उपसर्ग (Prefix in Hindi) की परिभाषा, प्रमुख प्रकार, नियम एवं उदाहरणों को सरल भाषा में समझाने वाला आकर्षक हिंदी व्याकरण इन्फोग्राफिक। यह चित्र CBSE, SSC, CTET, UP Police, UPSC, राज्य स्तरीय परीक्षाओं तथा सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।
उपसर्ग (Upsarg) क्या है? — परिभाषा, भेद, 100+ उदाहरण और Exam Tricks (2026)
⚡ Quick Answer / संक्षिप्त उत्तर
उपसर्ग वे शब्दांश (prefixes) हैं जो किसी मूल शब्द के आरंभ (शुरुआत) में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता ला देते हैं। जैसे — प्र + हार = प्रहार, वि + ज्ञान = विज्ञान। हिंदी में उपसर्ग मुख्यतः 3 प्रकार के होते हैं: तत्सम (संस्कृत से), तद्भव (हिंदी मूल), और आगत (उर्दू-फारसी-अंग्रेज़ी से)। संस्कृत में 22, हिंदी में 13, और उर्दू-फारसी में 19 प्रमुख उपसर्ग हैं।
जब मैंने पहली बार उपसर्ग (upsarg) के बारे में पढ़ा था Class 6 में , तो मुझे लगा था की यह तो बहुत मुश्किल topic है – इतने सारे उपसर्ग , इतने सारे अर्थ , और फिर Exam में “बताइए इस शब्द में कौन सा उपसर्ग है” वाला प्रश्न देख के तो दिमाग ही घूम जाता था | लेकिन सच बताऊँ तो, जब मेरे हिंदी टीचर ने मुझे एक Simple Trick सिखाई -“शब्द के पहले का हिस्सा हटाओ, अगर पीछे meaningful शब्द बच जाए, तो वो पहला हिस्सा उपसर्ग है” बस उस दिन से उपसर्ग मेरा सबसे Easy Topic बन गया |
मैं जानता हूँ की तुम्हारे भी Exam में upsarg kise kahate hain, upsarg ke bhed kya hain, ya “अध्यक्ष में कौन सा उपसर्ग है” जैसे questions आते होंगे और confusion होता होगा | कोई Book एक जगह 22 उपसर्ग बोलती है , कोई 13, कोई 19 — और student भर्मित हो जाते है की आखिर है कितने ? टेंशन मत लो — मैं आज तुम्हे एकदम Clear कर दूंगा की यह सब numbers अलग-अलग श्रेणी के है , और एक दूसरे से contradict नहीं करते
इस आर्टिकल की पड़ने के बाद तुम
- उपसर्ग की परिभाषा (definition) crystal-clear समझ जाओगे
- तत्सम, तद्भव, और आगत — तीनों भेद examples के साथ जानोगे
- किसी भी शब्द में उपसर्ग पहचानने की step-by-step trick सीखोगे
- 100+ उदाहरण अर्थ सहित याद कर पाओगे
- उपसर्ग और प्रत्यय का अंतर कभी नहीं भूलोगे
- Exam में आने वाले सभी प्रकार के questions solve कर सकोगे
तो चलो , अगले 15 minute इस topic को हमेशा के लिए master कर लो| Promise करता हूँ — iske baad उपसर्ग के questions tumhare लिए free marks ban jayenge!
Table of Contents
उपसर्ग क्या है? — Definition in Hindi {#upsarg-kya-hai}
उपसर्ग (Upsarg / Prefix) हिंदी व्याकरण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। सबसे सरल भाषा में कहूँ तो:
परिभाषा: जो शब्दांश (word part) किसी मूल शब्द के आरंभ (शुरुआत) में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन, विस्तार, या विशेषता ला देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
English में इसे Prefix कहते हैं — “Pre” मतलद पहले + “fix” मतलब जुड़ना। यानी जो शब्द के पहले जुड़ जाए।
अब इस definition को थोड़ा और detail में समझते हैं | NCERT की Class 6 से 10 तक की Hindi व्याकरण की किताबों में उपसर्ग को इस तरह समझाया गया है:
उपसर्ग की 3 मुख्य विशेषताएँ:
- स्थान (Position): उपसर्ग हमेशा मूल शब्द के आगे (शुरुआत में) लगता है — कभी पीछे नहीं। (पीछे लगने वाले को प्रत्यय कहते हैं — यह अंतर बहुत important है!)
- स्वतंत्र अर्थ (Independent Meaning): उपसर्ग का अपना कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं होता। जैसे “प्र” अकेले कुछ नहीं बोलता, लेकिन “हार” के आगे लगकर “प्रहार” (चोट करना) बना देता है।
- अर्थ परिवर्तन (Meaning Change): उपसर्ग जुड़ने से मूल शब्द का अर्थ बदल जाता है या उसमें कोई नई विशेषता आ जाती है।
एक उदाहरण के साथ समझो
“हार” शब्द का अर्थ है — पराजय (defeat)। अब देखो क्या जादू होता है:
| उपसर्ग + मूल शब्द | नया शब्द | नया अर्थ |
|---|---|---|
| प्र + हार | प्रहार | चोट करना, आक्रमण |
| आ + हार | आहार | भोजन, खाना |
| सम् + हार | संहार | विनाश, नाश |
| वि + हार | विहार | घूमना, सैर |
देखा ? एक ही शब्द “हार” था, लेकिन अलग-अलग उपसर्ग लगाने से चार बिल्कुल अलग अर्थ बन गए! Yahi उपसर्ग की ताकत है।
मेरे experience मे , जो students सिर्फ रटते हैं कि “प्र का अर्थ अधिक है, वि का अर्थ विशेष है” — वे exam में फँस जाते हैं। क्यों? क्योंकि एक उपसर्ग के कई अर्थ हो सकते हैं! जैसे “वि” उपसर्ग:
- वि + जय = विजय (विशेष जीत)
- वि + फल = विफल (अभाव, नहीं)
- वि + देश = विदेश (भिन्न, अलग)
तो याद रखो: उपसर्ग का कोई एक निश्चित अर्थ नहीं होता — यह शब्द में जुड़ने के बाद ही अर्थ देता है।

उपसर्ग का शाब्दिक अर्थ और उत्पत्ति {#upsarg-ka-arth}
अब थोड़ा interesting part सुनो— “उपसर्ग” शब्द खुद कहाँ से आया? यह समझना इसलिए important है क्योकि exam में कभी-कभी “उपसर्ग शब्द की उत्पत्ति बताइए” वाला सवाल भी आता है |
उपसर्ग शब्द दो संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है:
उप (समीप, निकट, पास) + सर्ग (सृष्टि करना, बनाना, जोड़ना)
अर्थात् उपसर्ग का शाब्दिक अर्थ हुआ — “किसी शब्द के समीप (आगे) आकर नया शब्द बनाना।”
सच बताऊँ तो , जब मैंने पहली बार यह etymology समझी, तो मुझे लगा — “वाह! शब्द का मतलब ही उसका काम बता रहा है!” उप = पास, सर्ग = बनाना। बस, शब्द के पास जाकर नया शब्द बना दिया। कितना simple है यह?
उपसर्ग शब्द के अन्य अर्थ भी हैं (यह exam में कभी-कभी पूछा जाता है):
- व्याकरणिक अर्थ: शब्द के आगे जुड़ने वाला शब्दांश (जो हम अभी पढ़ रहे हैं)
- उत्पात / By-product: कोई पदार्थ जो किसी चीज़ बनाते समय बीच में बन जाए। जैसे — गुड़ बनाते समय जो शीरा निकलता है, वह गुड़ का उपसर्ग है।
- विघ्न / बाधा: योग-साधना में आने वाली रुकावट को भी उपसर्ग कहते हैं। जैन साहित्य में इसका विशेष उल्लेख मिलता है।
- अपशगुन: बुरा लक्षण या अपशगुन।
लेकिन exam के लिए तुम्हें मुख्यतः पहला अर्थ (व्याकरणिक) याद रखना है। बाकी अर्थ कभी-कभी MCQ में आ जाते हैं, तो एक नज़र डाल लेना।
उपसर्ग की पहचान कैसे करें? — Step by Step Method {#upsarg-ki-pehchan}
यह section सबसे important है , क्यूंकि exam में सबसे ज़्यादा questions इसी पर आते हैं: “बताइए इस शब्द में कौन सा उपसर्ग है?” जाबी मैंने पहली बार ये trick सीखी थी , तब से आज तक मैं , कभी नहीं भूला। चलो मैं तुम्हे step-by-step बताता हूँ:
Step 1: शब्द को दो हिस्सों में तोड़ो
किसी भी शब्द को देखकर सोचो — “क्या मैं इसके शुरू के 1-3 अक्षर हटाकर पीछे एक meaningful शब्द बना सकता हूँ?”
Example: “प्रगति” → “प्र” हटाओ → “गति” बचता है ✓ (meaningful word!)
Step 2: Check करो — क्या पहला हिस्सा अकेले meaningful है?
अगर पहला हिस्सा (जैसे “प्र”) अकेले कोई पूरा शब्द नहीं बनाता, लेकिन पीछे का हिस्सा (“गति”) एक पूरा शब्द है — तो पहला हिस्सा उपसर्ग है।
Step 3: अर्थ में परिवर्तन verify करो
क्या उपसर्ग लगाने से मूल शब्द का अर्थ बदला?
- “गति” = चाल, movement
- “प्रगति” = आगे बढ़ना, development
- हाँ! अर्थ बदला ✓ → “प्र” उपसर्ग confirmed!
Step 4: उपसर्ग की सूची से match करो
अब देखो कि वह शब्दांश हमारी उपसर्ग सूची (अति, अधि, अनु, अप, अभि, आ, उत्, उप, दुर्, नि, निर्, परा, परि, प्र, प्रति, वि, सम्, सु…) में आता है या नहीं।
Chalo 5 examples solve करते हैं:
| शब्द | Step 1: तोड़ो | Step 2: पीछे शब्द? | Step 3: अर्थ बदला? | उपसर्ग |
|---|---|---|---|---|
| अन्याय | अ + न्याय | न्याय ✓ | हाँ (उल्टा) | अ |
| दुर्गंध | दुर् + गंध | गंध ✓ | हाँ (बुरी) | दुर् |
| अध्यक्ष | अधि + अध्यक्ष | अध्यक्ष ✓ | हाँ (श्रेष्ठ) | अधि |
| विज्ञान | वि + ज्ञान | ज्ञान ✓ | हाँ (विशेष) | वि |
| संहार | सम् + हार | हार ✓ | हाँ (विनाश) | सम् |
Common Mistake Warning: बहुत students “विशेष” में “वि” को उपसर्ग नहीं मानते क्योंकि “शेष” अकेले कम use होता है। लेकिन technically “वि + शेष = विशेष” में “वि” उपसर्ग ही है। Exam में ऐसे tricky words आते हैं — ध्यान रखना!
Pro Tip: अगर शब्द के आगे का हिस्सा हटाने पर पीछे एक स्वतंत्र, अर्थपूर्ण शब्द बच जाए, और आगे का हिस्सा अकेले शब्द न बनाए — तो वह आगे का हिस्सा 99% उपसर्ग है!

उपसर्ग के भेद / प्रकार — Complete Classification {#upsarg-ke-bhed}
अब आते है सबसे important section पर — उपसर्ग के भेद। Yeh section exam का favourite है. CBSE, SSC, UPSC, CTET — हर जगह से “उपसर्ग के कितने भेद हैं?” या “तत्सम और तद्भव उपसर्ग में क्या अंतर है?” wale questions आते हैं।
उपसर्ग के मुख्यतः 3 भेद होते हैं:
- तत्सम उपसर्ग (संस्कृत से सीधे आए)
- तद्भव उपसर्ग (संस्कृत से विकसित होकर हिंदी में बदले)
- आगत उपसर्ग (उर्दू, फारसी, अरबी, अंग्रेज़ी से आए)
चलो एक-एक करके detail में समझते हैं:
4.1 तत्सम उपसर्ग — संस्कृत के 22 उपसर्ग (अर्थ + उदाहरण सहित) {#tatsam-upsarg}
तत्सम उपसर्ग वे हैं जो संस्कृत भाषा से ज्यों-के-त्यों (बिना किसी परिवर्तन के) हिंदी में आ गए हैं। ये प्रायः शुद्ध, साहित्यिक, और formal शब्दों के साथ प्रयुक्त होते हैं।
संस्कृत में कुल 22 प्रमुख उपसर्ग हैं:
| # | उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण (5+ शब्द) |
|---|---|---|---|
| 1 | अति | अधिक, परे, उस पार | अतिशय, अतिरेक, अत्याचार, अतिक्रमण, अतिवृष्टि, अत्यधिक, अतिमानव |
| 2 | अधि | ऊपर, श्रेष्ठ, मुख्य | अधिकार, अध्यक्ष, अधिपति, अधिनायक, अधिसूचना, अध्ययन, अध्यापन |
| 3 | अनु | पीछे, समान, क्रम | अनुकरण, अनुकूल, अनुक्रम, अनुवाद, अनुभव, अनुसार, अनुशासन, अनुज |
| 4 | अन् | अभाव, रहित | अनादि, अनन्त, अनेक |
| 5 | अप | बुरा, हीन, विरुद्ध | अपमान, अपकार, अपयश, अपराध, अपहरण, अपव्यय, अपशकुन, अपकीर्ति |
| 6 | अपि | आवरण, ढकना | अपिधान |
| 7 | अभि | सामने, ओर, अधिक | अभिनंदन, अभिलाषा, अभिमुख, अभिनय, अभिमान, अभ्युत्थान, अभ्युदय, अभिप्राय |
| 8 | अव | हीन, नीच, अभाव | अवगणना, अवतरण, अवकृपा, अवगुण, अवसाद, अवलोकन, अवस्था, अवज्ञा |
| 9 | आ | तक, पूर्ण, उलट, आगे | आकंठ, आजन्म, आरक्त, आगमन, आदान, आक्रमण, आकलन, आचरण |
| 10 | उत् | ऊँचा, श्रेष्ठ, ऊपर | उत्कर्ष, उत्तीर्ण, उत्पन्न, उत्पत्ति, उन्नति, उत्कृष्ट, उत्तम, उत्थान |
| 11 | उद् | ऊपर, प्रकट | उद्गम, उद्भव, उद्भिज्ज, उद्घाटन, उद्बोधन |
| 12 | उप | निकट, गौण, सहायक | उपदेश, उपवन, उपमंत्री, उपहार, उपाध्यक्ष, उपग्रह, उपवेद, उपनेत्र |
| 13 | दुर्/दुस् | बुरा, कठिन | दुर्जन, दुर्गम, दुर्दशा, दुराचार, दुर्लभ, दुष्कर्म, दुश्चरित्र, दुस्साहस |
| 14 | नि | नीचे, निषेध, अत्यंत | निवास, निपात, निषेध, निमग्न, निकामी, निजोर, निबंध, निदेशक, नियंत्रण |
| 15 | निर्/निस् | अभाव, बिना, रहित | निरंजन, निराषा, निरंतर, निरपराध, निर्गुण, निर्दोष, निर्भय, निष्फल, नि:शेष |
| 16 | परा | उलट, पीछे, नाश | पराजय, पराभव, पराक्रम, परामर्श |
| 17 | परि | चारों ओर, पूर्ण, व्याप्त | परिपाक, परिपूर्ण, परिमित, परिश्रम, परिवार, परिवर्तन, परिक्रमा, पर्यावरण |
| 18 | प्र | अधिक, आगे, ऊपर | प्रकोप, प्रबल, प्रगति, प्रचार, प्रभाव, प्रस्ताव, प्रयत्न, प्रकृति, प्रमुख |
| 19 | प्रति | उलट, सामने, प्रत्येक | प्रतिकूल, प्रतिच्छाया, प्रतिदिन, प्रतिवर्ष, प्रत्येक, प्रतिनिधि, प्रतिज्ञा, प्रतिक्रिया |
| 20 | वि | विशेष, भिन्न, अभाव | विख्यात, विनंती, विवाद, विज्ञान, विफल, विधवा, विसंगति, विदेश, विनाश |
| 21 | सम् | अच्छा, साथ, पूर्ण | संस्कृत, संस्कार, संगीत, संयम, संयोग, संहार, संपर्क, संबंध, संसार |
| 22 | सु | अच्छा, श्रेष्ठ, अधिक | सुभाषित, सुकृत, सुगंध, सुगम, सुकर, सुलभ, सुशिक्षित, सुशील, स्वल्प |
Note: “दुर्/दुस्” मूल रूप में “दुः” है — संधि के बाद यह दुर्, दुस्, दूष्, दुश् बन जाता है। इसी तरह “निर्/निस्” मूल रूप में “निः” है।
बहुत students confuse होते है कि “दुर्” और “दुस्” अलग-अलग उपसर्ग हैं या एक? Answer: एक ही उपसर्ग है — बस संधि के कारण रूप बदल जाता है। जैसे:
- दुर् + गम = दुर्गम (यहाँ ‘र्’ आया)
- दुस् + साहस = दुस्साहस (यहाँ ‘स्’ आया)
- दुष् + कर्म = दुष्कर्म (यहाँ ‘ष्’ आया)
4.2 तद्भव उपसर्ग — हिंदी के 13 उपसर्ग {#tadbhav-upsarg}
तद्भव उपसर्ग वे हैं जो मूलतः संस्कृत से विकसित होकर परिवर्तित रूप में हिंदी में प्रचलित हुए। इनका प्रयोग सामान्य बोलचाल और देसी हिंदी शब्दों के साथ होता है।
हिंदी में 13 प्रमुख तद्भव उपसर्ग हैं:
| # | उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1 | अ | अभाव, निषेध, नहीं | अछूता, अथाह, अटल, अज्ञान |
| 2 | अन | अभाव, निषेध | अनमोल, अनबन, अनपढ़, अनदेखा, अनसुना |
| 3 | अध | आधा, अपूर्ण | अधपका, अधकच्चा, अधमरा, अधकचरा, अधजला |
| 4 | उन | एक कम | उनतीस (29), उनसठ (59), उनहत्तर (69), उंतालीस (39) |
| 5 | औ/अव | हीन, निषेध | औगुन, औघर, औसर, औसान |
| 6 | क | बुरा, हीन | कपूत, कचोट |
| 7 | कु | बुरा, अशुभ | कुचाल, कुचैला, कुचक्र, कुपथ, कुसंग |
| 8 | दु | कम, बुरा, दो | दुबला, दुलारा, दुधारू, दुरंगा, दुलत्ती, दुभाषिया, दुगुना |
| 9 | नि | कमी, बिना | निगोड़ा, निडर, निहत्था, निकम्मा |
| 10 | पर | दूसरा, बाद का, पराया | परलोक, परोपकार, परसर्ग, परहित, परदेश |
| 11 | बिन | बिना, निषेध | बिनब्याहा, बिनबादल, बिनपाए, बिनजाने |
| 12 | भर | पूरा, संपूर्ण | भरपेट, भरपूर, भरसक, भरमार, भरदिन |
| 13 | सु | अच्छा, श्रेष्ठ | सुडौल, सुजान, सुघड़, सुफल |
तत्सम vs तद्भव — अंतर समझो:
| तत्सम (संस्कृत से सीधे) | तद्भव (बदलकर हिंदी में) |
|---|---|
| अधि + कार = अधिकार | अ + चल = अचल |
| आ + गमन = आगमन | क + पूत = कपूत |
| प्रति + क्रिया = प्रतिक्रिया | अन + देखा = अनदेखा |
| परि + नाम = परिणाम | भर + पेट = भरपेट |
देखा? तत्सम उपसर्ग ज़्यादा formal और संस्कृत-प्रधान शब्दों में लगते हैं, जबकि तद्भव उपसर्ग रोज़मर्रा की हिंदी में।
4.3 आगत उपसर्ग — उर्दू, फारसी, अरबी के 19 उपसर्ग {#aagat-upsarg}
आगत उपसर्ग वे हैं जो अरबी, फारसी, उर्दू जैसी विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं। आधुनिक हिंदी — खासकर बोलचाल, पत्रकारिता, और प्रशासनिक भाषा — में इनका बहुत ज़्यादा प्रयोग होता है।
19 प्रमुख आगत (उर्दू-फारसी-अरबी) उपसर्ग:
| # | उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1 | अल | निश्चित, अंतिम | अलविदा, अलबत्ता, अलहदा |
| 2 | कम | थोड़ा, हीन, न्यून | कमज़ोर, कमबख़्त, कमअक्ल, कमसिन, कमदाम |
| 3 | खुश | अच्छा, प्रसन्न, श्रेष्ठ | खुशबू, खुशनसीब, खुशकिस्मत, खुशदिल, खुशहाल, खुशमिज़ाज |
| 4 | ग़ैर | निषेध, भिन्न, बिना | ग़ैरहाज़िर, ग़ैरकानूनी, ग़ैरवाजिब, ग़ैरमुमकिन, ग़ैरसरकारी |
| 5 | दर | मध्य में, भीतर | दरमियान, दरअसल, दरहकीकत, दरकिनार |
| 6 | ना | अभाव, नहीं, निषेध | नामुमकिन, नामुराद, नाकामयाब, नापसन्द, नासमझ, नालायक, नाचीज़ |
| 7 | फिल | में, वर्तमान में | फिलहाल, फिलवक्त |
| 8 | फ़ी | प्रति | फ़ीसदी, फ़ीआदमी |
| 9 | ब | से, के, में, अनुसार | बनाम, बदस्तूर, बमुश्किल, बगैर, बदौलत |
| 10 | बद | बुरा | बदनाम, बदमाश, बदकिस्मत, बदबू, बदहज़मी, बददिमाग, बदमज़ा |
| 11 | बर | पर, ऊपर, बाहर | बरकरार, बरवक्त, बरअक्स, बर्खास्त, बरदाश्त |
| 12 | बा | सहित, के साथ | बाकायदा, बाकलम, बाइज्जत, बाइन्साफ, बामुलाहिज़ा, बाअदब |
| 13 | बिला | बिना | बिलावज़ह, बिलालिहाज़, बिलाशक, बिलानागा |
| 14 | बे | बिना, रहित | बेबुनियाद, बेईमान, बेवक्त, बेरहम, बेतरह, बेइज्जत, बेअक्ल, बेकसूर |
| 15 | ला | बिना, नहीं, रहित | लापता, लाजबाब, लावारिस, लापरवाह, लाइलाज, लामानी, लाइल्म, लाज़वाल |
| 16 | सर | मुख्य, प्रधान | सरहद, सरताज, सरपंच, सरकार, सरदार, सरनाम |
| 17 | हम | साथ, समान | हमवतन, हमउम्र, हमदर्द, हमराह, हमख़याल, हमदम |
| 18 | हर | प्रत्येक | हरदिन, हरसाल, हरएक, हरबार, हरदम, हरघड़ी |
| 19 | बिल | के साथ, अंततः | बिलकुल, बिलआख़िर |
4.4 अंग्रेज़ी के उपसर्ग (6 उपसर्ग) {#english-upsarg}
आधुनिक हिंदी में अंग्रेज़ी से भी कुछ उपसर्ग आए हैं, जो विशेषकर प्रशासनिक और सरकारी भाषा में प्रयुक्त होते हैं:
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| सब | अधीन, नीचे | सब-जज, सब-कमेटी, सब-इंस्पेक्टर, सब-एडिटर |
| डिप्टी | सहायक | डिप्टी-कलेक्टर, डिप्टी-मिनिस्टर, डिप्टी-रजिस्ट्रार |
| वाइस | सहायक, उप | वाइसराय, वाइस-चांसलर, वाइस-प्रेसीडेंट |
| जनरल | प्रधान | जनरल मैनेजर, जनरल सेक्रेटरी |
| चीफ़ | प्रमुख | चीफ मिनिस्टर, चीफ इंजीनियर, चीफ सेक्रेटरी |
| हेड | मुख्य | हेडमास्टर, हेड क्लर्क, हेड ऑफिस |
संस्कृत के अव्यय शब्द जो उपसर्ग की तरह प्रयुक्त होते हैं:
| अव्यय शब्द | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| कु | बुरा | कुकर्म, कुपुत्र, कुरूप, कुचेष्टा |
| सु | अच्छा | सुकर्म, सुपुत्र, सुपात्र, सुरूप |
| पुरः | आगे | पुरोहित, पुरस्कार, पुरोगामी |
| पुनः | फिर | पुनर्जन्म, पुनरागमन, पुनर्निर्माण |
| चिर | देर, बहुत | चिरंतन, चिरकाल, चिरायु, चिरस्थायी |
| स | सहित | सजल, सहर्ष, सपरिवार |
| सत् | अच्छा, सच्चा | सत्कार, सज्जन, सत्कार्य, सत्पुरुष |
| आविः | प्रकट | आविर्भाव, आविष्कार |
| अधः | नीचे | अधःपतन, अधोगति, अधोमुखी |
| अंतः | भीतरी | अंतःकरण, अंतःपुर, अंतर्मन |
| बहिर् | बाहर | बहिर्गमन, बहिर्जगत्, बहिर्मुखी |
| सम | समान | समकालीन, समदर्शी, समकोण |
| सह | साथ | सहकार, सहपाठी, सहयोगी |

उपसर्ग के 100+ उदाहरण — अर्थ सहित {#upsarg-ke-udaharan}
अब मैं तुम्हें 100+ examples दे रहा हूँ जो exam में बार-बार आते हैं। इन्हें एक बार ज़रूर पढ़ लेना:
तत्सम उपसर्ग से बने शब्द (50 Examples):
| # | उपसर्ग + शब्द | नया शब्द | अर्थ |
|---|---|---|---|
| 1 | अति + शय | अतिशय | बहुत अधिक |
| 2 | अति + क्रमण | अतिक्रमण | सीमा लाँघना |
| 3 | अधि + कार | अधिकार | स्वामित्व |
| 4 | अधि + अध्यक्ष | अध्यक्ष | सभापति |
| 5 | अनु + करण | अनुकरण | नकल करना |
| 6 | अनु + शासन | अनुशासन | नियम पालन |
| 7 | अप + मान | अपमान | बेइज्जती |
| 8 | अप + राध | अपराध | गुनाह |
| 9 | अभि + नय | अभिनय | नाटक करना |
| 10 | अभि + मान | अभिमान | घमंड |
| 11 | अव + गणना | अवगणना | उपेक्षा |
| 12 | अव + लोकन | अवलोकन | निरीक्षण |
| 13 | आ + गमन | आगमन | आना |
| 14 | आ + क्रमण | आक्रमण | हमला |
| 15 | उत् + कर्ष | उत्कर्ष | उन्नति |
| 16 | उत् + पत्ति | उत्पत्ति | जन्म |
| 17 | उद् + घाटन | उद्घाटन | शुभारंभ |
| 18 | उद् + भव | उद्भव | जन्म, उत्पत्ति |
| 19 | उप + कार | उपकार | मदद |
| 20 | उप + देश | उपदेश | सीख |
| 21 | दुर् + गम | दुर्गम | कठिन, दुर्लभ |
| 22 | दुर् + जन | दुर्जन | बुरा व्यक्ति |
| 23 | नि + वास | निवास | रहना |
| 24 | नि + षेध | निषेध | मनाही |
| 25 | निर् + दोष | निर्दोष | बेगुनाह |
| 26 | निर् + भय | निर्भय | बेडर |
| 27 | परा + जय | पराजय | हार |
| 28 | परा + क्रम | पराक्रम | शौर्य |
| 29 | परि + वार | परिवार | कुटुंब |
| 30 | परि + वर्तन | परिवर्तन | बदलाव |
| 31 | परि + श्रम | परिश्रम | मेहनत |
| 32 | प्र + गति | प्रगति | तरक्की |
| 33 | प्र + भाव | प्रभाव | असर |
| 34 | प्र + यत्न | प्रयत्न | कोशिश |
| 35 | प्रति + दिन | प्रतिदिन | रोज़ |
| 36 | प्रति + निधि | प्रतिनिधि | representative |
| 37 | प्रति + कूल | प्रतिकूल | विपरीत |
| 38 | वि + ज्ञान | विज्ञान | science |
| 39 | वि + जय | विजय | जीत |
| 40 | वि + नाश | विनाश | नाश |
| 41 | वि + देश | विदेश | बाहरी देश |
| 42 | सम् + बंध | संबंध | रिश्ता |
| 43 | सम् + पर्क | संपर्क | contact |
| 44 | सम् + स्कार | संस्कार | culture/values |
| 45 | सु + कर्म | सुकर्म | अच्छा काम |
| 46 | सु + गम | सुगम | आसान |
| 47 | सु + लभ | सुलभ | आसानी से मिलने वाला |
| 48 | सु + भाषित | सुभाषित | अच्छा वचन |
| 49 | अ + ज्ञान | अज्ञान | अज्ञानता |
| 50 | अ + न्याय | अन्याय | अत्याचार |
तद्भव उपसर्ग से बने शब्द (25 Examples):
| # | उपसर्ग + शब्द | नया शब्द | अर्थ |
|---|---|---|---|
| 51 | अ + छूता | अछूता | जिसे छुआ न जाए |
| 52 | अ + टल | अटल | जो टले नहीं |
| 53 | अन + पढ़ | अनपढ़ | जो पढ़ा नहीं |
| 54 | अन + मोल | अनमोल | जिसका मूल्य न हो |
| 55 | अध + पका | अधपका | आधा पका |
| 56 | अध + मरा | अधमरा | आधा मरा |
| 57 | उन + तीस | उनतीस | 29 (एक कम तीस) |
| 58 | क + पूत | कपूत | बुरा पुत्र |
| 59 | कु + चाल | कुचाल | बुरी चाल |
| 60 | दु + बला | दुबला | कमज़ोर |
| 61 | दु + गुना | दुगुना | दो गुना |
| 62 | नि + डर | निडर | बेडर |
| 63 | नि + हत्था | निहत्था | बिना हथियार |
| 64 | पर + लोक | परलोक | दूसरा लोक |
| 65 | पर + उपकार | परोपकार | दूसरों की मदद |
| 66 | बिन + बादल | बिनबादल | बिना बादल |
| 67 | बिन + ब्याहा | बिनब्याहा | बिना विवाह |
| 68 | भर + पेट | भरपेट | पूरा पेट |
| 69 | भर + पूर | भरपूर | पूरी तरह |
| 70 | सु + डौल | सुडौल | अच्छी बनावट |
| 71 | सु + जान | सुजान | अच्छा ज्ञानी |
| 72 | औ + गुन | औगुन | अवगुण, दोष |
| 73 | अ + थान | अथाह | जिसकी थाह न हो |
| 74 | कु + चक्र | कुचक्र | बुरा षड्यंत्र |
| 75 | दु + लारा | दुलारा | प्यारा (विशेष अर्थ) |
आगत (उर्दू-फारसी) उपसर्ग से बने शब्द (25 Examples):
| # | उपसर्ग + शब्द | नया शब्द | अर्थ |
|---|---|---|---|
| 76 | कम + ज़ोर | कमज़ोर | दुर्बल |
| 77 | कम + अक्ल | कमअक्ल | मूर्ख |
| 78 | खुश + बू | खुशबू | अच्छी गंध |
| 79 | खुश + नसीब | खुशनसीब | भाग्यशाली |
| 80 | ग़ैर + कानूनी | ग़ैरकानूनी | अवैध |
| 81 | ग़ैर + हाज़िर | ग़ैरहाज़िर | अनुपस्थित |
| 82 | दर + असल | दरअसल | वास्तव में |
| 83 | ना + मुमकिन | नामुमकिन | असंभव |
| 84 | ना + समझ | नासमझ | मूर्ख |
| 85 | बद + नाम | बदनाम | कुख्यात |
| 86 | बद + माश | बदमाश | दुष्ट |
| 87 | बे + ईमान | बेईमान | dishonest |
| 88 | बे + रहम | बेरहम | क्रूर |
| 89 | ला + पता | लापता | गायब |
| 90 | ला + जवाब | लाजवाब | अद्वितीय |
| 91 | सर + ताज | सरताज | शिरोमणि |
| 92 | सर + पंच | सरपंच | प्रधान |
| 93 | हम + दर्द | हमदर्द | सहानुभूति रखने वाला |
| 94 | हम + उम्र | हमउम्र | समान आयु |
| 95 | हर + दिन | हरदिन | प्रत्येक दिन |
| 96 | बा + कायदा | बाकायदा | नियमपूर्वक |
| 97 | बिला + शक | बिलाशक | निस्संदेह |
| 98 | अल + विदा | अलविदा | विदाई |
| 99 | फ़ी + सदी | फ़ीसदी | प्रतिशत |
| 100 | ना + लायक | नालायक | अयोग्य |
शब्द में उपसर्ग पहचानो — Solved Examples (Exam Special) {#shabd-mein-upsarg}
Yeh section exam का सबसे important section है। “बताइए इस शब्द में कौन सा उपसर्ग है?” — यह question CBSE, SSC, CTET, और सभी competitive exams में आता है। Chalo solve करते हैं:
Easy Level:
Q1: “अध्यक्ष” में कौन सा उपसर्ग है?
→ उत्तर: अध्यक्ष = अधि + अध्यक्ष
→ “अधि” उपसर्ग का अर्थ है “ऊपर, श्रेष्ठ, मुख्य”
→ अध्यक्ष = सभा का मुख्य व्यक्ति (श्रेष्ठ पद)
Q2: “प्रगति” में कौन सा उपसर्ग है?
→ उत्तर: प्रगति = प्र + गति
→ “प्र” उपसर्ग का अर्थ है “आगे, अधिक”
→ प्रगति = आगे बढ़ना (development)
Q3: “विजय” में कौन सा उपसर्ग है?
→ उत्तर: विजय = वि + जय
→ “वि” उपसर्ग का अर्थ है “विशेष”
→ विजय = विशेष जीत (victory)
Medium Level:
Q4: “परिवर्तन” में कौन सा उपसर्ग है?
→ उत्तर: परिवर्तन = परि + वर्तन
→ “परि” उपसर्ग का अर्थ है “चारों ओर, पूर्ण”
→ परिवर्तन = चारों ओर से बदलना (change)
Q5: “पर्यावरण” में किस उपसर्ग का प्रयोग है?
→ उत्तर: पर्यावरण = परि + आवरण (परि + आ + वरण)
→ यहाँ “परि” उपसर्ग है (चारों ओर)
→ Note: इसमें दो उपसर्ग हैं — “परि” और “आ”
Q6: “सुगम” में कौन सा उपसर्ग है?
→ उत्तर: सुगम = सु + गम
→ “सु” उपसर्ग का अर्थ है “अच्छा, सहज”
→ सुगम = आसानी से जाने योग्य (easy)
Q7: “निवास” में कौन सा उपसर्ग है?
→ उत्तर: निवास = नि + वास
→ “नि” उपसर्ग का अर्थ है “भीतर, नीचे, स्थिरता”
→ निवास = भीतर बसना (residence)
Hard Level:
Q8: “समालोचन” में कौन-कौन से उपसर्ग हैं?
→ उत्तर: समालोचन = सम् + आ + लोचन
→ यहाँ दो उपसर्ग हैं: “सम्” (अच्छा, साथ) और “आ” (पूर्ण)
→ समालोचन = अच्छी तरह से पूर्ण रूप से देखना (criticism/review)
Q9: “व्याकरण” में कौन-कौन से उपसर्ग हैं?
→ उत्तर: व्याकरण = वि + आ + करण
→ यहाँ दो उपसर्ग हैं: “वि” (विशेष) और “आ” (पूर्ण)
→ व्याकरण = विशेष रूप से पूर्ण करना (grammar)
Q10: “प्रत्यपवाद” में कौन-कौन से उपसर्ग हैं?
→ उत्तर: प्रत्यपवाद = प्रति + अप + वाद
→ यहाँ दो उपसर्ग हैं: “प्रति” (उलट) और “अप” (बुरा, हीन)
→ प्रत्यपवाद = उलट बुरा बोलना (counter-accusation)
Q11: “अज्ञान” में कौन सा उपसर्ग है?
→ उत्तर: अज्ञान = अ + ज्ञान
→ “अ” उपसर्ग का अर्थ है “अभाव, नहीं”
→ अज्ञान = ज्ञान का अभाव (ignorance)
Q12: “संकल्प” में कौन सा उपसर्ग है?
→ उत्तर: संकल्प = सम् + कल्प
→ “सम्” उपसर्ग का अर्थ है “अच्छा, पूर्ण, साथ”
→ संकल्प = अच्छी तरह से पूर्ण संकल्पना (resolve/determination)
Exam Tip: जब शब्द में “य” या “व” दिखे (जैसे व्याकरण, समालोचन, प्रत्यपवाद), तो समझ जाओ कि वहाँ संधि हुई है और दो उपसर्ग हो सकते हैं। “वि + आ” = “व्या”, “सम् + आ” = “समा”, “प्रति + अप” = “प्रत्यप”।
उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर — Comparison Table {#upsarg-aur-pratyay}
Yeh comparison exam का favourite topic है। “उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर बताइए” — यह question लगभग हर board exam और competitive exam में आता है। Toh chalo ekdum clear कर देते हैं:
| आधार (Basis) | उपसर्ग (Prefix) | प्रत्यय (Suffix) |
|---|---|---|
| परिभाषा | शब्द के आगे (शुरुआत में) जुड़ने वाला शब्दांश | शब्द के पीछे (अंत में) जुड़ने वाला शब्दांश |
| स्थान | मूल शब्द के पूर्व (before) | मूल शब्द के पश्चात (after) |
| अर्थ | अर्थ में परिवर्तन/विशेषता लाता है | अर्थ में विस्तार/व्याकरणिक बदलाव करता है |
| स्वतंत्र प्रयोग | नहीं हो सकता | नहीं हो सकता |
| उदाहरण | प्र + हार = प्रहार | हार + ना = हारना |
| उदाहरण 2 | वि + जय = विजय | जय + ी = जयी |
| उदाहरण 3 | सु + कर्म = सुकर्म | कर्म + शील = कर्मशील |
| संख्या (संस्कृत) | 22 | अनेक (गिनती कठिन) |
| संख्या (हिंदी) | 13 | अनेक |
| कार्य | नया अर्थ देता है | नया शब्द रूप/व्याकरणिक रूप देता है |
| English Equivalent | Prefix (Pre = पहले) | Suffix (Suf = बाद में) |
Simple trick to remember:
उपसर्ग = उप (समीप) + सर्ग (बनाना) = शब्द के “आगे” बनाने वाला
प्रत्यय = प्र + त्यय = शब्द के “पीछे” जाने वाला
Ek aur example से समझो:
“लेख” (writing) शब्द लो:
- प्र + लेख = प्रलेख (उपसर्ग आगे लगा → अर्थ बदला)
- लेख + क = लेखक (प्रत्यय पीछे लगा → नया शब्द बना: writer)
- लेख + नीय = लेखनीय (प्रत्यय पीछे लगा → विशेषण बना)
Dekha? उपसर्ग आगे लगता है और अर्थ बदलता है, प्रत्यय पीछे लगता है और शब्द का रूप/प्रकार बदलता है।
उपसर्ग याद करने की आसान Tricks — Mnemonics {#upsarg-tricks}
अब आते है मेरे favourite section पर — जो trick मेरे teacher ने मुझे सिखाई थी , और आज तक मैं नहीं भूला। अगर तुम ये tricks याद कर लो, तो उपसर्ग कभी नहीं भूलोगे!
Trick 1: संस्कृत के 22 उपसर्ग याद करने का Mnemonic
एक वाक्य बनाओ जिसमें हर शब्द का पहला अक्षर एक उपसर्ग हो:
“अ अ अ अ अ अ अ अ आ उ उ उ दु नि नि प प प प वि स सु”
इसे एक story की तरह याद करो:
“अति अधि अनु अन् अप अपि अभि अव, आया उत् उद् उप, दुख निकला निर्, परा परि प्र प्रति, विजय सम् सुखद!”
मतलब: “बहुत सारे (अति) श्रेष्ठ (अधि) पीछे-पीछे (अनु) अभाव (अन्) बुरे (अप) ढके (अपि) सामने (अभि) नीचे (अव), आया (आ) ऊँचा (उत्) ऊपर (उद्) निकट (उप), दुख (दुर्) निकला (नि) बाहर (निर्), उल्टा (परा) चारों ओर (परि) आगे (प्र) हर एक (प्रति), विशेष (वि) साथ (सम्) अच्छा (सु)!”
Trick 2: “हार” शब्द से 4 उपसर्ग याद करो
Ek hi शब्द “हार” लो और 4 उपसर्ग लगाओ:
- प्र + हार = प्रहार (चोट)
- आ + हार = आहार (खाना)
- सम् + हार = संहार (विनाश)
- वि + हार = विहार (घूमना)
जब भी exam में उपसर्ग का example देना हो, “हार” वाला trick use करो — 4 examples एक साथ!
Trick 3: तत्सम vs तद्भव — “Formal vs Desi” Rule
तत्सम = Formal Uncle (संस्कृत से सीधे, बिना बदले — जैसे अधिकार, आगमन)
तद्भव = Desi Dost (बदलकर आया, बोलचाल का — जैसे अछूता, कपूत, भरपेट)
Trick 4: आगत उपसर्ग — “उर्दू Movie Dialogues” Trick
उर्दू-फारसी उपसर्ग याद करने के लिए Bollywood dialogues सोचो:
- “बेशक!” (बे = बिना)
- “लापता हो गया!” (ला = बिना)
- “बदनाम हो गए!” (बद = बुरा)
- “खुश रहो!” (खुश = अच्छा)
- “ग़ैरकानूनी है!” (ग़ैर = निषेध)
- “हर दिन आता है!” (हर = प्रत्येक)
- “हम साथ हैं!” (हम = साथ)
- “नामुमकिन है!” (ना = नहीं)
Trick 5: “उपसर्ग आगे, प्रत्यय पीछे” — Hand Trick
अपना बायाँ हाथ आगे करो = उपसर्ग (आगे लगता है)
अपना दायाँ हाथ पीछे करो = प्रत्यय (पीछे लगता है)
जब मैंने पहली बार यह trick उसे की , मुझे कभी अब बातभूल नहीं हुआ कि कौन सा कहाँ लगता है!
Students की Common Mistakes — और उनसे कैसे बचें {#common-mistakes}
Mere experience mein, jo students yeh galtiyan करते हैं, वे exam में marks गँवा देते हैं। Chalo एक-एक करके देखते हैं:
Mistake 1: उपसर्ग और प्रत्यय में Confusion
गलती: “हारना” में “ना” को उपसर्ग मान लेना।
क्यों होती है: क्योंकि दोनों शब्दांश हैं और अर्थ बदलते हैं।
सही approach: याद रखो — उपसर्ग आगे लगता है, प्रत्यय पीछे। “ना” पीछे लगा है, तो यह प्रत्यय है।
Example: प्र+हार = प्रहार (उपसर्ग ✓) | हार+ना = हारना (प्रत्यय ✓)
Remember: “उप = आगे, प्र = पीछे”
Mistake 2: “वि” उपसर्ग का एक ही अर्थ मानना
गलती: “वि” का अर्थ सिर्फ “विशेष” बताना।
क्यों होती है: क्योंकि books में एक ही अर्थ लिखा मिलता है।
सही approach: “वि” के कई अर्थ हैं — विशेष (विजय), अभाव (विफल), भिन्न (विदेश)।
Example: वि+जय=विजय (विशेष) | वि+फल=विफल (अभाव) | वि+देश=विदेश (भिन्न)
Remember: एक उपसर्ग के कई अर्थ हो सकते हैं — context देखो!
Mistake 3: तत्सम और तद्भव में Confusion
गलती: “अछूता” को तत्सम उपसर्ग मानना।
क्यों होती है: क्योंकि “अ” दोनों जगह दिखता है।
सही approach: तत्सम = संस्कृत शब्दों के साथ (अधिकार, आगमन)। तद्भव = हिंदी/बोलचाल शब्दों के साथ (अछूता, कपूत, भरपेट)।
Example: अ+धर्म=अधर्म (तत्सम) | अ+छूता=अछूता (तद्भव)
Remember: Formal शब्द = तत्सम, Desi शब्द = तद्भव
Mistake 4: संधि वाले शब्दों में उपसर्ग न पहचानना
गलती: “व्याकरण” में उपसर्ग न देख पाना।
क्यों होती है: क्योंकि “वि+आ” मिलकर “व्या” बन गया है।
सही approach: संधि तोड़ो: व्या = वि + आ। तो “व्याकरण” में दो उपसर्ग हैं: वि और आ।
Example: व्याकरण = वि+आ+करण | समालोचन = सम्+आ+लोचन
Remember: “व्या” = वि+आ, “समा” = सम्+आ, “प्रत्य” = प्रति+अ
Mistake 5: “दुर्” और “दुस्” को अलग-अलग उपसर्ग मानना
गलती: “दुर्गम” और “दुस्साहस” में अलग-अलग उपसर्ग बताना।
क्यों होती है: क्योंकि रूप अलग दिखते हैं।
सही approach: दोनों एक ही उपसर्ग “दुः” के संधि रूप हैं। दुर्, दुस्, दूष्, दुश् — सब एक ही हैं।
Example: दुः → दुर् (दुर्गम), दुस् (दुस्साहस), दूष् (दुष्कर्म), दुश् (दुश्चरित्र)
Remember: मूल रूप “दुः” है — बाकी सब संधि के बाद बने रूप हैं।
Mistake 6: “पर” (तद्भव) और “परा/परि” (तत्सम) में Confusion
गलती: “परलोक” और “पराजय” में एक ही उपसर्ग मानना।
क्यों होती है: क्योंकि “पर” और “परा” मिलते-जुलते हैं।
सही approach: “पर” (तद्भव) = दूसरा, बाद का (परलोक, परोपकार)। “परा” (तत्सम) = उलट, नाश (पराजय, पराभव)। “परि” (तत्सम) = चारों ओर (परिवार, परिश्रम)।
Remember: पर ≠ परा ≠ परि — तीनों अलग उपसर्ग हैं!
Mistake 7: उपसर्ग की संख्या में Confusion
गलती: “हिंदी में 22 उपसर्ग हैं” बोल देना।
क्यों होती है: क्योंकि 22, 13, 19 — सब numbers मिलते हैं।
सही approach:
- संस्कृत (तत्सम) = 22 उपसर्ग
- हिंदी (तद्भव) = 13 उपसर्ग
- उर्दू-फारसी-अरबी (आगत) = 19 उपसर्ग
- अंग्रेज़ी (आगत) = 6 उपसर्ग
Remember: “22-13-19-6” — यह sequence याद रखो!
Exam में उपसर्ग से कैसे प्रश्न आते हैं? — पूरी Strategy {#exam-strategy}
अब बात करते हैं exam strategy की। Maine अलग-अलग exams के papers analyze किए हैं, और यहाँ बता रहा हूँ कि कहाँ से क्या आता है:
किन Exams में उपसर्ग से Questions आते हैं:
| Exam | Question Type | Marks | Frequency |
|---|---|---|---|
| CBSE Class 6-10 | MCQ + Short Answer | 2-4 marks | हर साल |
| CBSE Class 11-12 | MCQ + Short Answer | 2-3 marks | अक्सर |
| SSC (CGL, CHSL, MTS) | MCQ | 1-2 marks | हर exam |
| UPSC (CSAT) | MCQ | 1-2 marks | कभी-कभी |
| CTET / TET | MCQ | 1-2 marks | अक्सर |
| State Board Exams | Short/Long Answer | 2-5 marks | हर साल |
| Railway Exams | MCQ | 1-2 marks | अक्सर |
| Banking Exams | MCQ | 1-2 marks | कभी-कभी |
Question Types जो आते हैं:
Type 1: “बताइए इस शब्द में कौन सा उपसर्ग है?”
→ Example: “पर्यावरण में किस उपसर्ग का प्रयोग है?” (उत्तर: परि)
Type 2: “उपसर्ग जोड़कर नया शब्द बनाइए”
→ Example: “प्र + गति = ?” (उत्तर: प्रगति)
Type 3: “उपसर्ग का अर्थ बताइए”
→ Example: “‘अति’ उपसर्ग का अर्थ क्या है?” (उत्तर: अधिक, परे)
Type 4: “उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर बताइए”
→ 2-3 marks का short answer
Type 5: “तत्सम/तद्भव/आगत उपसर्ग पहचानिए”
→ Example: “‘भरपेट’ में कौन सा उपसर्ग है और वह किस प्रकार का है?” (उत्तर: भर, तद्भव)
Type 6: “उपसर्ग से विलोम शब्द बनाइए”
→ Example: “सत्य का विलोम = असत्य (अ उपसर्ग से)”
Scoring Strategy:
“इस topic से maximum 4-5 marks आते है (board exam में), aur agar tum 22 संस्कृत + 13 हिंदी + 19 उर्दू उपसर्ग के अर्थ और 2-2 examples याद कर लो, तोह पूरे marks पक्के हैं | Bas ‘शब्द में उपसर्ग पहचानो’ wale questions की practice ज़रूर करना — यही सबसे ज़्यादा आते हैं!”
⏱️ Time Management Tip:
MCQ में उपसर्ग का question आए तो 10-15 seconds में solve करना है। Trick: शब्द के पहले 1-3 अक्षर हटाओ, पीछे meaningful शब्द बचा? हाँ → वो उपसर्ग है। बस!
Short Answer (2 marks) में definition + 2 examples काफी हैं। Long Answer (4-5 marks) में definition + types + 5 examples + comparison with प्रत्यय लिखो।
📝 Previous Year Question Examples:
CBSE Class 10 (2023):
“निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग पहचानिए: (क) अध्ययन (ख) विनाश (ग) संहार”
SSC CGL (2022):
“‘पर्यावरण’ शब्द में कौन सा उपसर्ग प्रयुक्त हुआ है?”
(A) पर (B) परा (C) परि (D) प्र
उत्तर: (C) परि
CTET (2023):
“उपसर्ग और प्रत्यय में दो अंतर लिखिए।”
UPSC CSAT (2021):
“‘व्याकरण’ शब्द में कौन-कौन से उपसर्ग हैं?”
उत्तर: वि + आ (दो उपसर्ग)
State Board (UP, Bihar, MP):
“तत्सम और तद्भव उपसर्ग में अंतर स्पष्ट कीजिए। उदाहरण सहित।”
Exam Tip: Board exam में अगर “उपसर्ग के उदाहरण दीजिए” आए, तो कम से कम 10 examples दो — 5 तत्सम, 3 तद्भव, 2 आगत। इससे examiner को लगेगा कि तुम्हें तीनों types आते हैं, और full marks मिलेंगे!

Real Life में उपसर्ग का Use — यह Topic Important क्यों है? {#real-life-use}
Ab tum soch रहे होगे — “Yeh upsarg padh ke kya fayda hoga? Real life में कहाँ use आता है?” Main batata hoon:
1. 📰 Newspaper & Media में
जब तुम अखबार पढ़ते हो, तो हर दूसरे शब्द में उपसर्ग है:
- “प्रधानमंत्री” (प्र = मुख्य)
- “अध्यक्ष ने कहा” (अधि = श्रेष्ठ)
- “परिस्थिति बिगड़ी” (परि = चारों ओर)
- “अनुमान है” (अनु = पीछे, अनुसार)
- “विपक्ष ने विरोध किया” (वि = भिन्न, उलट)
2. 💼 Government & Administration में
सरकारी भाषा उपसर्गों से भरी है:
- “उपराष्ट्रपति” (उप = सहायक, गौण)
- “प्रतिनिधि सभा” (प्रति = प्रत्येक)
- “अधिसूचना जारी” (अधि = ऊपर से)
- “निर्देश दिए” (निर् = बाहर, स्पष्ट)
- “सम्विधान” (सम् = अच्छा, साथ)
3. 🗣️ Daily Conversation में
रोज़मर्रा की बातचीत में:
- “खुशबू आ रही है” (खुश = अच्छा)
- “बदमाश आदमी” (बद = बुरा)
- “बेकार है” (बे = बिना)
- “लापता हो गया” (ला = बिना)
- “हर दिन आता है” (हर = प्रत्येक)
- “कमज़ोर है” (कम = थोड़ा)
4. 📚 Higher Studies & Competitive Exams में
UPSC, SSC, Banking, Railway — हर competitive exam में Hindi Grammar section में उपसर्ग से 1-2 questions ज़रूर आते हैं। CTET/TET में तो यह guaranteed topic है।
5. ✍️ Writing & Communication Skills में
अगर तुम्हें अच्छा Hindi लिखना है — essay, letter, report — तो उपसर्गों का सही प्रयोग तुम्हारी भाषा को formal, precise, और प्रभावशाली बनाता है। “बुरा काम” की जगह “दुष्कर्म” लिखो, “अच्छा काम” की जगह “सुकर्म” — देखो कितना professional लगता है!
6. 🌍 Career Opportunities
- Translation (अनुवादक) — उपसर्ग समझना ज़रूरी
- Content Writing (Hindi) — सही शब्द चयन
- Teaching (Hindi Teacher) — CTET/TET clear करना
- Journalism — सटीक भाषा
- Law — कानूनी भाषा में उपसर्ग (अधिकार, अपराध, अभियोग)
- Administration — सरकारी पत्राचार
Toh देखा? उपसर्ग सिर्फ exam का topic नहीं है — यह तुम्हारी पूरी Hindi भाषा की नींव है। Jitna अच्छा उपसर्ग समझोगे, उतनी अच्छी Hindi बोलोगे और लिखोगे!
उपसर्ग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) {#faqs}
Q1: उपसर्ग किसे कहते हैं? (Upsarg kise kahate hain?)
उपसर्ग वे शब्दांश (word parts) हैं जो किसी मूल शब्द के आरंभ (शुरुआत) में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन, विस्तार, या विशेषता ला देते हैं। सरल भाषा में — जो शब्द के “आगे” लगकर उसका मतलब बदल दे, वह उपसर्ग है। जैसे “प्र + हार = प्रहार” — यहाँ “प्र” उपसर्ग है जिसने “हार” (पराजय) का अर्थ बदलकर “प्रहार” (चोट करना) बना दिया। उपसर्ग का अपना कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं होता — यह हमेशा किसी शब्द के साथ जुड़कर ही अर्थ देता है। English में इसे “Prefix” कहते हैं।
Q2: उपसर्ग कितने प्रकार के होते हैं? (Upsarg kitne prakar ke hote hain?)
हिंदी में उपसर्ग मुख्यतः 3 प्रकार के होते हैं: (1) तत्सम उपसर्ग — जो संस्कृत से ज्यों-के-त्यों हिंदी में आए (जैसे: अधिकार, आगमन, प्रगति), (2) तद्भव उपसर्ग — जो संस्कृत से विकसित होकर बदले हुए रूप में हिंदी में प्रचलित हुए (जैसे: अछूता, कपूत, भरपेट), और (3) आगत उपसर्ग — जो उर्दू, फारसी, अरबी, अंग्रेज़ी जैसी विदेशी भाषाओं से आए (जैसे: बदनाम, खुशबू, बेईमान)। संख्या की बात करें तो: संस्कृत में 22, हिंदी में 13, उर्दू-फारसी में 19, और अंग्रेज़ी में 6 प्रमुख उपसर्ग हैं।
Q3: उपसर्ग और प्रत्यय में क्या अंतर है? (Upsarg aur pratyay mein kya antar hai?)
उपसर्ग और प्रत्यय दोनों शब्दांश हैं, लेकिन इनमें मुख्य अंतर स्थान (position) का है। उपसर्ग शब्द के आगे (शुरुआत में) लगता है और अर्थ में परिवर्तन/विशेषता लाता है — जैसे प्र+हार=प्रहार। प्रत्यय शब्द के पीछे (अंत में) लगता है और शब्द का व्याकरणिक रूप/प्रकार बदलता है — जैसे हार+ना=हारना, लेख+क=लेखक। याद रखने की trick: “उप = आगे (उपसर्ग), प्र = पीछे (प्रत्यय)”। दोनों का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता, लेकिन उपसर्ग अर्थ बदलता है जबकि प्रत्यय शब्द का रूप बदलता है।
Q4: हिंदी में कितने उपसर्ग होते हैं? (Hindi mein kitne upsarg hote hain?)
यह सवाल students को सबसे ज़्यादा confuse करता है क्योंकि अलग-अलग numbers मिलते हैं। Clear answer यह है: हिंदी (तद्भव) में 13 प्रमुख उपसर्ग हैं — अ, अन, क, कु, दु, नि, औ/अव, भर, सु, अध, उन, पर, बिन। लेकिन अगर संस्कृत (तत्सम) की बात करें तो 22 उपसर्ग हैं। उर्दू-फारसी-अरबी (आगत) में 19 उपसर्ग हैं, और अंग्रेज़ी (आगत) में 6 उपसर्ग हैं। तो कुल मिलाकर हिंदी भाषा में सभी प्रकार के उपसर्गों की संख्या 60+ है, लेकिन exam में “हिंदी के उपसर्ग” पूछें तो 13 और “संस्कृत के उपसर्ग” पूछें तो 22 लिखना है।
Q5: संस्कृत में कितने उपसर्ग होते हैं? (Sanskrit mein upsarg kitne hain?)
संस्कृत भाषा में 22 प्रमुख उपसर्ग माने जाते हैं। ये हैं: अति, अधि, अनु, अन्, अप, अपि, अभि, अव, आ, उत्, उद्, उप, दुर्/दुस्, नि, निर्/निस्, परा, परि, प्र, प्रति, वि, सम्, सु। ये सभी तत्सम उपसर्ग हैं जो संस्कृत से सीधे हिंदी में आए हैं। इनमें से कुछ के संधि रूप भी होते हैं — जैसे “दुः” से दुर्, दुस्, दूष्, दुश् बनते हैं, और “निः” से निर्, निस्, निश्, निष् बनते हैं। NCERT और सभी board exams में 22 की संख्या ही standard मानी जाती है।
Q6: “अध्यक्ष” में कौन सा उपसर्ग है? (Adhyaksh mein kaun sa upsarg hai?)
“अध्यक्ष” शब्द में “अधि” उपसर्ग है। इसे तोड़ो: अधि + अध्यक्ष = अध्यक्ष। “अधि” उपसर्ग का अर्थ है “ऊपर, श्रेष्ठ, मुख्य”। तो “अध्यक्ष” का अर्थ हुआ — “सभा का मुख्य/श्रेष्ठ व्यक्ति” यानी सभापति (Chairman/President)। Exam में यह question बहुत आता है — SSC, CTET, और Board exams में। ध्यान रखो: “अधि” और “अध्य” में confuse मत होना — “अध्य” मूल शब्द है और “अधि” उपसर्ग है।
Q7: “परिवर्तन” में कौन सा उपसर्ग है? (Parivartan mein kaun upsarg hai?)
“परिवर्तन” शब्द में “परि” उपसर्ग है। तोड़ो: परि + वर्तन = परिवर्तन। “परि” उपसर्ग का अर्थ है “चारों ओर, पूर्ण, आसपास”। तो “परिवर्तन” का अर्थ हुआ — “चारों ओर से बदलना” यानी complete change। ध्यान रखो: “परि” और “परा” और “पर” — तीनों अलग-अलग उपसर्ग हैं! “परि” = चारों ओर (परिवार, परिश्रम), “परा” = उलट/नाश (पराजय, पराभव), “पर” = दूसरा/बाद का (परलोक, परोपकार)।
Q8: “पर्यावरण” में किस उपसर्ग का प्रयोग है? (Paryavaran mein kis upsarg ka prayog hai?)
“पर्यावरण” शब्द में “परि” उपसर्ग का प्रयोग है। इसकी संधि समझो: परि + आ + वरण = पर्यावरण (परि+आ = पर्या)। यहाँ वास्तव में दो उपसर्ग हैं: “परि” (चारों ओर) और “आ” (पूर्ण)। लेकिन exam में अगर एक ही उत्तर देना हो तो “परि” लिखो, क्योंकि यह primary उपसर्ग है। “पर्यावरण” का अर्थ है — “चारों ओर से पूर्ण रूप से आवृत करने वाला” यानी environment। यह question SSC और CTET में बार-बार आता है।
Q9: “सुगम” में कौन सा उपसर्ग है? (Sugam mein kaun upsarg hai?)
“सुगम” शब्द में “सु” उपसर्ग है। तोड़ो: सु + गम = सुगम। “सु” उपसर्ग का अर्थ है “अच्छा, श्रेष्ठ, सहज”। “गम” का अर्थ है “जाना, चलना”। तो “सुगम” का अर्थ हुआ — “आसानी से जाने योग्य” यानी easy, सरल। ध्यान रखो: “सु” उपसर्ग तत्सम (संस्कृत) और तद्भव (हिंदी) — दोनों में आता है। तत्सम में: सुकर्म, सुभाषित, सुगंध। तद्भव में: सुडौल, सुजान, सुघड़। “सुगम” तत्सम श्रेणी में आता है।
Q10: उपसर्ग को कैसे याद करें? (Upsarg kaise yaad karen?)
उपसर्ग याद करने की सबसे आसान trick यह है: (1) “हार” वाला trick — एक शब्द “हार” लो और 4 उपसर्ग लगाओ: प्र+हार=प्रहार, आ+हार=आहार, सम्+हार=संहार, वि+हार=विहार। (2) “22-13-19-6” number trick — संस्कृत=22, हिंदी=13, उर्दू=19, अंग्रेज़ी=6। (3) Story method — “अति अधि अनु अप अभि अव, आया उत् उद् उप, दुख नि निकला निर्, परा परि प्र प्रति, वि सम् सु!” — यह एक वाक्य में सभी 22 संस्कृत उपसर्ग आ जाते हैं। (4) Bollywood trick — उर्दू उपसर्ग के लिए dialogues याद करो: “बेशक!”, “लापता!”, “बदनाम!”, “खुश रहो!” (5) Daily practice — रोज़ 5 नए शब्दों का उपसर्ग पहचानो।
Q11: उपसर्ग का विलोम शब्द क्या है? (Upsarg ka vilom shabd kya hai?)
यह एक tricky question है! “उपसर्ग” शब्द का सीधा विलोम (antonym) व्याकरण में नहीं होता, क्योंकि यह एक technical term है। लेकिन अगर concept की बात करें, तो उपसर्ग (शब्द के आगे लगने वाला) का विपरीत प्रत्यय (शब्द के पीछे लगने वाला) माना जा सकता है। वहीं, “उपसर्ग” शब्द के अन्य अर्थों के विलोम देखें: “अपशगुन” का विलोम = “शुभ शगुन”, “विघ्न/बाधा” का विलोम = “सहायता/सुविधा”, “by-product” का विलोम = “मुख्य उत्पाद (main product)”। Exam में अगर “उपसर्ग का विलोम” पूछा जाए, तो context देखकर उत्तर दो।
Q12: “अप” उपसर्ग से शब्द बनाइए। (Ap upsarg se shabd banaiye)
“अप” उपसर्ग का अर्थ है “बुरा, हीन, विरुद्ध, दूर”। इससे बनने वाले प्रमुख शब्द: अपमान (बेइज्जती), अपकार (बुरा काम), अपयश (बदनामी), अपराध (गुनाह), अपहरण (जबरन ले जाना), अपव्यय (बेकार खर्च), अपशकुन (बुरा लक्षण), अपकीर्ति (बदनामी), अपकर्ष (हीनता), अपभ्रंश (भाषा का बिगड़ा रूप), अपशब्द (गलत शब्द), अपजय (हार)। Exam tip: “अप” और “अपि” में confuse मत होना — “अप” = बुरा/हीन, “अपि” = आवरण/ढकना (अपिधान)।
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अगर तुम उपसर्ग समझ गए हो, तो अब ये topics पढ़ना बहुत ज़रूरी है क्योंकि ये सब Hindi Grammar के interconnected parts हैं:
- → प्रत्यय (Pratyay) — पूरी जानकारी: उपसर्ग के बाद सबसे ज़रूरी topic! क्योंकि exam में “उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर” वाला question guaranteed आता है। प्रत्यय समझोगे तो शब्द निर्माण का पूरा concept clear हो जाएगा।
- → संधि (Sandhi) — Rules & Examples: उपसर्ग जोड़ते समय संधि होती है (जैसे वि+आ=व्या, सम्+आ=समा)। संधि नहीं समझोगे तो “व्याकरण”, “समालोचन” जैसे शब्दों में उपसर्ग नहीं पहचान पाओगे।
- → समास (Samas) — Complete Guide: उपसर्ग और समास में overlap है। “ति+राहा=तिराहा” में उपसर्ग भी है और द्विगु समास भी। दोनों का अंतर समझना ज़रूरी है।
- → तत्सम-तद्भव शब्द: उपसर्ग के भेद (तत्सम, तद्भव) समझने के लिए तत्सम-तद्भव शब्दों का concept clear होना चाहिए।
- → विलोम शब्द (Antonyms): “अ” और “अन” उपसर्ग से विलोम शब्द बनते हैं (सत्य→असत्य, न्याय→अन्याय)। यह topic exam में बहुत आता है।
- → शब्द भेद (तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी): उपसर्ग का वर्गीकरण शब्द भेद से जुड़ा है। आगत उपसर्ग = विदेशी शब्द।
- → Hindi Grammar Complete Notes (Class 6-12): अगर तुम board exam की तैयारी कर रहे हो, तो पूरी Hindi Grammar एक जगह पढ़ लो — संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, कारक, संधि, समास, अलंकार — सब कुछ।
- → CTET/TET Hindi Preparation Guide: अगर teaching exam की तैयारी है, तो Hindi Grammar section का complete revision ज़रूरी है — उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास, रस, छंद, अलंकार।
निष्कर्ष — उपसर्ग को आज से ही Master करो! {#conclusion}
तोह दोस्तों ,मैं उम्मीद करता हूँ की अब उपसर्ग (upsarg) tumhare लिए कोई मुश्किल topic नहीं रहा। चलो एक last time summarize करते हैं:
आज तुमने सीखा:
- उपसर्ग = शब्द के आगे जुड़कर अर्थ बदलने वाला शब्दांश
- 3 भेद: तत्सम (22), तद्भव (13), आगत (19+6)
- पहचान trick: शब्द तोड़ो → पीछे meaningful शब्द बचे → आगे का हिस्सा = उपसर्ग
- उपसर्ग ≠ प्रत्यय (आगे ≠ पीछे)
- Exam strategy: “शब्द में कौन उपसर्ग है?” वाले questions की practice
सच बताऊँ तो , जब मैंने पहली बार ये topic पढ़ा था , मुझे भी लगा था कि “इतने सारे उपसर्ग, इतने सारे अर्थ — कभी याद नहीं होंगे!” लेकिन जब मैंने “हार” वाला trick और “22-13-19-6” number trick अपनाई, तो सब कुछ आसान हो गया। और आज मैं confidently कह सकता हूँ कि उपसर्ग Hindi Grammar का सबसे scoring topic है — बस एक बार समझ लो, फिर कभी नहीं भूलोगे।
अगर तुम्हारे कोई भी सवाल हैं उपसर्ग के बारे में — चाहे कोई specific शब्द हो जिसमें उपसर्ग पहचानने में दिक्कत हो, या कोई exam question solve करना हो — तो नीचे comment में ज़रूर लिखना ! मैं personally जवाब दूंगा !
और हाँ — इस article को आपने दोस्तों और classmates के साथ WhatsApp group में share करो , ताकि उन्हें भी उपसर्ग समझने में help हो! Ek share से किसी का exam बच सकता है!






