरक नेत्री हैं।
- सहपाठी: मेरा सहपाठी बहुत मेहनती है। मेरी सहपाठी बहुत होशियार है।
- संगीतकार: वह संगीतकार बहुत प्रसिद्ध है (पुरुष/स्त्री दोनों के लिए)।
स्त्रीलिंग शब्दों का सांस्कृतिक और भाषाई महत्व
हिन्दी में स्त्रीलिंग शब्दों का महत्व केवल व्याकरण तक सीमित नहीं है। ये शब्द हमारी संस्कृति, परंपरा, और प्रकृति से गहराई से जुड़े हैं। उदाहरण के लिए:
- नदियाँ: गंगा और यमुना को माता के रूप में पूजा जाता है, जो स्त्रीलिंग का सांस्कृतिक महत्व दर्शाता है।
- पुस्तकें: गीता और रामायण जैसे ग्रंथ न केवल साहित्यिक बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।
- प्रकृति: प्रकृति को हमेशा स्त्रीलिंग (माँ प्रकृति) के रूप में देखा जाता है, जो जीवन और सृजन का प्रतीक है।
स्त्रीलिंग शब्दों को याद करने का आसान तरीका
- प्रत्यय पर ध्यान दें: यदि शब्द के अंत में -ई, -नी, -आनी, -इया जैसे प्रत्यय हैं, तो वह अधिकांश : स्त्रीलिंग है।
- संदर्भ समझें: शब्द का प्रयोग वाक्य में देखकर उसके लिंग का अनुमान लगाएँ।
- सांस्कृतिक संदर्भ: नदियाँ, तिथियाँ, और पुस्तकों जैसे शब्द हमेशा स्त्रीलिंग होते हैं।
- अभ्यास: रोजमर्रा के जीवन में वस्तुओं, भावों, और प्राणियों के नामों को उनके लिंग के साथ लिखें और याद करें।
लिंग परिवर्तन एवं इसके नियम
जब भी हम पुल्लिंग शब्द को स्त्रीलिंग शब्द में परिवर्तन करते है तो इसके परिवर्तन के कुछ नियम होते है | इन नियमों की सहायता से हम आसानी के लिंग परिवर्तन कर सकते है | अब हम लिंग परिवर्तन के नियम को समझते है |
हिंदी में पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के नियम और उदाहरण
नियम 1: जब किसी पुल्लिंग शब्द का अंत ‘अ’ या ‘आ’ वर्ण से होता है, तो उस वर्ण को हटाकर ‘ई’ जोड़ने पर शब्द का लिंग स्त्रीलिंग हो जाता है।
उदाहरण:
- लड़का → लड़की
- मामा → मामी
- नाना → नानी
- बेटा → बेटी
- चाचा → चाची
- राजा → रानी
- सेठ → सेठानी
- मालिक → मालकिन
- दादा → दादी
- काका → काकी
नियम 2: जब कुछ चुनिंदा पुल्लिंग शब्दों का अंत ‘अ’, ‘आ’, या ‘वा’ हो, तो उसे हटाकर ‘इया’ जोड़ने पर शब्द का लिंग स्त्रीलिंग हो जाता है।
उदाहरण:
- साला → साली
- जीजा → जीजी
- भगवान → भगवती
- साधु → साध्वी
- देव → देवी
- गुरु → गुरुआइन
- भइया → भाभी
- स्वामी → स्वामिनी
- मालवा → मालवी
- सेठवा → सेठानी
नियम 3: जिन पुल्लिंग शब्दों के अंत में ‘अक’ प्रत्यय हो, उनमें ‘अक’ को हटाकर ‘इका’ जोड़ने पर शब्द स्त्रीलिंग बन जाता है।
उदाहरण:
- बालक → बालिका
- विद्यार्थी → विद्यार्थिनी
- लेखक → लेखिका
- शिक्षक → शिक्षिका
- पाठक → पाठिका
- गायक → गायिका
- नायक → नायिका
- कथक → कथिका
- शिल्पक → शिल्पिका
- चित्रक → चित्रिका
नियम 4: कुछ पुल्लिंग शब्दों को स्त्रीलिंग में बदलने के लिए उनके साथ ‘नर’ या ‘मादा’ जोड़ना अनिवार्य होता है।
उदाहरण:
- नर कुत्ता → मादा कुत्ता
- नर शेर → मादा शेर
- नर मोर → मादा मोर
- नर हाथी → मादा हाथी
- नर गाय → मादा गाय
- नर बाघ → मादा बाघ
- नर भालू → मादा भालू
- नर ऊँट → मादा ऊँट
- नर साँप → मादा साँप
- नर घोड़ा → मादा घोड़ा
नियम 5: कुछ पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द एक साथ जुड़े होते हैं और उनका उच्चारण एक साथ किया जाता है।
उदाहरण:
- माता-पिता
- भाई-बहन
- पति-पत्नी
- राजा-रानी
- नर-मादा
- गुरु-शिष्या
- सास-ससुर
- मालिक-मालकिन
- चाचा-चाची
- नाना-नानी
नियम 6: कुछ शब्दों का स्त्रीलिंग में परिवर्तन करना कठिन होता है, इसलिए इनमें ‘आनी’ प्रत्यय जोड़कर स्त्रीलिंग बनाया जाता है।
उदाहरण:
- ठाकुर → ठकुरानी
- चौधरी → चौधरानी
- जमींदार → जमींदारानी
- सरदार → सरदारानी
- मलिक → मलिकानी
- राव → रानी
- खान → खानम
- साहब → साहibana
- मियां → मियानी
- राय → रायानी
नियम 7: कुछ पुल्लिंग शब्दों में ‘इन’ प्रत्यय जोड़कर स्त्रीलिंग बनाया जाता है।
उदाहरण:
- मोर → मोरनी
- शेर → शेरनी
- बाघ → बाघिन
- साँप → साँपिन
- कुत्ता → कुतिया
- भेड़िया → भेड़ियानी
- गधा → गधिन
- ऊँट → ऊँटनी
- खरगोश → खरगोशनी
- चूहा → चूहिया
नियम 8: कुछ शब्दों में ‘आइन’ प्रत्यय जोड़कर स्त्रीलिंग बनाया जाता है।
उदाहरण:
- मालिक → मालकिन
- सेठ → सेठानी
- पंडित → पंडिताइन
- हकीम → हकीमाइन
- उस्ताद → उस्तादाइन
- खान → खानम
- साहब → साहिबाइन
- गुरु → गुरुआइन
- स्वामी → स्वामिनी
- शाह → शाहनी
नियम 9: जब कुछ पुल्लिंग शब्दों का अंत ‘ता’ से होता है, तो उसे हटाकर ‘त्री’ जोड़ने पर स्त्रीलिंग बनता है।
उदाहरण:
- नेता → नेत्री
- दाता → दात्री
- कर्ता → कर्त्री
- हर्ता → हर्त्री
- भर्ता → भर्त्री
- वक्ता → वक्त्री
- श्रोता → श्रोत्री
- धाता → धात्री
- गाता → गात्री
- पालता → पालत्री
नियम 10: जब किसी पुल्लिंग शब्द से भाव या जाति का बोध होता है, तो उसके अंत में ‘नी’ जोड़कर स्त्रीलिंग बनाया जाता है।
उदाहरण:
- ब्राह्मण → ब्राह्मणी
- क्षत्रिय → क्षत्रियानी
- वैश्य → वैश्यानी
- शूद्र → शूद्रानी
- राजपूत → राजपूतनी
- जाट → जटनी
- गुर्जर → गुर्जरनी
- मराठा → मराठिनी
- सिख → सिखनी
- पठान → पठानी
नियम 11: कुछ पुल्लिंग शब्दों में ‘इनी’ जोड़कर स्त्रीलिंग बनाया जाता है।
उदाहरण:
- हंस → हंसिनी
- मयूर → मयूरी
- कोयल → कोयलिनी
- सर्प → सर्पिणी
- व्याघ्र → व्याघ्रिणी
- मृग → मृगिणी
- कछुआ → कछुइनी
- भँवरा → भँवरिणी
- तीतर → तीतरिणी
- बटेर → बटेरिणी
नियम 12 : जब संस्कृत के कुछ पुल्लिंग शब्द ‘वान्’ या ‘मान्’ से अंत होते हैं, तो उनमें ‘वती’ या ‘मति’ जोड़कर स्त्रीलिंग बनाया जाता है।
उदाहरण:
- विद्वान् → विदुषी
- भगवान् → भगवती
- श्रीमान् → श्रीमती
- गुणवान् → गुणवती
- बलवान् → बलवती
- तेजस्वान् → तेजस्वती
- यशस्वान् → यशस्वती
- धनवान् → धनवती
- धर्मवान् → धर्मवती
- बुद्धिमान् → बुद्धिमती
नियम 13 :संस्कृत के कुछ अकारांत (अ से अंत होने वाले) पुल्लिंग शब्दों का स्त्रीलिंग बनाने के लिए उनके अंत में ‘आ’ जोड़ा जाता है।
उदाहरण:
- देव → देवी
- मुनि → मुनी
- कवि → कव्या
- ऋषि → ऋष्या
- नदी → नद्या
- पति → पत्नी
- सखि → सख्या
- गुरु → गुरुआ
- विदु → विद्या
- यति → यत्या
लिंग निर्णय /लिंग निर्धारण करने के प्रकार
- तत्सम शब्दों का लिंग निर्णय
- अर्थ के अनुसार लिंग निर्णय
- तद्भव शब्दों का लिंग निर्णय
- प्रत्ययों के आधार पर तद्भव शब्दों का लिंग निर्णय
- अंग्रेजी शब्दों का लिंग निर्णय
- संस्कृत शब्दों का लिंग निर्णय
- उर्दू शब्दों का लिंग निर्णय
1. तत्सम शब्दों का लिंग निर्णय
मतलब: तत्सम शब्द वे होते हैं जो सीधे संस्कृत से लिए गए होते हैं और बिना बदले हुए हिंदी में आ जाते हैं।
कैसे लिंग तय करें?
इन शब्दों का लिंग अक्सर संस्कृत जैसा ही होता है।
🔹 उदाहरण:
- देव (पुल्लिंग) – संस्कृत में भी पुल्लिंग है।
- देवी (स्त्रीलिंग) – संस्कृत में भी स्त्रीलिंग है।
- अग्नि – संस्कृत में पुल्लिंग, हिंदी में भी वैसे ही।
- कवि – पुल्लिंग
आसान भाषा में कहें तो:
जो शब्द संस्कृत से जैसे के तैसे आ गए हों, उनका लिंग वैसे ही माना जाएगा जैसा संस्कृत में होता है।
2. अर्थ के अनुसार लिंग निर्णय
मतलब: कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनका लिंग उनके अर्थ से समझ में आता है।
कैसे लिंग तय करें?
अगर कोई शब्द किसी पुरुष या स्त्री के बारे में बता रहा है, तो उसी के अनुसार उसका लिंग होगा।
🔹 उदाहरण:
- राजा (पुल्लिंग) – क्योंकि राजा पुरुष होता है।
- रानी (स्त्रीलिंग) – क्योंकि रानी स्त्री होती है।
- पिता (पुल्लिंग) – अर्थ से पता चल रहा है।
- माता (स्त्रीलिंग) – माँ के लिए।
आसान भाषा में कहें तो:
शब्द किस चीज़ या व्यक्ति को दर्शा रहा है, उसी से उसका लिंग समझ में आता है।
3. तद्भव शब्दों का लिंग निर्णय
मतलब: तद्भव शब्द वे होते हैं जो संस्कृत से तो निकले हैं, लेकिन बदलते-बदलते हिंदी में नए रूप में आ गए हैं।
कैसे लिंग तय करें?
इनका लिंग आमतौर पर बोलचाल की भाषा में जैसा उपयोग होता है, वैसा ही माना जाता है।
🔹 उदाहरण:
- घोड़ा (पुल्लिंग) – संस्कृत का “अश्व” शब्द से आया है।
- गाय (स्त्रीलिंग) – संस्कृत का “गावः” से आया है।
- नदी (स्त्रीलिंग) – संस्कृत में भी स्त्रीलिंग थी।
आसान भाषा में कहें तो:
तद्भव शब्दों का लिंग तय करने के लिए हमें देखना होता है कि आज के समय में वो शब्द कैसे बोला और समझा जा रहा है।
4. प्रत्ययों के आधार पर तद्भव शब्दों का लिंग निर्णय
मतलब: कई बार तद्भव शब्दों के आखिर में जो जोड़ (प्रत्यय) लगते हैं, उनसे भी लिंग पता चल जाता है।
कैसे लिंग तय करें?
कुछ प्रत्यय (जैसे -आ, -ई, -या आदि) लिंग पहचानने में मदद करते हैं।
🔹 उदाहरण:
- जो शब्द -आ पर खत्म होते हैं, वो ज़्यादातर पुल्लिंग होते हैं:
लड़का, राजा, चोरवा - जो शब्द -ई या -या पर खत्म होते हैं, वो ज़्यादातर स्त्रीलिंग होते हैं:
लड़की, रानी, धोबिन, चोरिन
👉 आसान भाषा में कहें तो:
शब्द के आखिर में जो टुकड़ा जुड़ता है, वो बताता है कि शब्द स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग।
5. अंग्रेज़ी शब्दों का लिंग निर्णय
मतलब: अब तो हिंदी में भी बहुत से अंग्रेज़ी शब्द इस्तेमाल होते हैं। ऐसे शब्दों का लिंग कैसे तय करें?
कैसे लिंग तय करें?
इन शब्दों का लिंग हिंदी में उनके अर्थ और इस्तेमाल के हिसाब से तय किया जाता है।
🔹 उदाहरण:
- डॉक्टर – अगर पुरुष डॉक्टर है तो पुल्लिंग, अगर महिला डॉक्टर है तो भी हिंदी में कभी-कभी पुल्लिंग ही बोला जाता है, लेकिन अब ‘डॉक्टरीन’ जैसे रूप भी दिखते हैं।
- टीचर – पुरुष हो तो “वह टीचर है” (पुल्लिंग), महिला हो तो “वह टीचर है” (स्त्रीलिंग माना जाएगा)।
👉 आसान भाषा में कहें तो:
अंग्रेज़ी शब्दों का लिंग उनके इस्तेमाल और संदर्भ से समझा जाता है, कोई तय नियम नहीं है।
6. संस्कृत शब्दों का लिंग निर्णय
मतलब: हिंदी में कुछ शब्द सीधे संस्कृत से लिए जाते हैं, जैसे कि वेद, ज्ञान, अग्नि आदि।
कैसे लिंग तय करें?
इनका लिंग संस्कृत व्याकरण के अनुसार ही माना जाता है।
🔹 उदाहरण:
- वेद – पुल्लिंग
- मूर्ति – स्त्रीलिंग
- ज्ञान – पुल्लिंग
- शक्ति – स्त्रीलिंग
👉 आसान भाषा में कहें तो:
जो शब्द संस्कृत से सीधे लिए गए हैं, उनका लिंग भी संस्कृत जैसा ही होता है।
7. उर्दू शब्दों का लिंग निर्णय
मतलब: हिंदी में कई शब्द उर्दू से भी आए हैं, जैसे “इश्क़”, “जवाब”, “मोहब्बत” आदि।
कैसे लिंग तय करें?
इन शब्दों का लिंग आमतौर पर उनके प्रचलित अर्थ और हिंदी में बोलने के तरीके से तय होता है।
🔹 उदाहरण:
- इश्क़ – पुल्लिंग
- मोहब्बत – स्त्रीलिंग
- जवाब – पुल्लिंग
- कशिश – स्त्रीलिंग
👉 आसान भाषा में कहें तो:
उर्दू से आए शब्दों का लिंग हम उनके अर्थ और भाषा में इस्तेमाल के तरीके से पहचानते हैं।
| लिंग निर्धारण का प्रकार | कैसे पहचानें? (पहचान की विधि) | उदाहरण (पुल्लिंग) | उदाहरण (स्त्रीलिंग) |
| तत्सम शब्द | संस्कृत जैसे ही लिंग होता है | देव, कवि, अग्नि | देवी, शक्ति, मूर्ति |
| अर्थ के अनुसार | अर्थ से तय होता है – पुरुष/स्त्री | राजा, पिता, बेटा | रानी, माता, बेटी |
| तद्भव शब्द | आज की भाषा में जैसा बोला जाता है, वैसा लिंग | घोड़ा, लड़का, चूहा | गाय, लड़की, चुहिया |
| प्रत्यय के आधार पर तद्भव शब्द | शब्द के अंत में लगने वाले प्रत्यय से लिंग तय होता है | लड़का, राजा, धोबी | लड़की, रानी, धोबिन |
| अंग्रेज़ी शब्द | अर्थ और प्रयोग के अनुसार लिंग तय होता है | डॉक्टर (पुरुष), टीचर (पुरुष) | डॉक्टर (स्त्री), टीचर (स्त्री) |
| संस्कृत शब्द | संस्कृत के मूल लिंग के अनुसार | वेद, ज्ञान, अग्नि | शक्ति, मूर्ति, भक्ति |
| उर्दू शब्द | आम बोलचाल के अनुसार और अर्थ से लिंग पता चलता है | इश्क़, जवाब, एहसान | मोहब्बत, कशिश, रहमत |
200 अद्वितीय हिन्दी लिंग परिवर्तन उदाहरण (पुल्लिंग से स्त्रीलिंग)
नीचे 200 अद्वितीय उदाहरण दिए गए हैं जो हिन्दी में पुल्लिंग (Masculine) शब्दों को स्त्रीलिंग (Feminine) शब्दों में परिवर्तित करने के विभिन्न प्रत्ययों और रूपों को दर्शाते हैं। ये उदाहरण सरल, मौलिक और महत्वपूर्ण हैं, जो सामान्य और कुछ असामान्य लेकिन उपयोगी शब्दों को शामिल करते हैं। प्रत्येक जोड़ी में पहले पुल्लिंग शब्द और फिर उसका स्त्रीलिंग रूप दिया गया है। यह सूची व्याकरण को समझने और शब्दावली को समृद्ध करने में मदद करेगी।
प्राणीवाचक संज्ञा (Living Beings)
- भट्ट – भट्टानी (Bhat – Female Bhat)
- साहू – साहूआनी (Sahu – Female Sahu)
- पाठक – पाठकिन (Pathak – Female Pathak)
- मिश्र – मिश्रानी (Mishra – Female Mishra)
- तिवारी – तिवरानी (Tiwari – Female Tiwari)
- शर्मा – शर्मानी (Sharma – Female Sharma)
- गुप्त – गुप्तानी (Gupta – Female Gupta)
- वर्मा – वर्मानी (Verma – Female Verma)
- राव – रावनी (Rao – Female Rao)
- चौहान – चौहानी (Chauhan – Female Chauhan)
- सक्सेना – सक्सेनी (Saxena – Female Saxena)
- मल्होत्रा – मल्होत्रानी (Malhotra – Female Malhotra)
- खान – खानम (Khan – Female Khan)
- यादव – यादवानी (Yadav – Female Yadav)
- सैनी – सैनानी (Saini – Female Saini)
- कुशवाह – कुशवाहिनी (Kushwaha – Female Kushwaha)
- राठौर – राठौरी (Rathore – Female Rathore)
- जैन – जैनानी (Jain – Female Jain)
- भट्टाचार्य – भट्टाचार्यानी (Bhattacharya – Female Bhattacharya)
- मौर्य – मौर्यानी (Maurya – Female Maurya)
- मालवीय – मालवीयानी (Malviya – Female Malviya)
- पाल – पालिनी (Pal – Female Pal)
- राय – रायनी (Rai – Female Rai)
- ठाकुर – ठकुरानी (Thakur – Female Thakur)
- जमींदार – जमींदारिन (Landowner – Female Landowner)
- चौधरी – चौधराइन (Headman – Female Headman)
- सिपाही – सिपाहिनी (Soldier – Female Soldier)
- खोजी – खोजिनी (Explorer – Female Explorer)
- शिकारी – शिकारिणी (Hunter – Female Hunter)
- चोर – चोरनी (Thief – Female Thief)
- सुनार – सुनारिन (Goldsmith – Female Goldsmith)
- तेली – तेलिन (Oilman – Female Oilman)
- लोहार – लोहारिन (Blacksmith – Female Blacksmith)
- नाई – नाइन (Barber – Female Barber)
- कसाई – कसाइन (Butcher – Female Butcher)
- धोबी – धोबिन (Washerman – Washerwoman)
- मोची – मोचिनी (Cobbler – Female Cobbler)
- दर्जी – दर्जिन (Tailor – Female Tailor)
- कारीगर – कारीगरनी (Artisan – Female Artisan)
- बनिया – बनियाइन (Merchant – Female Merchant)
- बनजारा – बनजारिन (Nomad – Female Nomad)
- जादूगर – जादूगरनी (Magician – Female Magician)
- नट – नटनी (Acrobat – Female Acrobat)
- सपेरा – सापेरिन (Snake Charmer – Female Snake Charmer)
- मछुआरा – मछुआरिन (Fisherman – Female Fisherman)
- गडरिया – गडरिन (Shepherd – Female Shepherd)
- भिश्ती – भिश्तिनी (Water Carrier – Male Water Carrier)
- हलवाई – हलवाइन (Confectioner – Female Confectioner)
- रसोइया – रसोइयिन (Cook – Female Cook)
- माली – मालिन (Gardener – Female Gardener)
व्यवसाय और भूमिकाएँ (Professions and Roles)
- व्यापारी – व्यापारिणी (Trader – Female Trader)
- कर्मचारी – कर्मचारिणी (Employee – Female Employee)
- लेखपाल – लेखपालिनी (Accountant – Female Accountant)
- संरक्षक – संरक्षिका (Guardian – Female Guardian)
- प्रशंसक – प्रशंसिका (Admirer – Female Admirer)
- सहयोगी – सहयोगिनी (Colleague – Female Colleague)
- परिचित – परिचिता (Acquaintance – Female Acquaintance)
- मार्गदर्शक – मार्गदर्शिका (Guide – Female Guide)
- रक्षक – रक्षिका (Protector – Female Protector)
- सेवक – सेविका (Servant – Female Servant)
- दूत – दूती (Messenger – Female Messenger)
- कथाकार – कथाकारिणी (Storyteller – Female Storyteller)
- चित्रकार – चित्रकारिणी (Painter – Female Painter)
- नृत्यकार – नृत्यकारिणी (Dancer – Female Dancer)
- संगीतकार – संगीतकारिणी (Musician – Female Musician)
- पत्रकार – पत्रकारिता (Journalist – Female Journalist)
- वकील – वकीलनी (Lawyer – Female Lawyer)
- प्रोफेसर – प्रोफेसरनी (Professor – Female Professor)
- मैनेजर – मैनेजरनी (Manager – Female Manager)
- सेक्रेटरी – सेक्रेटरनी (Secretary – Female Secretary)
- ग्राहक – ग्राहिका (Customer – Female Customer)
- गवर्नर – गवर्नरनी (Governor – Female Governor)
- प्रिंसिपल – प्रिंसिपलनी (Principal – Female Principal)
- डाक्टर – डाक्टरनी (Doctor – Female Doctor)
- इंजीनियर – इंजीनियरनी (Engineer – Female Engineer)
- वैज्ञानिक – वैज्ञानिकनी (Scientist – Female Scientist)
- शिक्षक – शिक्षिका (Teacher – Female Teacher)
- शिष्य – शिष्या (Disciple – Female Disciple)
- प्रशिक्षक – प्रशिक्षिका (Trainer – Female Trainer)
- लेखक – लेखिका (Writer – Female Writer)
- कवि – कवयित्री (Poet – Female Poet)
- रचयिता – रचयित्री (Creator – Female Creator)
- संपादक – संपादिका (Editor – Female Editor)
- अनुवादक – अनुवादिका (Translator – Female Translator)
- अभियंता – अभियंत्री (Engineer – Female Engineer)
- प्रबंधक – प्रबंधिका (Manager – Female Manager)
- आयोजक – आयोजिका (Organizer – Female Organizer)
- उपदेशक – उपदेशिका (Preacher – Female Preacher)
- गणक – गणिका (Calculator – Female Calculator)
- परामर्शदाता – परामर्शदात्री (Consultant – Female Consultant)
सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिकाएँ (Social and Cultural Roles)
- मित्र – मित्रा (Friend – Female Friend)
- पड़ोसी – पड़ोसिन (Neighbor – Female Neighbor)
- अतिथि – अतिथिनी (Guest – Female Guest)
- सहपाठी – सहपाठिनी (Classmate – Female Classmate)
- शत्रु – शत्रुता (Enemy – Female Enemy, abstract)
- रिश्तेदार – रिश्तेदारिनी (Relative – Female Relative)
- सखा – सखी (Friend – Female Friend)
- स्वजन – स्वजना (Kin – Female Kin)
- सहचर – सहचरी (Companion – Female Companion)
- संगिनी – संगिनी (Companion – Female Companion)
विशेषण (Adjectives)
- साहसी – साहसिनी (Brave – Female Brave)
- विद्वान – विदुषी (Learned – Female Learned)
- सुंदर – सुंदरी (Beautiful – Female Beautiful)
- चतुर – चतुरा (Clever – Female Clever)
- तेजस्वी – तेजस्विनी (Radiant – Female Radiant)
- धैर्यवान – धैर्यवती (Patient – Female Patient)
- बुद्धिमान – बुद्धिमती (Wise – Female Wise)
- बलशाली – बलशालिनी (Strong – Female Strong)
- शांत – शांता (Calm – Female Calm)
- गंभीर – गंभीरा (Serious – Female Serious)
- सौम्य – सौम्या (Gentle – Female Gentle)
- उत्साही – उत्साहिनी (Enthusiastic – Female Enthusiastic)
- सज्जन – सज्जनी (Gentleman – Female Gentleman)
- धार्मिक – धार्मिकी (Religious – Female Religious)
- परिश्रमी – परिश्रमिणी (Hardworking – Female Hardworking)
- स्नेहशील – स्नेहशीला (Affectionate – Female Affectionate)
- विनम्र – विनम्रा (Humble – Female Humble)
- कृपालु – कृपालुता (Kind – Female Kind)
- उदार – उदारा (Generous – Female Generous)
- प्रखर – प्रखरा (Sharp – Female Sharp)
प्रकृति और जीव (Nature and Animals)
- सुअर – सुअरनी (Pig – Female Pig)
- भालू – भालुनी (Bear – Female Bear)
- गैंडा – गैंडिनी (Rhinoceros – Female Rhinoceros)
- जिराफ – जिराफिनी (Giraffe – Female Giraffe)
- बारहसिंगा – बारहसिंगी (Barasingha – Female Barasingha)
- चीतल – चीतली (Spotted Deer – Female Spotted Deer)
- भेड़िया – भेड़ियानी (Wolf – Female Wolf)
- खरगोश – खरगोशनी (Rabbit – Female Rabbit)
- गज – गजनी (Elephant – Female Elephant)
- बब्बर – बब्बरनी (Lion – Female Lion)
- मयूर – मयूरी (Peacock – Female Peacock)
- कछुआ – कछुई (Turtle – Female Turtle)
- मेंढक – मेंढकी (Frog – Female Frog)
- मकड़ा – मकड़नी (Spider – Female Spider)
- चींटा – चींटी (Ant – Female Ant)
- तिलचट्टा – तिलचट्टनी (Cockroach – Female Cockroach)
- जोंक – जोंकनी (Leech – Female Leech)
- केंकड़ा – केंकड़नी (Crab – Female Crab)
- बिच्छू – बिच्छुनी (Scorpion – Female Scorpion)
- तितलिया – तितली (Butterfly – Female Butterfly)
काल्पनिक और साहित्यिक (Fictional and Literary)
- नायक – नायिका (Hero – Heroine)
- राक्षस – राक्षसी (Demon – Female Demon)
- देवता – देवी (God – Goddess)
- ऋषि – ऋषिका (Sage – Female Sage)
- मुनि – मुनिका (Sage – Female Sage)
- गंधर्व – गंधर्वी (Gandharva – Female Gandharva)
- यक्ष – यक्षिणी (Yaksha – Female Yaksha)
- किन्नर – किन्नरी (Kinnara – Female Kinnara)
- अप्सर – अप्सरा (Apsara – Female Apsara)
- दानव – दानवी (Demon – Female Demon)
अन्य संज्ञाएँ (Other Nouns)
- पंडित – पंडितानी (Scholar – Female Scholar)
- साधु – साध्वी (Saint – Female Saint)
- तांत्रिक – तांत्रिकी (Tantric – Female Tantric)
- ज्योतिषी – ज्योतिषिणी (Astrologer – Female Astrologer)
- वैद्य – वैद्यनी (Physician – Female Physician)
- ओझा – ओझाइन (Exorcist – Female Exorcist)
- गुरु – गुरुआइन (Teacher – Female Teacher)
- भक्त – भक्तिनी (Devotee – Female Devotee)
- यात्री – यात्रीणी (Traveler – Female Traveler)
- दुकानदार – दुकानदारिनी (Shopkeeper – Female Shopkeeper)
- ठेकेदार – ठेकेदारिनी (Contractor – Female Contractor)
- मकान मालिक – मकान मालकिन (Landlord – Female Landlord)
- किरायेदार – किरायेदारिनी (Tenant – Female Tenant)
- खरीददार – खरीददारिनी (Buyer – Female Buyer)
- बेचनेवाला – बेचनेवाली (Seller – Female Seller)
- मालिक – मालकिन (Owner – Female Owner)
- स्वामी – स्वामिनी (Master – Female Master)
- राजा – रानी (King – Queen)
- युवराज – युवरानी (Prince – Princess)
- सेनापति – सेनापतिनी (Commander – Female Commander)
- शासक – शासिका (Ruler – Female Ruler)
- न्यायाधीश – न्यायाधीशा (Judge – Female Judge)
- नेता – नेत्री (Leader – Female Leader)
- कार्यकर्ता – कार्यकर्त्री (Worker – Female Worker)
- प्रचारक – प्रचारिका (Promoter – Female Promoter)
- समीक्षक – समीक्षिका (Critic – Female Critic)
- निरीक्षक – निरीक्षिका (Inspector – Female Inspector)
- प्रहरी – प्रहरीणी (Guard – Female Guard)
- चौकीदार – चौकीदारनी (Watchman – Female Watchman)
- रसूल – रसूलनी (Messenger – Female Messenger)
- संदेशवाहक – संदेशवाहिका (Messenger – Female Messenger)
- प्रेरक – प्रेरिका (Motivator – Female Motivator)
- उपासक – उपासिका (Worshipper – Female Worshipper)
- सन्यासी – सन्यासिनी (Hermit – Female Hermit)
- तपस्वी – तपस्विनी (Ascetic – Female Ascetic)
- योगी – योगिनी (Yogi – Female Yogi)
- संत – संतानी (Saint – Female Saint)
- विद्वान – विद्वती (Scholar – Female Scholar)
- विचारक – विचारिका (Thinker – Female Thinker)
- दार्शनिक – दार्शनिकी (Philosopher – Female Philosopher)
- अन्वेषक – अन्वेषिका (Researcher – Female Researcher)
- खगोलशास्त्री – खगोलशास्त्रिणी (Astronomer – Female Astronomer)
- पुरातत्वविद – पुरातत्वविद्या (Archaeologist – Female Archaeologist)
- इतिहासकार – इतिहासकारिणी (Historian – Female Historian)
- भूगोलवेत्ता – भूगोलवेत्ती (Geographer – Female Geographer)
- गणितज्ञ – गणितज्ञा (Mathematician – Female Mathematician)
- भौतिकशास्त्री – भौतिकशास्त्रिणी (Physicist – Female Physicist)
- रसायनशास्त्री – रसायनशास्त्रिणी (Chemist – Female Chemist)
- जीवविज्ञानी – जीवविज्ञानिनी (Biologist – Female Biologist)
- समाजशास्त्री – समाजशास्त्रिणी (Sociologist – Female Sociologist)









