क्या आपको पता है क्रिकेट में पहले कितने स्टंप थे? जानिए दो से तीन स्टंप तक का पूरा इतिहास और क्रिकेट नियमों का विकास।
📌 क्रिकेट में पहले कितने स्टंप थे?

क्रिकेट दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि क्रिकेट में पहले कितने स्टंप थे? क्या आपको भी लगता है की शुरुआत से क्रिकेट में 3 स्टंप होते है तो आप गलत है |आज हम तीन स्टंप देखते हैं, लेकिन शुरुआत में ऐसा नहीं था। इस लेख में हम जानेंगे how many stumps were there in cricket earlier, उनका इतिहास, बदलाव और आज के क्रिकेट में उनका महत्व।
अगर सीधे सवाल का जवाब दें तो क्रिकेट की शुरुआत में सिर्फ दो स्टंप होते थे। उस समय विकेट का डिज़ाइन बहुत सरल था और नियम भी पूरी तरह तय नहीं थे।
यानी, अगर आपसे कोई पूछे how many stumps were there in cricket originally?
इसका जवाब है – Two stumps (दो स्टंप)
यह व्यवस्था 18वीं सदी तक काफी समय तक चली, लेकिन धीरे-धीरे खेल में बदलाव के कारण तीसरे स्टंप की जरूरत महसूस हुई।\
🏏 शुरुआती दौर का क्रिकेट: सरल लेकिन अलग
क्रिकेट का जन्म 16वीं सदी में इंग्लैंड में हुआ था। उस समय:
- कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं थी
- नियम गांव-गांव में अलग थे
- उपकरण बहुत साधारण थे
- बल्लेबाजी और गेंदबाजी भी आज से अलग थी
शुरुआत में गेंद को रोल करके या अंडरआर्म फेंका जाता था, इसलिए दो स्टंप पर्याप्त माने जाते थे।
दो स्टंप की सबसे बड़ी समस्या
दो स्टंप के बीच गैप काफी ज्यादा होता था। इसके कारण कई बार:
- गेंद सीधे दोनों स्टंप के बीच से निकल जाती थी
- बल्लेबाज आउट नहीं माना जाता था
- दर्शकों और खिलाड़ियों को निराशा होती थी
यही कारण था कि धीरे-धीरे इस व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
📅 1775 की ऐतिहासिक घटना जिसने नियम बदल दिए

साल 1775 में लंदन के आर्टिलरी ग्राउंड में एक मैच खेला गया।
एक प्रसिद्ध गेंदबाज ने लगातार कई गेंदें ऐसी फेंकीं जो:
- बल्लेबाज को beat कर गईं
- लेकिन दोनों स्टंप के बीच से निकल गईं
इस घटना ने क्रिकेट जगत को सोचने पर मजबूर कर दिया कि खेल को निष्पक्ष बनाने के लिए बदलाव जरूरी है।
⭐ तीसरे स्टंप की एंट्री कब हुई?
इसी घटना के बाद 18वीं सदी के अंत में तीसरा स्टंप जोड़ा गया।
इसे बीच में लगाया गया, जिसे middle stump कहा गया।
इससे:
- गैप खत्म हो गया
- गेंद अब आसानी से विकेट नहीं छोड़ सकती थी
- खेल ज्यादा रोमांचक और निष्पक्ष बन गया
समय के साथ स्टंप का विकास (Timeline)
| समय | स्टंप की संख्या | खास बदलाव |
|---|---|---|
| 1500s | 2 | ग्रामीण क्रिकेट की शुरुआत |
| 1700s | 2 | गेंदबाजी में सुधार |
| 1775–1776 | 3 | तीसरा स्टंप जोड़ा गया |
| 1800s | 3 | नियम तय होने लगे |
| 1900s | 3 | अंतरराष्ट्रीय मानक बने |
| आज | 3 | LED और स्मार्ट स्टंप |
स्टंप्स के माप में बदलाव
तीसरे स्टंप के बाद सिर्फ संख्या ही नहीं बदली, बल्कि माप भी तय किए गए:
✔️ ऊंचाई – 28 इंच
✔️ कुल चौड़ाई – 9 इंच
✔️ ऊपर दो बेल (bails)
आज सभी फॉर्मेट में यही मानक लागू हैं।
स्टंप्स मीनिंग इन क्रिकेट
अब समझते हैं स्टंप्स मीनिंग इन क्रिकेट और stumps meaning in cricket in hindi
👉 स्टंप क्रिकेट का वह हिस्सा है जो विकेट बनाता है।
यह तीन लकड़ी या फाइबर के खंभे होते हैं, जिन पर बेल रखी जाती है।
🔹 stumps meaning in test cricket in hindi
टेस्ट क्रिकेट में “Stumps” का मतलब दिन का खेल खत्म होना भी होता है।
उदाहरण:
➡️ “Day 1 Stumps” यानी पहले दिन का खेल समाप्त।
🏆 आधुनिक क्रिकेट में स्टंप्स का महत्व
आज स्टंप्स कई तरीकों से महत्वपूर्ण हैं:
✔️ आउट होने के तरीके
- Bowled
- Run Out
- Stumping
- Hit Wicket
✔️ तकनीकी उपयोग
- LED stumps
- Zing bails
- Stump mic
- DRS फैसले
⚡ दो स्टंप बनाम तीन स्टंप
🔹 दो स्टंप
- बड़ा गैप
- कम निष्पक्षता
- सरल खेल
🔹 तीन स्टंप
- ज्यादा सटीक गेंदबाजी
- निष्पक्ष परिणाम
- बेहतर प्रतिस्पर्धा
तीसरे स्टंप से गेंदबाजी और बल्लेबाजी में बदलाव
गेंदबाजों को फायदा
- Swing और seam प्रभावी
- Yorker सटीक
- Spin middle stump पर
बल्लेबाजों की चुनौती
- बेहतर footwork
- middle stump की रक्षा
- तकनीक में सुधार
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनाया गया मॉडल
जैसे-जैसे क्रिकेट भारत, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में फैला, तीन स्टंप का मॉडल पूरी दुनिया में अपनाया गया।
आज:
- Test
- ODI
- T20
- IPL
हर जगह यही सिस्टम उपयोग होता है।
❓ क्या कभी चार स्टंप का प्रयोग हुआ?
इतिहास में कई प्रयोग हुए, लेकिन:
- तीन स्टंप सबसे संतुलित पाए गए
- इसलिए इसे स्थायी रूप से अपनाया गया
📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts List)
✔️ क्रिकेट की शुरुआत में दो स्टंप होते थे
✔️ तीसरा स्टंप 18वीं सदी में जोड़ा गया
✔️ इससे खेल ज्यादा निष्पक्ष हुआ
✔️ आज भी यही नियम लागू है
✔️ आधुनिक तकनीक तीन स्टंप पर आधारित है
सारांश
अब आपको पता चल गया होगा कि cricket mein pehle kitne stump the? शुरुआत में क्रिकेट में सिर्फ दो स्टंप होते थे, लेकिन खेल के विकास और निष्पक्षता के लिए तीसरा स्टंप जोड़ा गया। इस छोटे बदलाव ने क्रिकेट को आधुनिक, रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
जब भी आप किसी मैच में विकेट गिरते देखें, तो याद रखें कि यह इतिहास और विकास का परिणाम है।






